Global Reaction : खामेनेई की मौत पर वैश्विक प्रतिक्रिया तेज, रूस ने निंदा की; ब्रिटिश मीडिया बोला ऐतिहासिक मोड़
Global Reaction : अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद दुनिया भर में तीखी प्रतिक्रियाएं। रूस ने हमले को गलत बताया, जर्मनी ने ईरानी जनता के अधिकार की बात कही। फ्रांस-ब्रिटेन ने बातचीत का रास्ता सुझाया, जबकि BBC और अमेरिकी मीडिया ने इसे ऐतिहासिक मोड़ बताया।
Global Reaction : खामेनेई की मौत पर वैश्विक हलचल
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद दुनिया भर में राजनीतिक और कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई के बाद सामने आई इस खबर पर कई देशों के नेताओं और अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने प्रतिक्रिया दी है।
अमेरिका: ट्रंप का तीखा बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर कहा कि खामेनेई इतिहास के सबसे क्रूर नेताओं में से एक थे। उन्होंने इसे ईरान और अमेरिका के लोगों के लिए “न्याय” बताया।
ट्रंप ने चेतावनी भी दी कि यदि ईरान ने जवाबी कार्रवाई की, तो अमेरिका पहले से कहीं अधिक ताकत से जवाब देगा।
जर्मनी: जनता को अपना भविष्य तय करने का हक
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने कहा कि ईरान की जनता को अपनी किस्मत का फैसला करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जर्मन सरकार अमेरिका और इजरायल के संपर्क में है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
रूस: हमले की कड़ी निंदा
रूस ने ईरान पर हमले को गलत बताया और इसकी निंदा की। संयुक्त राष्ट्र में रूस के प्रतिनिधि वासिली नेबेंजिया ने चेतावनी दी कि यह संघर्ष क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर भी फैल सकता है और इससे वैश्विक अस्थिरता बढ़ेगी।
फ्रांस और ब्रिटेन: बातचीत का रास्ता चुनें
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने जर्मनी के साथ साझा बयान जारी कर ईरान से बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि वे इस सैन्य कार्रवाई का हिस्सा नहीं थे, लेकिन हालात पर नजर रखे हुए हैं और क्षेत्रीय स्थिरता जरूरी है।
ओमान और सऊदी अरब की प्रतिक्रिया
ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल्बुसैदी ने अमेरिका से अपील की कि वह इस संघर्ष में और न उलझे। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका की जंग नहीं है और इससे शांति की संभावना कमजोर होगी।
सऊदी अरब ने ईरान के जवाबी हमलों की निंदा करते हुए बहरीन, यूएई, कतर, जॉर्डन और कुवैत के साथ एकजुटता जताई।
वर्ल्ड मीडिया ने क्या कहा?
1. BBC: ईरान के लिए बड़ा मोड़
BBC ने इसे ईरान के लिए पिछले 40 वर्षों में सबसे बड़ा राजनीतिक मोड़ बताया। रिपोर्ट में कहा गया कि सरकारी टीवी ने मौत की पुष्टि की और कई शहरों में विरोधी गुटों ने जश्न मनाया।
2. डॉन: अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
पाकिस्तानी अखबार Dawn ने इसे अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई बताया। रिपोर्ट में ईरानी संसद के स्पीकर के हवाले से कहा गया कि देश हर परिस्थिति के लिए तैयार है।
3. न्यूयॉर्क टाइम्स: कट्टर दुश्मन की मौत
अमेरिकी अखबार The New York Times ने लिखा कि खामेनेई दशकों से अमेरिका और इजरायल के कट्टर विरोधी माने जाते थे। रिपोर्ट में कहा गया कि इस घटना के बाद फारस की खाड़ी में तनाव और बढ़ गया है।
4. वाशिंगटन पोस्ट: 40 साल का युग समाप्त
The Washington Post ने लिखा कि 1989 से सत्ता में रहे सुप्रीम लीडर की मौत से ईरान में सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव होगा। रिपोर्ट के अनुसार, देश में 40 दिनों के शोक की घोषणा की गई है।
5. अल जजीरा: बदले की कसम
कतर स्थित मीडिया नेटवर्क Al Jazeera ने रिपोर्ट किया कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बदला लेने की कसम खाई है और क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है।



क्षेत्रीय असर: एयरस्पेस बंद, तनाव चरम पर
दोनों पक्षों की ओर से जारी हमलों के बीच मिडिल ईस्ट के कई देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को अलर्ट पर रखा गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह संघर्ष यदि और बढ़ा, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, शेयर बाजार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी पड़ेगा।
निष्कर्ष
खामेनेई की मौत ने मिडिल ईस्ट की राजनीति को निर्णायक मोड़ पर ला खड़ा किया है। जहां कुछ देश इसे ईरान में बदलाव का अवसर मान रहे हैं, वहीं अन्य इसे क्षेत्रीय अस्थिरता का कारण बता रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईरान की सत्ता संरचना किस दिशा में जाती है और वैश्विक शक्तियां इस संकट को किस तरह संभालती हैं।

