LPG Crisis : गांवों में 45 दिन बाद मिलेगा दूसरा सिलेंडर, जमाखोरी रोकने सरकार का बड़ा फैसला
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LPG Crisis : अमेरिका-इजराइल और ईरान के तनाव के बीच देशभर में LPG गैस की किल्लत बढ़ गई है। सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में दूसरे सिलेंडर की बुकिंग का समय 45 दिन कर दिया है। कई राज्यों में गैस एजेंसियों पर लंबी लाइनें और ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें सामने आ रही हैं।
LPG Crisis : LPG संकट के बीच बड़ा फैसला: गांवों में अब 45 दिन बाद मिलेगा दूसरा सिलेंडर
देशभर में एलपीजी गैस की बढ़ती किल्लत के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर लेने के बाद दूसरा सिलेंडर 45 दिन बाद ही बुक किया जा सकेगा।
सरकार का कहना है कि यह फैसला गैस की सप्लाई को बेहतर तरीके से मैनेज करने और जमाखोरी रोकने के लिए लिया गया है। हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं और सिलेंडर की कालाबाजारी की शिकायतें भी बढ़ी हैं।
अमेरिका-इजराइल और ईरान तनाव से सप्लाई चेन प्रभावित
सरकार के अनुसार अंतरराष्ट्रीय हालात भी गैस की सप्लाई पर असर डाल रहे हैं। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है।
इसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। कई शहरों में गैस सिलेंडर की उपलब्धता कम हो गई है और लोगों को सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
पेट्रोलियम मंत्री ने बताया क्यों बदला नियम
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में दूसरे सिलेंडर की बुकिंग का समय बढ़ाकर 45 दिन करना जरूरी था।
उन्होंने कहा कि हाल ही में लोगों ने अफवाहों के कारण जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिया था। इससे सप्लाई सिस्टम पर दबाव बढ़ गया और कई जगहों पर गैस की कमी देखने को मिली।
LPG बुकिंग के नियम 6 दिन में तीन बार बदले

गैस संकट को देखते हुए सरकार और तेल कंपनियों ने बुकिंग के नियमों में लगातार बदलाव किए हैं।
6 मार्च
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए पहली बार 21 दिन का लॉक-इन पीरियड लागू किया गया। इससे पहले ऐसा कोई नियम नहीं था।
9 मार्च
अचानक मांग बढ़ने के कारण तेल कंपनियों ने शहरों में लॉक-इन पीरियड बढ़ाकर 25 दिन कर दिया।
12 मार्च
ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर बुकिंग का अंतराल बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया, ताकि सप्लाई को संतुलित किया जा सके।
अफवाहों के कारण बढ़ी पैनिक बुकिंग
सरकार के मुताबिक सामान्य तौर पर गांवों में एक परिवार सालभर में औसतन पांच सिलेंडर ही इस्तेमाल करता है। यानी एक सिलेंडर लगभग 55 दिनों तक चलता है।
लेकिन हाल ही में लोगों ने अफवाहों के कारण जरूरत न होने पर भी जल्दी-जल्दी सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिया।
कई लोगों ने 55 दिन की जगह केवल 15-15 दिन के अंतराल में बुकिंग करनी शुरू कर दी थी। इससे सप्लाई सिस्टम पर दबाव बढ़ गया और कई जगहों पर सिलेंडर की कमी होने लगी।
मध्य प्रदेश में ऑनलाइन बुकिंग ठप
मध्य प्रदेश में एलपीजी संकट ज्यादा गंभीर नजर आ रहा है। यहां सर्वर डाउन होने के कारण भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत कई शहरों में ऑनलाइन बुकिंग प्रभावित हो गई है।
लोग सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं और वेटिंग 7 से 8 दिन तक पहुंच गई है। गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से शाम तक लंबी कतारें लग रही हैं।
गैस की कमी के चलते इंडक्शन कुकर की मांग भी तेजी से बढ़ गई है। भोपाल में इंडक्शन की बिक्री सात गुना तक बढ़ गई है।
राजस्थान में होटल और रेस्टोरेंट पर असर
राजस्थान में भी गैस की कमी का असर होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर दिखाई देने लगा है।
चित्तौड़गढ़ में कई रेस्टोरेंट बंद कर कर्मचारियों को घर भेज दिया गया है। सवाई माधोपुर में भी रेस्टोरेंट बंद होने लगे हैं।
जैसलमेर के सम इलाके में करीब 150 रिसॉर्ट बंद होने की कगार पर हैं। वहीं जयपुर में कई चाय की थड़ियों, मिठाई की दुकानों और ढाबों पर कॉमर्शियल सिलेंडर की जगह घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल किया जा रहा है।
कोटा में गैस की कमी के कारण लकड़ी और कोयले की भट्ठियों की मांग अचानक बढ़ गई है।
उत्तर प्रदेश में ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गैस सिलेंडर के लिए लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है।
कई लोगों का दावा है कि 950 रुपए वाला घरेलू सिलेंडर ब्लैक मार्केट में 1600 रुपए तक में बेचा जा रहा है। वहीं कॉमर्शियल सिलेंडर करीब 3500 रुपए में मिल रहा है।
हरियाणा में शादियों में लकड़ी के चूल्हे
हरियाणा में गैस संकट का असर शादियों और ढाबों पर भी दिखाई दे रहा है।
सरकार ने होटल और रेस्टोरेंट को सीमित मात्रा में कॉमर्शियल सिलेंडर देने का फैसला किया है। इसके चलते कई जगह शादियों में लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाया जा रहा है।
इंडक्शन कुकर की मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
एलपीजी संकट के कारण इलेक्ट्रिक कुकटॉप यानी इंडक्शन कुकर की मांग तेजी से बढ़ गई है।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अमेजन पर एक ही दिन में करीब 1.34 लाख इंडक्शन बिक गए। सामान्य तौर पर एक महीने में लगभग 1.80 लाख इंडक्शन बिकते हैं।
पिछले चार दिनों में सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मिलाकर करीब 5 लाख इंडक्शन की बिक्री हो चुकी है।
सरकार ने दी सप्लाई को लेकर सफाई
सरकार ने कहा है कि देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण सप्लाई चेन पर दबाव है।
सरकार के मुताबिक देश में एलपीजी उत्पादन बढ़ाकर 28% कर दिया गया है और लगभग एक लाख पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
इसके अलावा होटल और रेस्टोरेंट को फिलहाल बायोमास, केरोसिन या कोयले का इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है ताकि घरेलू एलपीजी की उपलब्धता बनी रहे।
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