Israel-US-Iran War : अमेरिका का दावा- आज ईरान पर सबसे बड़ा हमला, दुबई एयरपोर्ट पर मिसाइल अटैक से हड़कंप
Israel-US-Iran War : अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के आठवें दिन हालात और गंभीर हो गए हैं। अमेरिका ने ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करने की चेतावनी दी है। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिसाइल हमले के बाद कई फ्लाइट डायवर्ट की गईं, जबकि खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है।
Israel-US-Iran War : अमेरिका का बड़ा बयान: आज ईरान पर होगा अब तक का सबसे बड़ा हमला
जंग का आठवां दिन, तनाव और बढ़ा
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। जंग के आठवें दिन अमेरिका ने ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करने की चेतावनी दी है।
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि शनिवार रात ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया जाएगा। उनका कहना है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमता को कमजोर करना है।
मिसाइल लॉन्चर और फैक्ट्रियों को बनाया जाएगा निशाना

अमेरिकी प्रशासन के अनुसार प्रस्तावित हमले में ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल निर्माण से जुड़ी फैक्ट्रियों को निशाना बनाया जाएगा।
स्कॉट बेसेंट ने कहा कि इस हमले के बाद ईरान की मिसाइल क्षमता को काफी नुकसान पहुंच सकता है। अमेरिका और उसके सहयोगी देश इस संघर्ष को जल्दी खत्म करने के लिए ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करना चाहते हैं।
दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला

इस बीच शनिवार सुबह दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास हवाई हमला होने की खबर सामने आई है। हमले के बाद एयरपोर्ट पर उतरने की कोशिश कर रहे कई विमानों को अचानक वापस मोड़ना पड़ा।
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के मुताबिक कई विमान हवा में चक्कर लगाते हुए दूसरे एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किए गए। रिपोर्ट के अनुसार टर्मिनल-3 के पास धुआं उठता देखा गया, जो संभवतः इंटरसेप्ट की गई मिसाइलों के मलबे की वजह से हो सकता है।
हालांकि अभी तक दुबई एयरपोर्ट अथॉरिटी या एमिरेट्स एयरलाइंस की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
रूस ईरान को दे रहा खुफिया सहयोग
रिपोर्ट्स के अनुसार रूस इस युद्ध के दौरान ईरान को खुफिया सहायता प्रदान कर रहा है। मॉस्को ने ईरान को मिडिल-ईस्ट क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सहयोग जारी रहा तो युद्ध और लंबा खिंच सकता है।
भारत में रुका ईरान का युद्धपोत
ईरान का युद्धपोत IRIS लावन फिलहाल भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार जहाज में तकनीकी खराबी आने के बाद ईरान ने भारत से सहायता मांगी थी।
भारत ने 1 मार्च को जहाज को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति दी थी और 4 मार्च को यह बंदरगाह पर पहुंच गया। जहाज के 183 क्रू सदस्य फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं।
यह युद्धपोत हाल ही में भारत में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 और मिलान 2026 नौसैनिक अभ्यास में भी शामिल हुआ था।
पहले भी डुबोया गया था ईरानी युद्धपोत
इससे पहले अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS देना पर हमला कर उसे श्रीलंका के पास डुबो दिया था। इस हमले में 87 ईरानी नौसैनिकों की मौत हो गई थी।
यह घटना इस युद्ध के दौरान सबसे बड़े नौसैनिक हमलों में से एक मानी जा रही है।
सऊदी अरब ने दो ड्रोन मार गिराए

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि देश की एयर डिफेंस प्रणाली ने दो ड्रोन को मार गिराया है।
एक ड्रोन राजधानी रियाद के पूर्वी इलाके में नष्ट किया गया, जबकि दूसरा ड्रोन एम्प्टी क्वार्टर रेगिस्तानी क्षेत्र में शायबह तेल क्षेत्र की ओर बढ़ रहा था। रक्षा मंत्रालय के अनुसार एयर डिफेंस सिस्टम लगातार ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की कार्रवाई कर रहा है।
ईरान का दावा- अमेरिकी एयरबेस तबाह
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं।
ईरानी मीडिया के मुताबिक यूएई के अल धफरा एयरबेस और कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। इन हमलों में रडार सिस्टम, ईंधन भंडारण और रनवे को नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है।
युद्ध से जुड़े बड़े अपडेट्स
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अमेरिका इजराइल को करीब 151.8 मिलियन डॉलर के हथियार देने जा रहा है।
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अमेरिकी हमलों में ईरान में 1332 लोगों की मौत का दावा।
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ईरान में अब तक 1300 से ज्यादा हमले किए जा चुके हैं।
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14 मेडिकल सेंटर भी हमलों में प्रभावित हुए हैं।
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कई इलाकों में पानी और बिजली की सप्लाई ठप हो गई है।
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ईरान के 300 मिसाइल लॉन्चर तबाह होने का दावा।
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ईरान का दावा- यूएई, कुवैत और बहरीन में मौजूद 20 अमेरिकी बेस को नुकसान पहुंचाया गया।
गल्फ क्षेत्र में उड़ानों पर बढ़ा खतरा
दुबई एयरपोर्ट पर हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में उड़ानों को लेकर चिंता बढ़ गई है। यूरोपीय विमानन एजेंसी EASA ने गल्फ क्षेत्र के हवाई क्षेत्र के लिए जोखिम चेतावनी 11 मार्च तक बढ़ा दी है।
1 मार्च को दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सभी नियमित उड़ानें रोक दी गई थीं और फिलहाल सीमित उड़ानें ही संचालित हो रही हैं।
कतर में अमेरिकियों के लिए एडवाइजरी जारी
कतर में स्थित अमेरिकी दूतावास ने वहां रह रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने कहा है कि मिडिल ईस्ट से अमेरिकियों को सुरक्षित निकालने के विकल्पों पर काम किया जा रहा है।
नागरिकों से लगातार ईमेल चेक करते रहने और सुरक्षा स्थिति पर नजर रखने की अपील की गई है।

