LPG Charges By Restaurants : होटल-रेस्टोरेंट बिल में LPG चार्ज वसूलना गैरकानूनी : सरकार 
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि होटल और रेस्टोरेंट बिल में LPG या गैस क्राइसिस चार्ज अलग से नहीं जोड़ सकते। केवल सरकारी टैक्स ही लिया जा सकता है। नियम तोड़ने पर कार्रवाई होगी। उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने के चार आसान तरीके भी बताए गए हैं।
होटल-रेस्टोरेंट बिल में LPG चार्ज वसूलना गैरकानूनी, सरकार ने जारी की सख्त चेतावनी
देशभर में होटल और रेस्टोरेंट में बढ़ती लागत के बीच ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क वसूलने का मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि होटल और रेस्टोरेंट अपने बिल में खाने-पीने की कीमत के अलावा केवल सरकारी टैक्स ही जोड़ सकते हैं।
यदि कोई रेस्टोरेंट एलपीजी या अन्य खर्चों का हवाला देकर अलग से शुल्क जोड़ता है, तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और उस पर कार्रवाई की जा सकती है।
यह निर्देश Central Consumer Protection Authority (CCPA) की ओर से जारी किया गया है, जो उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार संस्था है।
LPG संकट के बीच बढ़े अतिरिक्त चार्ज के मामले
हाल के समय में एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के कारण कई होटल और रेस्टोरेंट ने अपने खर्च बढ़ने का हवाला देते हुए ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क लेना शुरू कर दिया था।
CCPA ने कहा कि किसी भी व्यवसाय को अपनी सभी इनपुट कॉस्ट—जैसे गैस, बिजली, किराया, स्टाफ वेतन और अन्य संचालन खर्च—मेन्यू में दी गई कीमतों में ही शामिल करनी होगी।
ग्राहकों से बिल में अलग से “LPG चार्ज”, “फ्यूल चार्ज” या “गैस क्राइसिस चार्ज” लेना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन माना जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस तरह के शुल्क पारदर्शिता के सिद्धांत के खिलाफ हैं और इससे ग्राहकों को भ्रमित किया जाता है।
बेंगलुरु के कैफे का मामला बना कार्रवाई की वजह
यह विवाद तब सामने आया जब बेंगलुरु के एक कैफे ने ग्राहक के बिल में 5% “गैस क्राइसिस चार्ज” जोड़ दिया था।
ग्राहक ने दो मिंट लेमोनेड ऑर्डर किए थे, जिनकी कुल कीमत 358 रुपए थी। कैफे ने पहले 5% डिस्काउंट दिया और फिर GST के साथ 5% यानी 17.01 रुपए का “गैस क्राइसिस चार्ज” जोड़ दिया।
इससे कुल बिल 374 रुपए हो गया।
ग्राहक ने इस अतिरिक्त शुल्क पर आपत्ति जताई और शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद CCPA ने मामले की जांच शुरू की और सख्त निर्देश जारी किए।
सर्विस चार्ज पर रोक के बाद नए नाम से शुल्क लेने की कोशिश
CCPA की जांच में यह भी सामने आया कि कुछ होटल और रेस्टोरेंट पहले से लागू सर्विस चार्ज नियमों को दरकिनार करने के लिए नए नाम से शुल्क वसूलने लगे हैं।
उदाहरण के तौर पर:
- LPG चार्ज
- फ्यूल चार्ज
- किचन मेंटेनेंस चार्ज
- गैस क्राइसिस चार्ज
अथॉरिटी ने स्पष्ट किया कि चाहे शुल्क का नाम कुछ भी हो, यदि वह मेन्यू में शामिल कीमत के अलावा लिया जाता है, तो उसे अवैध माना जाएगा।
सरकार ने कहा कि ऐसे मामलों में सख्त निगरानी रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
होटल और रेस्टोरेंट के लिए क्या हैं नए नियम
सरकार और CCPA द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार:
- केवल सरकारी टैक्स ही जोड़ा जा सकता है
जैसे GST या अन्य वैधानिक कर। - सभी खर्च मेन्यू कीमत में शामिल होने चाहिए
गैस, बिजली, स्टाफ वेतन और अन्य खर्च अलग से नहीं जोड़े जा सकते। - ग्राहक की अनुमति के बिना कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं
कोई भी शुल्क ग्राहक की स्पष्ट सहमति के बिना नहीं लिया जा सकता। - बिल में पारदर्शिता जरूरी
मेन्यू और बिल में कीमत स्पष्ट और अंतिम होनी चाहिए।
बिल में ऐसे चार्ज दिखें तो ग्राहक क्या करें

यदि आपको किसी होटल या रेस्टोरेंट के बिल में LPG चार्ज या कोई अन्य अतिरिक्त शुल्क दिखाई देता है, तो सबसे पहले उस शुल्क को हटाने के लिए मैनेजमेंट से अनुरोध करें।
यदि वे इसे हटाने से मना करते हैं, तो आप निम्नलिखित तरीकों से शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
1. हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत
नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन 1915 पर कॉल करके शिकायत दर्ज की जा सकती है।
2. मोबाइल ऐप के जरिए शिकायत
ग्राहक NCH (National Consumer Helpline) मोबाइल ऐप का उपयोग करके ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
3. ई-जाग्रति पोर्टल पर शिकायत
ऑनलाइन शिकायत के लिए e-Jagriti पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है, जहां शिकायत की पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से पूरी की जा सकती है।
4. जिला प्रशासन या CCPA को शिकायत
ग्राहक अपने जिले के कलेक्टर या सीधे CCPA को भी लिखित शिकायत दे सकते हैं।
उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा पर सरकार का फोकस
सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहकों को किसी भी प्रकार के अनावश्यक या छिपे हुए शुल्क का सामना न करना पड़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शी बिलिंग प्रणाली से ग्राहकों का भरोसा बढ़ता है और बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनी रहती है।
इसके अलावा, उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सरकार लगातार नए नियम और अभियान चला रही है।
निष्कर्ष: अतिरिक्त चार्ज लेने पर अब होगी सख्त कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि होटल और रेस्टोरेंट ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क वसूलने की मनमानी नहीं कर सकते।
यदि कोई प्रतिष्ठान LPG या किसी अन्य नाम से अतिरिक्त शुल्क जोड़ता है, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
इसलिए ग्राहकों को अपने बिल की जांच करना और जरूरत पड़ने पर शिकायत दर्ज करना जरूरी है, ताकि उनके अधिकार सुरक्षित रह सकें और बाजार में पारदर्शिता बनी रहे।

