Politics Updates : मदन राठौड़ का गहलोत पर हमला, पाकिस्तान भक्ति का आरोप, राष्ट्रभक्ति पर उठाए सवाल

Politics Updates : जयपुर में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने अशोक गहलोत पर पाकिस्तान भक्ति का आरोप लगाया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान पर गहलोत की प्रतिक्रिया की आलोचना की। रिफाइनरी प्रोजेक्ट, पानी सप्लाई और कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। पूरी खबर विस्तार से पढ़ें।
Politics Updates : जयपुर में सियासी बयानबाजी तेज, मदन राठौड़ का गहलोत पर बड़ा हमला
राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। जयपुर में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “पाकिस्तान भक्त” तक करार दे दिया।
राठौड़ ने यह बयान उस वक्त दिया जब गहलोत ने विदेश मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया दी थी। इस मुद्दे को लेकर अब प्रदेश में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
विदेश नीति पर बयान को लेकर विवाद
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान पर सवाल उठाए।
राठौड़ ने कहा कि जयशंकर ने पाकिस्तान की मध्यस्थता पर टिप्पणी करते हुए स्पष्ट कहा था कि भारत किसी भी तरह से “दलाल देश” की भूमिका नहीं निभाता। इसके बावजूद गहलोत ने इस बयान को लेकर माफी की मांग की, जो पूरी तरह अनुचित है।
“राष्ट्रभक्ति या पाकिस्तान भक्ति?”—राठौड़ का सवाल
मदन राठौड़ ने गहलोत की टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह समझ से परे है कि उनकी सहानुभूति आखिर किसके साथ है।
उन्होंने कहा:
“यह साफ होना चाहिए कि अशोक गहलोत की सहानुभूति देश के साथ है या पाकिस्तान के साथ। अगर वे पाकिस्तान के पक्ष में बोलते हैं, तो यह उनकी राष्ट्रभक्ति पर सवाल खड़ा करता है।”
राठौड़ ने आगे कहा कि विपक्ष से भी देशहित में सोचने और राष्ट्रभक्ति की उम्मीद की जाती है।
कांग्रेस पर विकास विरोधी होने का आरोप
मदन राठौड़ ने केवल विदेश नीति ही नहीं, बल्कि राज्य के विकास कार्यों को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी राजस्थान के हितों को प्राथमिकता नहीं दी। विशेष रूप से रिफाइनरी प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने जल्दबाजी में फैसले लेकर राज्य को नुकसान पहुंचाया।
रिफाइनरी प्रोजेक्ट पर बीजेपी का पक्ष
राठौड़ ने कहा कि वर्ष 2017 में बीजेपी सरकार ने रिफाइनरी प्रोजेक्ट की शर्तों में बदलाव कर इसे धरातल पर उतारने का काम किया।
हालांकि, बाद में कांग्रेस सरकार आने के बाद यह प्रोजेक्ट ठप पड़ गया और पांच वर्षों तक इसमें कोई खास प्रगति नहीं हुई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस का उद्देश्य केवल शिलान्यास करना था, जबकि वास्तविक काम पर ध्यान नहीं दिया गया।
पानी सप्लाई को लेकर भी उठाए सवाल
राठौड़ ने रिफाइनरी के लिए पानी की व्यवस्था को लेकर भी कांग्रेस सरकार के फैसलों की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने नर्मदा का शुद्ध पेयजल रिफाइनरी को देने का समझौता किया, जो सही नहीं था।
बीजेपी ने इसके विपरीत एक नया प्रस्ताव दिया है, जिसमें पाली, बालोतरा और जोधपुर के उपयोग किए गए पानी को ट्रीट करके रिफाइनरी में इस्तेमाल करने की योजना है।
“जनता को शुद्ध पानी मिलना चाहिए”
राठौड़ ने कहा कि रिफाइनरी को केवल औद्योगिक उपयोग के लिए पानी चाहिए, न कि पीने योग्य शुद्ध पानी।
उन्होंने कहा:
“अगर ट्रीटेड पानी का उपयोग किया जाएगा, तो आम जनता को अधिक शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।”
सरकार ने इस योजना के लिए बजट में डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने की घोषणा भी की है।
राजनीतिक माहौल और आगे की स्थिति
इस पूरे बयान के बाद राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है।
जहां बीजेपी इसे राष्ट्रभक्ति का मुद्दा बना रही है, वहीं कांग्रेस इस बयान को राजनीतिक हमला बता सकती है।
निष्कर्ष
मदन राठौड़ के बयान ने राजस्थान की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ विदेश नीति और राष्ट्रभक्ति का मुद्दा है, तो दूसरी तरफ विकास और रिफाइनरी प्रोजेक्ट को लेकर आरोप-प्रत्यारोप। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है।
READ MORE : Weather Updates : अप्रैल में आंधी कम, हल्की ठंड जारी, 5+ शहरों में बारिश

