LPG Crisis : एल. पी. जी. संकट के बीच सरकार का बड़ा कदम
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और सप्लाई बाधित होने के बीच भारत सरकार ने गैस उपयोग को लेकर बड़ा फैसला लिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने होटल, रेस्टोरेंट और कैंटीन जैसे व्यावसायिक संस्थानों को LPG की जगह पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) अपनाने के निर्देश दिए हैं।
होटल-रेस्टोरेंट्स को PNG पर शिफ्ट करने की सलाह
सरकार ने Petroleum and Natural Gas Ministry India के माध्यम से सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे:
- होटल, रेस्टोरेंट और कैंटीन को प्राथमिकता दें
- जल्द से जल्द PNG कनेक्शन उपलब्ध कराएं
- गैस सप्लाई की निरंतरता सुनिश्चित करें
इसका उद्देश्य यह है कि कमर्शियल सेक्टर में गैस की कमी न हो और घरेलू उपभोक्ताओं पर दबाव कम पड़े।

सरकारी दफ्तरों को भी PNG अपनाने का निर्देश
सरकार ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकारों को पत्र लिखकर गैस इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स को तेजी से मंजूरी देने को कहा है।
साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि:
- सरकारी दफ्तर
- कॉलोनियां
- कैंटीन
जहां संभव हो, LPG की जगह PNG का इस्तेमाल शुरू करें।
राज्यों को 20% ज्यादा एल. पी. जी. सप्लाई
सरकार ने गैस संकट को देखते हुए राज्यों को राहत भी दी है।
- 23 मार्च से एल. पी. जी. सप्लाई में 20% की बढ़ोतरी
- कुल सप्लाई अब प्री-क्राइसिस लेवल के 50% तक पहुंचेगी
इस बढ़ी हुई सप्लाई में प्राथमिकता दी जाएगी:
- होटल और ढाबे
- इंडस्ट्रियल कैंटीन
- सामुदायिक रसोई
प्रवासी मजदूरों के लिए खास व्यवस्था
सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता से 5 किलो वाले FTL (Free Trade LPG) सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उन्हें भोजन जैसी बुनियादी सुविधाओं में परेशानी न हो।
क्या है ‘प्री-क्राइसिस लेवल’?
‘प्री-क्राइसिस लेवल’ का मतलब उस समय से है जब देश में गैस की सप्लाई सामान्य थी।
अभी तक राज्यों को कम गैस मिल रही थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर पुराने स्तर के करीब आधा (50%) कर दिया गया है।
मिडिल ईस्ट तनाव से सप्लाई प्रभावित
Iran–Israel conflict 2026 और अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है।
Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव का सीधा असर भारत पर पड़ा है, क्योंकि भारत की 80-85% एल. पी. जी. सप्लाई इसी रास्ते से आती है।
भारत पर असर क्यों ज्यादा?
- भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एल पी जी आयातक है
- देश की 60% से ज्यादा गैस जरूरतें आयात पर निर्भर हैं
- सप्लाई बाधित होने से कमर्शियल सेक्टर में कटौती करनी पड़ी
इसी वजह से पहले होटल और रेस्टोरेंट्स की एलपीजी सप्लाई कम की गई थी, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा सके।
सरकार का आश्वासन
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में गैस और तेल की कोई गंभीर कमी नहीं है।
लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और स्थिति पर भरोसा रखें।
निष्कर्ष
LPG संकट के बीच PNG को बढ़ावा देने का यह कदम दीर्घकालिक समाधान की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे न केवल गैस सप्लाई का बेहतर प्रबंधन होगा, बल्कि आयात पर निर्भरता भी धीरे-धीरे कम हो सकती है।
सरकार की रणनीति साफ है—जरूरी सेवाओं को सुरक्षित रखते हुए ऊर्जा संसाधनों का संतुलित उपयोग।
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