Jodhpur Updates : सेंट्रल जेल में इफ्तार पार्टी के बाद हड़कंप, 13 मोबाइल मिले, जेल अधीक्षक हटाए गए
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Jodhpur Updates : जोधपुर सेंट्रल जेल में रोजा इफ्तार पार्टी के बाद कैदियों द्वारा सेल्फी सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से मामला उजागर हुआ। तलाशी में 13 मोबाइल और सिम कार्ड बरामद हुए। प्रशासन ने जेल अधीक्षक प्रदीप लखावत को एपीओ कर दिया, जबकि पूरे मामले की जांच जारी है।
Jodhpur Updates : कैदियों की सेल्फी से खुला मामला
राजस्थान के जोधपुर सेंट्रल जेल में रोजा इफ्तार पार्टी के बाद बड़ा विवाद सामने आया है। जेल में आयोजित इफ्तार पार्टी की तस्वीरें और सेल्फी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि 13 मार्च को जेल परिसर में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था। इस दौरान कुछ कैदियों ने सेल्फी लेकर फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी, जिससे मामला सार्वजनिक हो गया।
घटना सामने आने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जेल में सर्च अभियान चलाया।
तलाशी में मिले 13 मोबाइल और सिम कार्ड
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों के आधार पर जेल प्रशासन ने 14 और 15 मार्च की देर रात वार्ड नंबर 7 की बैरक नंबर 3 में तलाशी अभियान चलाया।
आधुनिक मशीनों की मदद से की गई इस तलाशी में कुल 13 मोबाइल फोन और कई सिम कार्ड बरामद किए गए। इनमें 7 एंड्रॉयड मोबाइल और 4 कीपैड मोबाइल शामिल हैं, जबकि 11 सिम कार्ड भी मिले हैं।
ये मोबाइल फोन जेल के शौचालय, फर्श और नालियों में अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखे गए थे।
कैदियों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट की सेल्फी

जानकारी के अनुसार कैदी वसीम खान, वहिद खान, शेखर, सुभाष और करीम ने इफ्तार पार्टी के दौरान सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी थी।
बताया जा रहा है कि सेल्फी लेने वाला कैदी सलीम वार्ड नंबर 10 की बैरक नंबर 2 में बंदी नरपत पुत्र चौथाराम से मोबाइल लेकर आया था।
जब प्रशासन ने तलाशी ली तो कैदी नरपत के बिस्तर से बिना सिम कार्ड का एक मिनी कीपैड मोबाइल बरामद हुआ। वहीं बंदी करीम पुत्र सलीम से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी मिला।
जेल अधीक्षक प्रदीप लखावत को किया APO
मामला सामने आने के बाद संयुक्त शासन सचिव अवधेश सिंह ने देर रात कार्रवाई करते हुए जेल अधीक्षक प्रदीप लखावत को एपीओ (Awaiting Posting Order) कर दिया।
अब उन्हें अगले आदेश तक जयपुर स्थित महानिदेशक कार्यालय में अपनी उपस्थिति देनी होगी।
इस कार्रवाई के बाद जेल प्रशासन में हलचल तेज हो गई है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।
एक सप्ताह पहले जेलर भी हुए थे सस्पेंड
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जोधपुर सेंट्रल जेल में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 9 मार्च को जेलर हड़मत सिंह को भी सस्पेंड किया गया था।
उन पर आरोप था कि उन्होंने नई आमद के बंदियों को गलत वार्ड में भेजा। साथ ही यह भी आरोप लगे कि बंदियों को उनकी पसंद की बैरक में शिफ्ट करने के बदले वसूली की जा रही थी।
इस मामले में पहले ही जेल प्रहरी मुकेश राजपुरोहित को फरवरी महीने में निलंबित किया जा चुका है।
5G के दौर में जेल में लगा 2G नेटवर्क जैमर

सूत्रों के मुताबिक जेल में सुरक्षा जांच की जिम्मेदारी मुख्य गेट पर RAC और अंदर प्रवेश के दूसरे गेट पर तैनात जेल स्टाफ की होती है।
जेल में हाईटेक मशीनें भी लगी हुई हैं जो किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को आसानी से पकड़ सकती हैं। हालांकि कई बार मिलीभगत के कारण मशीनों को बंद कर मोबाइल अंदर पहुंचा दिए जाते हैं।
बताया जा रहा है कि 5G के दौर में भी जोधपुर सेंट्रल जेल में केवल 2G नेटवर्क जैमर लगा हुआ है, जिससे मोबाइल नेटवर्क को पूरी तरह रोकना मुश्किल हो जाता है।
पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच
जेल में मोबाइल मिलने और इफ्तार पार्टी की तस्वीरें वायरल होने के बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
रातानाडा थाना पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जेल के अंदर मोबाइल फोन कैसे पहुंचे और इसमें किन लोगों की भूमिका हो सकती है।
प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

