Jodhpur Updates : हनुमान जयंती 2026: भजन संध्या, महाप्रसादी और फूलमंडली से गूंजा शहर
Jodhpur Updates : जोधपुर में हनुमान जयंती पर शहर के प्रमुख मंदिरों में भजन-कीर्तन, महाप्रसादी और फूलमंडली का आयोजन। हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। देर रात से सुबह तक भक्ति का माहौल बना। रोकड़िया बालाजी और प्रत्यक्ष बालाजी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना एवं कार्यक्रम आयोजित।
Jodhpur Updates : जोधपुर में हनुमान जयंती पर उमड़ा आस्था का सैलाब
जोधपुर में हनुमान जयंती के अवसर पर शहर के प्रमुख मंदिरों में देर रात तक श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। भजन-कीर्तन, विशेष पूजा-अर्चना, महाप्रसादी और फूलमंडली के आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान हनुमान से सुख-समृद्धि की कामना की।
रोकड़िया बालाजी विकास संस्थान में विशेष आयोजन
रोकड़िया बालाजी विकास संस्थान द्वारा हनुमान जयंती पर मंदिर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान भजन गायक छोटू सिंह रावना ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भजन संध्या में उपस्थित भक्तों ने नृत्य और मंत्र जाप के माध्यम से आस्था का प्रदर्शन किया।
महाप्रसादी का आयोजन और भक्तों की भागीदारी
मंदिर परिसर में महाप्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सभी भक्तों ने गुरुओं के सानिध्य में दर्शन-पूजन कर अपनी आस्था और सुख-समृद्धि की कामना की। कोषाध्यक्ष मोतीलाल प्रजापत और सुरेश चौधरी ने बताया कि हर आयु वर्ग के लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए और भजनों पर नृत्य कर अपने भाव व्यक्त किए।
हनुमान जन्मोत्सव समिति का योगदान

श्री हनुमान जन्मोत्सव समिति के अध्यक्ष सुरजीत सिंह राजपुरोहित ने बताया कि पिछले 18 वर्षों से लगातार हनुमान जन्मोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह परंपरा आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बन चुकी है। कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के गोपाल प्रजापत, रघुनाथ विश्नोई, बद्रीराम जांगिड, बाबूलाल प्रजापत, दिनेश सेन, सुनील विश्नोई, ललित दैया, गौरव विश्नोई, जितेंद्र दैया, पंडित जीवराज माली, ओमप्रकाश मेवाड़ा और सागर गौड़ जैसे कई कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
प्रत्यक्ष बालाजी मंदिर में फूलमंडली और महाज्योत दर्शन
सिवांची गेट स्थित प्रत्यक्ष बालाजी मंदिर में इस अवसर पर विशेष फूलमंडली का श्रृंगार किया गया। श्रद्धालु महाज्योत के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे। मंदिर और आसपास का क्षेत्र भक्तिरस से सराबोर नजर आया। फूलमंडली, दीपमालिका और सजावट ने पूरे वातावरण को भव्य और आध्यात्मिक बना दिया।
देर रात से सुबह तक भजन संध्या का दौर
भजन-कीर्तन और भक्ति गीत देर रात से सुबह तक चलते रहे। छोटे-बड़े सभी श्रद्धालु मंदिर परिसर में जुटकर भक्तिगीतों में झूमते नजर आए। छोटू सिंह रावना, पप्पू सोनी और कैलाश विश्नोई की प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। भक्तों ने हर मंत्र और भजन पर नृत्य कर अपनी आस्था व्यक्त की।
भक्तों का उत्साह और आस्था
हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन-पूजन किया और प्रसादी ग्रहण की। लोग अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए मंदिर पहुंचे और हनुमान चालीसा का पाठ किया। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी ने उत्साहपूर्वक भजन-कीर्तन में भाग लिया।
हनुमान जयंती की सामाजिक और सांस्कृतिक महत्ता
हनुमान जयंती सिर्फ धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि यह आस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक भी है। मंदिरों में आयोजित भजन संध्या, महाप्रसादी और फूलमंडली से लोगों को आध्यात्मिक संतोष और मानसिक शांति मिली। यह परंपरा जोधपुर में सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक उत्सवों की अहमियत को उजागर करती है।
श्रद्धालुओं और आयोजकों की प्रतिक्रिया
श्रद्धालु पप्पू सोनी और कैलाश विश्नोई ने बताया कि इस बार का आयोजन विशेष और भव्य था। आयोजकों ने हर पहलू का ध्यान रखा और भक्तों के लिए सुखद और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि मंदिर की सजावट, फूलमंडली और महाप्रसादी ने इस हनुमान जयंती को यादगार बना दिया।

