Jalebi Race : मदन राठौड़ का तीखा हमला: कांग्रेस में जलेबी रेस, महिला आरक्षण पर विरोध जारी
Jalebi Race : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस नेताओं गहलोत, जूली और डोटासरा पर तीखी टिप्पणी की। जलेबी रेस और महिला आरक्षण बिल पर विरोध को लेकर राठौड़ ने कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि कांग्रेस का ध्यान धरातल से हटकर बयानबाजी और सोशल मीडिया पर केंद्रित है।
Jalebi Race : जलेबी रेस में कांग्रेस के नेता
जयपुर : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस के भीतर चल रही राजनीतिक गतिविधियों पर तीखा हमला किया। राठौड़ ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा “जलेबी रेस” में शामिल हैं, जिसमें हर कोई अवसर लपकने के लिए दौड़ रहा है।
राठौड़ के अनुसार, गहलोत जी अब तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उनके पास कोई कार्य नहीं बचा है। इसलिए वे सोशल मीडिया पर सीरीज चला रहे हैं, जिसे मनोरंजन और व्यस्तता दिखाने के लिए किया जा रहा है। राठौड़ ने कहा, “वे हर जगह फायदा देख रहे हैं, जबकि हर जगह फायदा खोजना सही नहीं है। उन्हें जनहित के कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। उनके बयानों में गंभीरता कम हो गई है।”
वरिष्ठ नेताओं का विरोध और डोटासरा की भूमिका

राठौड़ ने कांग्रेस के भीतर वरिष्ठ नेताओं के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि डोटासरा जैसे वरिष्ठ नेता भी सुर्खियों में बने रहने के लिए हर कार्य में नुक्ताचीनी कर रहे हैं। राठौड़ ने कहा, “महिलाओं के एक सकारात्मक सामाजिक कार्यक्रम का विरोध करना कांग्रेस का दोहरा चरित्र दिखाता है। जब पुरुष कार्यक्रम करते हैं, तो उन्हें समर्थन मिलता है, वहीं महिलाएं आगे आएं तो विरोध।”
राठौड़ ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि एनएसयूआई नेताओं की नई राजनीति अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जोड़कर भ्रामक नैरेटिव फैलाना बन गई है। उनका सवाल था कि क्या पद पाने की योग्यता केवल विरोध और सोशल मीडिया पर नैरेटिव खड़ा करना रह गया है।
महिला आरक्षण पर भाजपा का रुख
मदन राठौड़ ने महिला आरक्षण बिल पर कहा कि यह विधेयक लोकसभा में सर्वसम्मति से पारित हुआ, जिसमें कांग्रेस भी शामिल थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अब उसी बिल पर विरोध क्यों किया जा रहा है। राठौड़ ने कहा, “कांग्रेस को डर सता रहा है कि उनकी जमीन खिसक सकती है। महिलाएं इस बिल का विरोध कभी स्वीकार नहीं करेंगी। कांग्रेस स्पष्ट करे कि वे महिलाओं को आगे लाना चाहते हैं या नहीं।”
जलेबी रेस में नेताओं की दौड़
राठौड़ ने कहा कि डोटासरा डरते हैं कि कहीं जूली उनसे आगे न निकल जाए। वहीं गहलोत साहब को यह महसूस हो रहा है कि उनके साथ जूली और डोटासरा भी राजनीति में आगे बढ़ने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सभी नेता संगठन मजबूत करने के बजाय व्यक्तिगत लाभ और सुर्खियों के लिए काम कर रहे हैं।
राठौड़ ने सोशल मीडिया पर सक्रिय बयानों को “वक्तव्य, स्टेटमेंट और ट्विट की राजनीति” करार दिया। उनका कहना था कि कांग्रेस को धरातल पर उतरकर संगठन को मजबूत करना चाहिए, तभी विपक्ष लोकतंत्र में मजबूत बनेगा।
कांग्रेस की धरातलीय राजनीति पर सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज की कांग्रेस की राजनीति वक्तव्य और सोशल मीडिया केंद्रित है। वे परिवारवाद और व्यक्तिगत स्वार्थ को प्राथमिकता दे रहे हैं। राठौड़ ने कहा, “अगर कांग्रेस अपने संगठन और लोकतंत्र को मजबूत करना चाहती है, तो उसे ट्विट और बयानबाजी से हटकर धरातल पर काम करना होगा। वर्तमान स्थिति में उनके बयान और विरोध केवल राजनीतिक स्वार्थ के लिए हैं।”
निष्कर्ष
मदन राठौड़ के अनुसार, महिला सशक्तिकरण जैसे गंभीर विषय को राजनीतिक स्वार्थ की भेंट चढ़ाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कांग्रेस से स्पष्टता की मांग की कि क्या वे महिलाओं के हित में हैं या नहीं। राठौड़ ने जोर देकर कहा कि भाजपा लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष की भूमिका का समर्थन करती है, और कांग्रेस को अपने दृष्टिकोण में सुधार लाना चाहिए।

