जयपुर के मानसरोवर स्थित वीटी रोड मेला ग्राउंड में चल रही कथावाचक प्रदीप मिश्रा की शिवमहापुराण कथा में भारी भीड़ उमड़ रही है।
कथा के चौथे दिन भी हजारों श्रद्धालु कथा सुनने पहुंचे, लेकिन फर्जी पास के कारण व्यवस्था बिगड़ गई।
फर्जी पास का खुलासा: कलर फोटोकॉपी से एंट्री की कोशिश
आयोजकों के अनुसार कुछ लोगों ने असली पास की कलर फोटोकॉपी कर उन्हें दूसरों को बेच दिया।
चेकिंग के दौरान हॉलमार्क और सुरक्षा चिन्हों से फर्जी पास की पहचान हुई।
इस वजह से:
- तय क्षमता से ज्यादा लोग परिसर में पहुंच गए
- कई लोगों को बाहर ही रोकना पड़ा
- भीड़ के कारण हल्का हंगामा भी हुआ
कथा के समय में बदलाव और एंट्री नियम
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कथा के समय में बदलाव किया गया है:
- कथा समय: दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे
- एंट्री समय: दोपहर 12 बजे तक
इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग समय से पहले पहुंचने लगे, जिससे भीड़ और बढ़ गई।
पास होने के बावजूद नहीं मिली एंट्री

रविवार को स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण रही।
- कई श्रद्धालु पास होने के बावजूद अंदर नहीं जा सके
- भीड़ अधिक होने पर गेट बंद करने पड़े
- लोगों ने व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई
आयोजकों ने लोगों से अपील की है कि वे समय से पहले पहुंचे और नियमों का पालन करें।
AI कैमरों से निगरानी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
- बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
- पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग
- AI कैमरों से निगरानी
- CST और DST टीमों की तैनाती
ये टीमें जेबकट और चेन स्नैचिंग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए लगातार निगरानी कर रही हैं।
आयोजकों की अपील
आयोजकों और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि:
- केवल वैध पास के साथ ही आएं
- फर्जी पास खरीदने से बचें
- समय से पहले पहुंचें
- सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें
निष्कर्ष
जयपुर में प्रदीप मिश्रा की कथा में उमड़ी भीड़ ने जहां श्रद्धा का बड़ा रूप दिखाया, वहीं फर्जी पास के कारण व्यवस्थाओं पर दबाव भी बढ़ गया।
अब प्रशासन और आयोजकों के लिए चुनौती है कि आने वाले दिनों में भीड़ को नियंत्रित रखते हुए कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित किया जाए।
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