Jaipur Updates : जयपुर में गुलाबी इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत, जून तक 300 से ज्यादा बसें
Jaipur Updates : जयपुर में गुलाबी इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल शुरू। JCTSL ने 9 और 12 मीटर ई-बसें उतारीं। GPS, CCTV, पैनिक बटन और रैंप जैसी सुविधाएं। जून तक 300 से अधिक बसें चलेंगी। प्रदूषण और डीजल खर्च में कमी की उम्मीद।
Jaipur Updates : जयपुर की सड़कों पर दौड़ीं गुलाबी इलेक्ट्रिक बसें
यह तीन दिवसीय ट्रायल 9 और 12 मीटर लंबाई की बसों की तकनीकी क्षमता, बैटरी परफॉर्मेंस और यात्री सुविधाओं की जांच के लिए किया जा रहा है।
जून तक 300 से ज्यादा बसें सड़कों पर
ट्रायल सफल रहने पर जून तक 300 से अधिक नई इलेक्ट्रिक बसें जयपुर के सिटी ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में शामिल हो सकती हैं।
JCTSL के प्रबंध निदेशक नारायण सिंह के अनुसार, केंद्र सरकार की ई-बस सेवा योजना के तहत राजस्थान को कुल 1150 बसें मिलनी हैं। पहले चरण में 675 बसें आवंटित हुई हैं, जिनमें से जयपुर को शुरुआती चरण में 150 बसें मिलेंगी। इसके बाद 168 और फिर 150 बसें और जोड़ी जाएंगी।
बगराना और टोडी डिपो से संचालन
शहर के बगराना और टोडी डिपो पर इन बसों के संचालन की तैयारी पूरी कर ली गई है। शुरुआती चरण में दोनों डिपो को 75-75 बसें दी जाएंगी।
ट्रायल के दौरान लोड क्षमता, चार्जिंग समय और संचालन की व्यवहारिक स्थिति का परीक्षण किया जाएगा। तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर नियमित संचालन की तारीख तय होगी।
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा पर फोकस
नई इलेक्ट्रिक बसों में आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं:
-
GPS ट्रैकिंग सिस्टम
-
CCTV कैमरे
-
पैनिक बटन
-
ऑटोमेटिक दरवाजे
-
दिव्यांगजनों के लिए रैंप
-
आरामदायक और शोर रहित सफर
इन सुविधाओं से यात्रियों को सुरक्षित और आधुनिक यात्रा अनुभव मिलेगा।
प्रदूषण और खर्च में कमी
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहर में वायु प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है। डीजल की खपत घटेगी और ध्वनि प्रदूषण भी कम होगा, क्योंकि ई-बसें पारंपरिक बसों की तुलना में काफी कम आवाज करती हैं।
राजधानी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्रदूषण मुक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
निष्कर्ष
जयपुर में गुलाबी इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत शहर के परिवहन तंत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है। यदि ट्रायल सफल रहा तो जून तक 300 से अधिक ई-बसें सड़कों पर नजर आएंगी, जिससे यातायात व्यवस्था अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनेगी।

