Compensation Demand By Iran : ईरान बोला मुआवजा मिलने तक जंग जारी, प्रतिबंध हटाने और अमेरिका गारंटी की सख्त मांग

Compensation Demand By Iran : रान ने साफ कहा है कि मुआवजा मिलने तक युद्ध जारी रहेगा। उसने सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाने और अमेरिका से भविष्य में दखल न देने की गारंटी की मांग रखी है। इजराइल-ईरान संघर्ष के बीच तेल बाजार में संदिग्ध ट्रेडिंग और वैश्विक तनाव भी बढ़ता दिख रहा है।
Compensation Demand By Iran :ईरान बोला- मुआवजा मिलने तक जंग जारी, प्रतिबंध हटाने और अमेरिका से गारंटी की मांग
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह मौजूदा संघर्ष से पीछे हटने वाला नहीं है। ईरानी नेतृत्व ने कहा है कि जब तक देश को हुए नुकसान की भरपाई नहीं मिलती, तब तक युद्ध जारी रहेगा। इसके साथ ही ईरान ने सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाने और अमेरिका से भविष्य में दखल न देने की ठोस गारंटी की मांग भी रखी है।
ईरान की दो टूक: मुआवजा और गारंटी के बिना नहीं रुकेगी जंग
ईरान के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसिन रजेई ने टीवी बयान में कहा कि देश की शर्तें बिल्कुल स्पष्ट हैं। उन्होंने कहा कि:
- सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं
- अमेरिका भविष्य में किसी भी तरह की दखलंदाजी न करने की गारंटी दे
- ईरान को युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा मिले
उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरानी सेना पूरी ताकत से ऑपरेशन चला रही है और नया नेतृत्व स्थिति को मजबूती से संभाल रहा है।
संसद अध्यक्ष का बयान: जनता चाहती है सख्त जवाब
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने भी कहा कि देश की जनता हमलावरों को सख्त सजा देने की मांग कर रही है। इससे साफ है कि ईरान के अंदर भी युद्ध को लेकर कड़ा रुख बना हुआ है।
“एक हफ्ते में खत्म हो सकती थी जंग”
मोहसिन रजेई ने दावा किया कि यह युद्ध एक सप्ताह में समाप्त हो सकता था, लेकिन इजराइल के रुख के कारण यह लंबा खिंच गया।
उनके अनुसार:
- अमेरिका युद्धविराम के लिए तैयार था
- लेकिन इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमले जारी रखने पर जोर दिया
- इससे संघर्ष लंबा हो गया
उन्होंने यह भी कहा कि 15 दिन बाद अमेरिका को भी समझ आ गया था कि इस युद्ध में जीत आसान नहीं है।
तेल बाजार में हलचल: इनसाइडर ट्रेडिंग का शक
इस संघर्ष के बीच एक बड़ा आर्थिक विवाद भी सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान से ठीक पहले तेल बाजार में भारी ट्रेडिंग हुई।
क्या हुआ?
- करीब 580 मिलियन डॉलर (5,220 करोड़ रुपए) का दांव
- सिर्फ एक मिनट में 6,200 बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स की खरीद-फरोख्त
- ट्रम्प के बयान से ठीक 15 मिनट पहले यह ट्रांजेक्शन हुआ
इसके बाद ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच सकारात्मक बातचीत हुई है, जिसका असर तुरंत बाजार पर पड़ा।
बाजार पर असर
- तेल की कीमतों में अचानक गिरावट
- वैश्विक बाजार में भारी बिकवाली
- कुछ निवेशकों को बड़ा मुनाफा
अब सवाल उठ रहा है कि क्या कुछ लोगों को पहले से जानकारी थी? अगर ऐसा है तो यह इनसाइडर ट्रेडिंग का मामला हो सकता है, जो कानूनन अपराध है।
इजराइल पर ईरान का मिसाइल हमला
इजराइल की सेना (IDF) के अनुसार, ईरान ने एक नई बैलिस्टिक मिसाइल दागी। हालांकि यह मिसाइल खुले क्षेत्र में गिरी, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
अलर्ट जारी
- तेल अवीव, पेटाह टिक्वा और आसपास सायरन बजे
- लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया
- बाद में खतरा टलने की घोषणा
इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिका के अंदर भी मतभेद
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उनके रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ईरान के खिलाफ कार्रवाई के समर्थन में सबसे आगे थे। उनका मानना है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना जरूरी है।
हालांकि:
- उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पूरी तरह सहमत नहीं थे
- कुछ अधिकारी युद्ध के पक्ष में, कुछ विरोध में
- एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस्तीफा भी दिया
इससे साफ है कि अमेरिका के अंदर भी इस मुद्दे पर एकमत नहीं है।
पेंटागन ने मीडिया ऑफिस बंद किया
अमेरिकी रक्षा विभाग ने अपने परिसर में मीडिया ऑफिस बंद करने का फैसला लिया है। यह कदम अदालत द्वारा नए प्रेस नियमों को खारिज करने के बाद उठाया गया।
अब:
- मीडिया को सीमित पहुंच मिलेगी
- पत्रकारों को निगरानी में रहना होगा
- प्रेस कॉन्फ्रेंस और इंटरव्यू जारी रहेंगे
वैश्विक असर: दक्षिण कोरिया की चिंता
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने ईरान से बातचीत कर स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट में तनाव कम करने की अपील की, क्योंकि इसका असर वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है।
तेहरान में हमला: प्रोफेसर और दो बच्चों की मौत
ईरान की राजधानी तेहरान में एक हमले में प्रोफेसर सईद शमगदरी और उनके दो बच्चों की मौत हो गई। यह हमला उनके घर पर किया गया था।
इस घटना ने संघर्ष की गंभीरता और मानवीय नुकसान को और उजागर किया है।
निष्कर्ष
ईरान-इजराइल संघर्ष अब सिर्फ सैन्य टकराव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ईरान की सख्त शर्तें और अमेरिका-इजराइल की रणनीति इस युद्ध को और लंबा खींच सकती हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या कूटनीतिक प्रयास इस तनाव को कम कर पाते हैं या संघर्ष और गहराता है।

