Fake Betting App Fraud Gang : महादेव महाकाल फर्जी बेटिंग ऐप ठगी गिरोह बेनकाब, दो गिरफ्तार
Fake Betting App Fraud Gang : साइबर थाना पुलिस ने “महादेव महाकाल” फर्जी बेटिंग ऐप से करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह को पकड़ा। दो आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड शिवम कुमार फरार। जांच जारी, डिजिटल साक्ष्य बरामद। जनता से सतर्क रहने की अपील। इस गिरोह का नेटवर्क अन्य राज्यों तक फैला हो सकता है।
Fake Betting App Fraud Gang : महादेव महाकाल फर्जी बेटिंग ऐप से करोड़ों की ठगी करने वाला साइबर गिरोह बेनकाब
गिरोह का पर्दाफाश और गिरफ्तारी
बरेली। साइबर थाना पुलिस ने “महादेव महाकाल” नाम के फर्जी बेटिंग ऐप से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में दो आरोपियों सूर्यभान पटेल और विनीत को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, गिरोह का मुख्य सरगना शिवम कुमार अभी फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
गिरोह का काम करने का तरीका
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह सुनियोजित तरीके से कॉल सेंटर संचालित कर रहा था। आरोपी खुद को ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ा बताकर लोगों को आकर्षक ऑफर देते थे।
- शुरुआत में छोटे मुनाफे दिखाकर लोगों का विश्वास जीतते थे।
- फिर बड़ी रकम निवेश कराने के नाम पर ठगी करते थे।
- सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप और कॉल के माध्यम से लोगों से संपर्क किया जाता था।
- जैसे ही निवेश होता, पैसे गायब और संपर्क टूट जाता था।
ऐप की पूरी तरह फर्जी प्रकृति
जांच में सामने आया कि “महादेव महाकाल” ऐप पूरी तरह फर्जी था। इसका इस्तेमाल केवल लोगों को झांसा देकर पैसे ऐंठने के लिए किया जाता था। जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने “महादेव महाकाल” नाम के फर्जी बेटिंग ऐप के जरिए ऑनलाइन करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूर्यभान पटेल और विनीत के रूप में हुई है, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना शिवम कुमार अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से कॉल सेंटर संचालित कर देशभर के लोगों को अपने जाल में फंसाता था। आरोपी खुद को ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ा बताकर लोगों को आकर्षक ऑफर देते थे। शुरुआत में लोगों को छोटे-छोटे मुनाफे दिखाकर उनका विश्वास जीता जाता था, जिसके बाद उनसे बड़ी रकम निवेश कराने के नाम पर ठगी की जाती थी।

जांच में सामने आया है कि “महादेव महाकाल” नाम का यह ऐप पूरी तरह फर्जी था और इसके जरिए लोगों को झांसा देकर पैसे ऐंठे जाते थे। आरोपी सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप और कॉल के माध्यम से लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें जल्दी पैसा कमाने का लालच देते थे। जैसे ही लोग निवेश करते थे, उनके पैसे गायब कर दिए जाते थे और संपर्क भी तोड़ दिया जाता था।
साइबर थाना पुलिस ने सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से इस गिरोह तक पहुंच बनाई। काफी समय से इस नेटवर्क पर नजर रखी जा रही थी। ठोस सबूत मिलने के बाद पुलिस टीम ने छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में फर्जी डाटा, कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा रहा था।
पुलिस का दावा है कि यह गिरोह अब तक सैकड़ों करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दे चुका है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो फरार मास्टरमाइंड शिवम कुमार की गिरफ्तारी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान में जुटी हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं, इसलिए जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। बरामद डाटा का विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि किन-किन लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया है और कुल कितनी रकम की धोखाधड़ी हुई है।
साइबर थाना पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान ऐप या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेश करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें। यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध कॉल या मैसेज के जरिए पैसे मांगता है, तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।
फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा तथा इस बड़े साइबर ठगी रैकेट से जुड़े कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

