लखनऊ में CM ने दबंगों से खाली कराया मकान, पूर्व सैनिक के परिवार को सौंपा
नए साल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में दबंगों से मकान खाली कराया और पूर्व सैनिक की बेटी अंजना को उसका घर वापस दिलाया। आरोपी गिरफ्तार। अंजना ने कहा- थैंक्यू योगी अंकल, गॉड ब्लेस यू। प्रशासनिक कार्रवाई तेज, न्याय सुनिश्चित किया गया।
बेटी बोली- थैंक्यू योगी अंकल, गॉड ब्लेस यू, लखनऊ में CM ने दबंगों से खाली कराया मकान
नए साल के पहले ही दिन सीएम योगी की कार्रवाई
नए साल की शुरुआत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तेजी से कार्य करते हुए लखनऊ में दबंगों द्वारा कब्जा किए गए मकान को खाली कराया। मामला पूर्व सैनिक के परिवार से जुड़ा था।
महज 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए अंजना को उसका आशियाना वापस दिलाया गया। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्याय सुनिश्चित किया गया। अंजना ने राहत की खुशी में कहा- “थैंक्यू योगी अंकल, गॉड ब्लेस यू।”
अंजना ने सीएम से सुनाई आपबीती
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बुधवार को अंजना ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और फर्जी दस्तावेज लगाकर मकान पर कब्जा करने की घटना की जानकारी दी। अंजना के अनुसार, चंदौली निवासी बलवंत यादव और मनोज कुमार यादव ने उनके पिता स्व. मेजर बिपिन चंद्र भट्ट की संपत्ति पर कब्जा कर लिया था।
अंजना ने बताया कि छह दिसंबर को उन्होंने स्थानीय थाने में शिकायत दी थी, लेकिन विलंब होने पर उन्होंने मुख्यमंत्री से मदद मांगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन की कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश मिलते ही लखनऊ प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई।
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अंजना का मकान तुरंत खाली कराया गया।
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बलवंत यादव और मनोज कुमार यादव को गिरफ्तार किया गया।
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प्रशासन ने सुनिश्चित किया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और दबंगई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
अंजना की निजी और पारिवारिक पृष्ठभूमि
अंजना के पिता, स्व. बिपिन चंद्र भट्ट, सेना में मेजर थे। उनका निधन 1994 में हुआ। परिवार में एक बेटा और दो बेटियां थीं, जिनमें से केवल अंजना जीवित हैं। उनके बेटे व एक बेटी का निधन हो चुका है।
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अंजना को 2016 में सिजोफ्रेनिया के इलाज के लिए निर्वाण रिहैब सेंटर ले जाया गया।
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इस दौरान उनकी देखरेख में इलाज जारी रहा।
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बीमार होने का फायदा उठाकर बलवंत यादव और मनोज कुमार यादव ने फर्जी दस्तावेजों से जमीन अपने नाम कर ली।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की

लखनऊ पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दबंगों को गिरफ्तार किया।
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आरोपियों की गिरफ्तारी से यह संदेश गया कि कानून का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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प्रशासन ने अंजना के मकान की सुरक्षा सुनिश्चित की और भविष्य में ऐसे मामलों पर सतर्क रहने का निर्देश दिया।
न्याय और राहत की भावना
अंजना को मकान मिलने के बाद उसके चेहरे पर राहत और भरोसे की मुस्कान लौट आई।
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अंजना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद किया।
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घटना से यह स्पष्ट हुआ कि प्रशासन और सरकार पूर्व सैनिकों और उनके परिवार के प्रति संवेदनशील है।
परिवार और समाज पर असर

पूर्व सैनिकों के परिवारों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण है।
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दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से समाज में सकारात्मक संदेश गया।
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भविष्य में फर्जी दस्तावेजों और अवैध कब्जों को रोकने के लिए प्रशासन की सक्रियता बढ़ेगी।
निष्कर्ष
नए साल की शुरुआत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की त्वरित कार्रवाई ने यह साबित किया कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन गंभीर है। सिर्फ अंजना ही परिवार में रह गई थीं। सीजोफ्रेनिया से पीड़ित होने पर अंजना को 2016 में निर्वाण रिहैब सेंटर ले जाया गया। वहां के डॉक्टर की देखरेख में उनका इलाज शुरू हुआ। उन्हें बीमार देख बलराम यादव और मनोज कुमार यादव ने उनकी जमीन पर अपना बोर्ड लगा दिया और फर्जी कागजों से जमीन अपने नाम करा ली।

