RTO Inspector Assault : चालान को लेकर बवाल: RTO इंस्पेक्टर से धक्का-मुक्की
राजधानी Jaipur में चालान कार्रवाई को लेकर RTO इंस्पेक्टर से धक्का-मुक्की और हाईवे जाम करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बस चालक और उसके साथी ने उड़नदस्ते के साथ बदसलूकी करते हुए राजनीतिक दबाव का हवाला देकर सस्पेंड करवाने की धमकी दी।
इस मामले में Rajasthan Police ने राजकार्य में बाधा और हाईवे जाम करने का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चेकिंग के दौरान हुआ विवाद

पुलिस के अनुसार, आरटीओ जयपुर-फर्स्ट के इंस्पेक्टर देवेन्द्र सिंह (37) ने Transport Nagar Police Station में FIR दर्ज करवाई है।
इंस्पेक्टर देवेन्द्र सिंह ने बताया कि 27 मार्च की रात वह उड़नदस्ते के जवानों के साथ ड्यूटी पर तैनात थे। रात करीब 10 बजे ट्रांसपोर्ट नगर के रोटरी सर्किल पर वाहनों की चेकिंग की जा रही थी।
इसी दौरान जयपुर से ऋषिकेश जा रही रिंकू ट्रेवल्स की सवारियों से भरी बस को जांच के लिए रोका गया।
चालक और साथी ने की गाली-गलौज
बस रोकते ही चालक अरुण सिंह और उसके साथी दिनेश ने उड़नदस्ते के स्टाफ के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि दोनों ने चालान कार्रवाई को रोकने के लिए धमकी दी और बदसलूकी की।
इंस्पेक्टर के समझाने के दौरान आरोपियों ने धक्का-मुक्की करना शुरू कर दिया और राजनीतिक पहुंच का हवाला देते हुए नौकरी से बर्खास्त करवाने की धमकी दी।
बीच सड़क बस खड़ी कर लगाया जाम
विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने बस को सड़क के बीच में खड़ा कर हाईवे जाम कर दिया। इससे ट्रैफिक बाधित हो गया और सड़क पर लंबी कतार लग गई।
स्थिति बिगड़ती देख और अन्य बस संचालकों के हमले की आशंका के चलते RTO उड़नदस्ते को वहां से हटना पड़ा।
इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई और मौके पर थाना पुलिस का जाब्ता बुलाया गया।
पुलिस ने बस जब्त कर मामला दर्ज किया

मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम खुलवाकर बस को जब्त कर लिया और यात्रियों को दूसरी गाड़ी से रवाना किया।
इस मामले में ट्रांसपोर्ट नगर थाने में हाईवे जाम करने और राजकार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
कानून के अनुसार क्या है अपराध?
विशेषज्ञों के अनुसार, सरकारी कर्मचारी के साथ धक्का-मुक्की करना और सरकारी कार्य में बाधा डालना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
ऐसे मामलों में आरोपियों के खिलाफ
राजकार्य में बाधा
सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करना
सरकारी कर्मचारी से मारपीट
जैसी धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है, जिनमें जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान है।
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