Jaipur Updates : गंदे पानी से परेशान लोगों का प्रदर्शन, विधायक को थमाया गंदे पानी का गिलास
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Jaipur Updates : जयपुर के सुशीलपुरा में गंदे पानी की आपूर्ति से परेशान लोगों ने प्रदर्शन किया और विधायक को गंदे पानी का गिलास थमा दिया। महिलाओं ने एक महीने से समस्या का समाधान नहीं होने का आरोप लगाया। पूर्व मंत्री ने टूटी पाइपलाइन और सड़क निर्माण को जिम्मेदार ठहराया।
Jaipur Updates : गंदे पानी से परेशान लोगों का प्रदर्शन
1. गंदे पानी की आपूर्ति से नाराज लोगों का विरोध प्रदर्शन
जयपुर के सुशीलपुरा क्षेत्र में गंदे पानी की आपूर्ति को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पिछले एक महीने से दूषित पानी की समस्या झेल रहे लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की। सूचना मिलने पर क्षेत्र के विधायक गोपाल शर्मा मौके पर पहुंचे और लोगों की शिकायतें सुनीं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि लगातार गंदा पानी आने से रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो गया है। लोग पीने और घरेलू उपयोग के लिए स्वच्छ पानी के लिए परेशान हैं। महिलाओं ने बताया कि वे पिछले एक महीने से इस समस्या से जूझ रही हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
2. महिलाओं ने विधायक को दिया गंदे पानी का गिलास

प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने विधायक को इलाके की वास्तविक स्थिति दिखाने के लिए गली में चलकर हालात देखने को कहा। इसी दौरान एक युवक ने गिलास में गंदा पानी भरकर विधायक को थमा दिया।
महिलाओं ने कहा कि वे इसी पानी को पीने के लिए मजबूर हैं और विधायक को भी इस स्थिति का अनुभव करना चाहिए। विधायक गोपाल शर्मा ने गिलास में दिए गए पानी को सूंघकर उसकी स्थिति का अंदाजा लगाया, लेकिन उन्होंने पानी नहीं पिया।
इस घटना के बाद विधायक ने लोगों को आश्वासन दिया कि जल्द ही जलापूर्ति व्यवस्था को ठीक किया जाएगा और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
3. सड़क निर्माण के कारण क्षतिग्रस्त हुई पाइपलाइन
बुधवार को पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में नई सड़क निर्माण के नाम पर पहले से बनी सही सड़क को तोड़ दिया गया, जिससे सीवरेज और पानी की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं।
उनके अनुसार, इसी कारण घरों के नलों में गंदा पानी पहुंच रहा है और बच्चों की तबीयत खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को बिना योजना के सड़क निर्माण नहीं करना चाहिए था, क्योंकि इससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

4. बच्चों की तबीयत बिगड़ने से बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों ने बताया कि दूषित पानी पीने के कारण कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई है। बच्चों को उल्टी, दस्त और बुखार जैसी समस्याएं हो रही हैं, जिनका इलाज नजदीकी डिस्पेंसरी में चल रहा है।
गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ ही जल संकट और बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। ऐसे में लोगों की चिंता और बढ़ गई है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
5. टैंकर से पानी सप्लाई की मांग
पूर्व मंत्री खाचरियावास ने जलदाय विभाग और नगर निगम अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक पाइपलाइन की मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक घर-घर टैंकर के माध्यम से स्वच्छ पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से यही मांग की है कि उन्हें साफ पानी उपलब्ध कराया जाए, ताकि रोजमर्रा की जरूरतें पूरी हो सकें और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं न बढ़ें।
6. सरकार पर लापरवाही और जनता के पैसे की बर्बादी का आरोप
पूर्व मंत्री ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जहां पहले से सीमेंट सड़क बनी हुई थी और किसी निर्माण की जरूरत नहीं थी, वहां बिना कारण सड़क तोड़ दी गई। इससे जनता के पैसे की बर्बादी हुई और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
उन्होंने यह भी कहा कि जहां सड़क की जरूरत है, वहां काम नहीं हो रहा, जबकि जहां जरूरत नहीं है, वहां जबरन निर्माण के नाम पर सीवरेज और पेयजल लाइनों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

7. आंदोलन की चेतावनी, जल्द समाधान की मांग
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द टूटी पाइपलाइन की मरम्मत, जलापूर्ति व्यवस्था बहाल और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो जल भवन का घेराव किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याएं दोबारा न हों। लोगों का कहना है कि स्वच्छ पेयजल हर नागरिक का मूल अधिकार है और इसे सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
निष्कर्ष
जयपुर के सुशीलपुरा क्षेत्र में गंदे पानी की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है। एक महीने से परेशान लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जाहिर की और विधायक को गंदे पानी का गिलास थमाकर स्थिति की गंभीरता दिखाई। अब प्रशासन पर जल्द समाधान करने का दबाव बढ़ गया है, ताकि लोगों को राहत मिल सके और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम हो सकें।

