Jaipur | Doctor Identity Theft : जयपुर में डॉक्टर की पहचान चोरी, 36 लोन से 4.37 करोड़ का फाइनेंसियल फ्रॉड
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Jaipur | Doctor Identity Theft : जयपुर में SMS हॉस्पिटल के डॉक्टर की पहचान चोरी कर 36 लोन लिए गए, कुल 4.37 करोड़ रुपए का फाइनेंसियल फ्रॉड हुआ। CIBIL रिपोर्ट से पता चला। डॉक्टर ने गांधी नगर थाने में FIR दर्ज करवाई। बैंक और फाइनेंस कंपनियों में कई लोन उनके नाम पर फर्जी दर्ज किए गए।
Jaipur | Doctor Identity Theft : जयपुर में डॉक्टर की पहचान चोरी कर 4.37 करोड़ का फाइनेंसियल फ्रॉड
जयपुर में SMS हॉस्पिटल के एक डॉक्टर की पहचान चोरी कर 4.37 करोड़ रुपए से अधिक का फाइनेंसियल फ्रॉड सामने आया है। डॉक्टर की आइडेंटिटी थीफ के जरिए धोखे से 36 लोन लिए गए। यह मामला CIBIL रिपोर्ट जनरेट करने पर उजागर हुआ।
डॉक्टर ने FIR दर्ज करवाई
SMS हॉस्पिटल में कार्यरत 56 वर्षीय डॉक्टर ने गांधी नगर थाने में FIR दर्ज करवाई। पुलिस ने बताया कि बजाज नगर स्थित इंडियन बैंक की ब्रांच द्वारा उनके PAN नंबर पर CIBIL रिपोर्ट जनरेट की गई। रिपोर्ट में अचम्भा हुआ कि उसमें बड़ी संख्या में लोन अकाउंट दिखाई दिए, जिन्हें डॉक्टर ने कभी नहीं लिया था।
लोन की बड़ी संख्या और रकम
CIBIL रिपोर्ट में लगभग 36 विभिन्न प्रकार के लोन दिखाई दिए। इनमें पर्सनल, बिजनेस, हाउसिंग, क्रेडिट, गोल्ड आदि लोन शामिल थे। अलग-अलग बैंकों और फाइनेंस कंपनियों जैसे HDFC बैंक, CT बैंक, केनरा बैंक, SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा, बजाज फाइनेंस आदि से कुल 4.37 करोड़ 34 हजार रुपए का लोन धोखाधड़ी से लिया गया।
लोन की डिटेल्स
| नंबर | लोन टाइप | अमाउंट |
|---|---|---|
| 1 | हाउसिंग लोन | 1.60 लाख |
| 2 | गोल्ड लोन | 17 लाख |
| 3 | पर्सनल लोन | 10 हजार |
| 4 | पर्सनल लोन | 2 लाख |
| 5 | अन्य लोन | 5 लाख |
| … | … | … |
| 36 | क्रेडिट कार्ड लोन | 21 हजार |
(संपूर्ण लोन विवरण ऊपर दिया गया है)
CIBIL रिपोर्ट में हुई गड़बड़ी
CIBIL रिपोर्ट में डॉक्टर की पहचान से संबंधित कई गलत कस्टमर जानकारी भी शामिल थी। इससे शक हुआ कि या तो CIBIL की ओर से गलती हुई है, या किसी धोखेबाज ने PAN और अन्य पहचान जानकारी का दुरुपयोग किया।
CIBIL के माध्यम से यह भी पता चला कि जालसाज ने CIBIL अकाउंट तक बना लिया और कई बैंकों को भ्रमित किया। CIBIL और ई-मेल सपोर्ट से अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है।
फाइनेंसियल फ्रॉड की गंभीरता

- कुल 36 लोन, कुल रकम: 4.37 करोड़ 34 हजार रुपए
- PAN और पहचान का दुरुपयोग
- 10+ बैंकों और फाइनेंस कंपनियों के अकाउंट शामिल
- CIBIL रिपोर्ट में फर्जी डिटेल्स
डॉक्टर के लिए यह बड़ा झटका है क्योंकि पहचान चोरी से केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं, बल्कि क्रेडिट इतिहास और बैंकिंग सिस्टम पर भरोसा भी प्रभावित हुआ।
पुलिस और जांच
- गांधी नगर थाने ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- CIBIL और बैंकों से विवरण मांगा गया है।
- जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि फ्रॉड किसने किया और PAN का दुरुपयोग कैसे हुआ।
आम लोगों के लिए चेतावनी
यह मामला आईडेंटिटी थीफ और फाइनेंसियल फ्रॉड की गंभीरता को दिखाता है। PAN, Aadhar और बैंक संबंधी जानकारी की सुरक्षा बहुत जरूरी है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत बैंक और CIBIL से संपर्क करना चाहिए।

