Jaipur | E-Commerce Fraud : नकली रिटर्न से व्यापारी को 1.79 करोड़ का बड़ा नुकसान

Jaipur | E-Commerce Fraud : जयपुर में बड़ा ई-कॉमर्स फ्रॉड सामने आया, जहां आरोपियों ने फर्जी अकाउंट बनाकर महंगे सामान मंगवाए और नकली रिटर्न कर दिए। 4 महीनों में व्यापारी को 1.79 करोड़ का नुकसान हुआ। पुलिस जांच में जुटी है और साइबर गिरोह की आशंका जताई जा रही है।
Jaipur | E-Commerce Fraud : जयपुर में सामने आया बड़ा ई-कॉमर्स फ्रॉड
जयपुर में ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़ा एक बड़ा फ्रॉड सामने आया है, जिसने ई-कॉमर्स सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मामले में शातिर आरोपियों ने फर्जी अकाउंट्स के जरिए महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान मंगवाए और बाद में नकली सामान पैक कर वापस कर दिए।
4 महीने में 1.79 करोड़ रुपए का नुकसान
पीड़ित व्यापारी के अनुसार इस धोखाधड़ी से उन्हें केवल 4 महीनों में करीब 1.79 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
यह फ्रॉड नवंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच अंजाम दिया गया, जिसमें सुनियोजित तरीके से कई ऑर्डर किए गए।
फर्जी अकाउंट बनाकर किए ऑर्डर
आरोपियों ने फ्लिपकार्ट पर 52 अलग-अलग फर्जी अकाउंट बनाए।
इन अकाउंट्स के जरिए उन्होंने मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट जैसे महंगे प्रोडक्ट्स ऑर्डर किए।
डिलीवरी मिलने के बाद आरोपी असली सामान निकाल लेते और उसकी जगह नकली प्रोडक्ट पैक कर रिटर्न कर देते थे।
प्रीमियम ब्रांड्स को बनाया निशाना
इस फ्रॉड में आरोपियों ने खासतौर पर हाई-प्रिमियम ब्रांड्स को निशाना बनाया, जिनमें शामिल हैं:
- Apple
- Samsung
- Lenovo
इन ब्रांड्स के महंगे प्रोडक्ट्स की कीमत अधिक होने के कारण नुकसान भी बड़ा हुआ।
वेयरहाउस ऑडिट में खुला पूरा खेल

पीड़ित व्यापारी चंद्र प्रकाश सिंह के अजयराजपुरा-कलवाड़ा स्थित वेयरहाउस की ऑडिट रिपोर्ट में इस फ्रॉड का खुलासा हुआ।
वेयरहाउस से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए बेचे गए प्रोडक्ट्स की जांच में पाया गया कि बड़ी संख्या में नकली सामान रिटर्न किया गया है।
इसके बाद आर्थिक सलाहकार की राय लेकर व्यापारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच में जुटी, साइबर गैंग की आशंका
राजस्थान पुलिस के सेज थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी उदय सिंह शेखावत के अनुसार पुलिस तकनीकी टीम की मदद से:
- फर्जी अकाउंट्स की लोकेशन
- आईपी एड्रेस
- डिलीवरी एड्रेस
- पैकेजिंग चेन
की गहन जांच कर रही है।
पुलिस को शक है कि यह किसी बड़े संगठित साइबर गिरोह का काम हो सकता है, जो देश के अलग-अलग हिस्सों से ऑपरेट कर रहा है।
कैसे दिया गया फ्रॉड को अंजाम?
इस फ्रॉड को अंजाम देने का तरीका बेहद सुनियोजित था:
- फर्जी अकाउंट बनाए गए
- महंगे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट ऑर्डर किए गए
- डिलीवरी के बाद असली सामान निकाल लिया गया
- बॉक्स में नकली सामान पैक कर रिटर्न कर दिया गया
- ई-कॉमर्स सिस्टम के जरिए रिफंड ले लिया गया
इस प्रक्रिया को बार-बार दोहराकर बड़ी रकम का नुकसान किया गया।
ई-कॉमर्स सिस्टम पर उठे सवाल
इस घटना के बाद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की रिटर्न पॉलिसी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि रिटर्न सिस्टम में सख्ती और वेरिफिकेशन प्रक्रिया को और मजबूत करने की जरूरत है।
निष्कर्ष
जयपुर में सामने आया यह ई-कॉमर्स फ्रॉड ऑनलाइन शॉपिंग सिस्टम के लिए एक बड़ी चेतावनी है।
फर्जी अकाउंट्स और नकली रिटर्न के जरिए करोड़ों की ठगी ने यह साफ कर दिया है कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं।
अब यह देखना अहम होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी जल्दी आरोपियों तक पहुंच पाती है और ऐसे फ्रॉड को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

