Birth Anniversary special : मधुबाला की 93वीं बर्थ एनिवर्सरी, दिलीप कुमार से टूटा रिश्ता, अनारकली की अमर दास्तान
Birth Anniversary special : मधुबाला की 93वीं जयंती पर जानिए उनकी जिंदगी के अनसुने किस्से, दिलीप कुमार से अधूरी प्रेम कहानी, किशोर कुमार से शादी, गंभीर दिल की बीमारी से संघर्ष और ‘मुगल-ए-आजम’ में अनारकली के अमर किरदार तक का सफर। पढ़ें पूरी जीवनी और फिल्मी करियर की खास बातें।
Birth Anniversary special : मधुबाला की 93वीं बर्थ एनिवर्सरी
14 फरवरी 1933 को दिल्ली में जन्मी मुमताज जहां बेगम देहलवी आगे चलकर भारतीय सिनेमा की सबसे खूबसूरत और प्रतिभाशाली अदाकारा बनीं—दुनिया उन्हें Madhubala के नाम से जानती है। 93वीं बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर आइए उनके संघर्ष, प्रेम, बीमारी और अमर किरदारों की कहानी को विस्तार से जानते हैं।
बचपन: गरीबी, बीमारी और बड़े सपने

मधुबाला का जन्म एक पश्तून मुस्लिम परिवार में हुआ। उनके पिता अताउल्लाह खान दिल्ली में नौकरी करते थे। परिवार को यह नहीं पता था कि मधुबाला को जन्म से ही वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (दिल में छेद) नाम की गंभीर बीमारी थी। उस दौर में इसका इलाज संभव नहीं था।
घर में आर्थिक तंगी थी। मधुबाला ने कभी स्कूल की पढ़ाई नहीं की, लेकिन उर्दू, हिंदी और पश्तो भाषाओं पर उनकी मजबूत पकड़ थी। आईने के सामने फिल्मी सीन दोहराना उनका पसंदीदा शौक था।
बॉम्बे टॉकीज से शुरुआत

1941 में उनका परिवार बंबई (अब मुंबई) पहुंचा। बॉम्बे टॉकीज से उन्हें फिल्म बसंत में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में मौका मिला। इसके बाद कई छोटे रोल किए। उस समय उनका स्क्रीन नाम ‘बेबी मुमताज’ था।
1947 में फिल्म नील कमल में राज कपूर के साथ लीड रोल ने उन्हें पहचान दिलाई। इसी दौर में देविका रानी की सलाह पर उनका नाम बदलकर ‘मधुबाला’ रखा गया।
स्टारडम की उड़ान
1949 की फिल्म महल ने मधुबाला को सुपरस्टार बना दिया। इसके बाद दुलारी, बेकसूर, बादल, सैयां जैसी फिल्मों ने उनकी लोकप्रियता को और बढ़ाया।
1955 में गुरु दत्त की फिल्म Mr. & Mrs. 55 ने उनकी कॉमिक टाइमिंग को साबित किया।
1958 में काला पानी और हावड़ा ब्रिज जैसी हिट फिल्मों के बाद 1960 में आई Mughal-e-Azam ने उन्हें अमर बना दिया।

अनारकली के किरदार में उनकी अदाकारी, भारी जंजीरों में शूटिंग और खराब सेहत के बावजूद समर्पण—ये सब उन्हें भारतीय सिनेमा की ‘वीनस’ बना गए।
Birth Anniversary special : दिलीप कुमार और अधूरी मोहब्बत

Dilip Kumar और मधुबाला की प्रेम कहानी हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित कहानियों में से एक रही। फिल्म तराना के सेट से शुरू हुआ यह रिश्ता करीब नौ साल तक चला।
फिल्म नया दौर के दौरान आउटडोर शूटिंग को लेकर विवाद हुआ। मामला कोर्ट तक पहुंचा। अदालत में दिलीप कुमार ने निर्माता के पक्ष में गवाही दी।
बताया जाता है कि मधुबाला के पिता चाहते थे कि दिलीप कुमार एक ‘सॉरी’ कह दें, ताकि रिश्ते में आई कड़वाहट खत्म हो सके। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। और इसी के साथ यह रिश्ता टूट गया।
विडंबना यह रही कि दोनों को बाद में मुगल-ए-आजम में साथ काम करना पड़ा, जबकि निजी जीवन में वे दूर हो चुके थे।
धर्मेंद्र भी भूल जाते थे डायलॉग
मधुबाला की खूबसूरती का असर सिर्फ दर्शकों पर ही नहीं, सह-कलाकारों पर भी पड़ता था। कहा जाता है कि Dharmendra ने मजाक में कहा था कि उन्हें देखते ही वे डायलॉग भूल जाते थे।
उनकी सुंदरता के चर्चे उस दौर में इतने मशहूर थे कि हॉलीवुड तक उन्हें ‘द मोस्ट ब्यूटीफुल वुमन’ कहा गया।
Birth Anniversary special :किशोर कुमार से शादी
1960 में मधुबाला ने सिंगर और अभिनेता Kishore Kumar से शादी की। दोनों फिल्म चलती का नाम गाड़ी के दौरान करीब आए थे।
शादी के समय मधुबाला गंभीर हृदय रोग से जूझ रही थीं। लंदन में डॉक्टरों ने सीमित जीवनकाल की बात कही थी। इसके बावजूद उन्होंने शादी का फैसला किया।
हालांकि, शादीशुदा जीवन आसान नहीं रहा। बीमारी के कारण वे लंबे समय तक बिस्तर पर रहीं।
Birth Anniversary special : आखिरी दिन और अमर विरासत
1960 के बाद मधुबाला ने धीरे-धीरे फिल्मों से दूरी बना ली। 23 फरवरी 1969 को मात्र 36 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली।
कम उम्र, गंभीर बीमारी और निजी संघर्षों के बावजूद उन्होंने भारतीय सिनेमा को जो दिया, वह अमूल्य है।
आज, उनकी 93वीं जयंती पर भी अनारकली का चेहरा, हावड़ा ब्रिज का गाना “आइए मेहरबान” और उनकी मासूम मुस्कान दर्शकों के दिलों में जिंदा है।
मधुबाला सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं थीं—वो भारतीय सिनेमा के स्वर्ण युग की सबसे चमकदार कहानी थीं, जो कभी धुंधली नहीं पड़ेगी।

