Kuwait Airport Drone Attack : ईरान-अमेरिका-इजराइल जंग का 26वां दिन: कुवैत एयरपोर्ट ड्रोन अटैक, मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा
Kuwait Airport Drone Attack : ईरान-अमेरिका-इजराइल जंग के 26वें दिन कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे फ्यूल टैंक में आग लग गई। इराकी लड़ाकों ने अमेरिका के 23 ठिकानों पर हमले का दावा किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेतावनी दी कि युद्ध जारी रहा तो वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ेगा।
Kuwait Airport Drone Attack : कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला, फ्यूल टैंक में लगी आग
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग का आज 26वां दिन है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। मंगलवार रात कुवैत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईरान की ओर से ड्रोन हमला किया गया, जिससे एयरपोर्ट परिसर में मौजूद फ्यूल टैंक में आग लग गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट पर आ गईं।
कुवैत की सेना ने दावा किया है कि उसने दुश्मन के कई ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। सेना ने यह भी कहा कि अगर कहीं धमाके की आवाज सुनाई दे रही है, तो वह उनके एयर डिफेंस सिस्टम की कार्रवाई का परिणाम है। नेशनल गार्ड ने जानकारी दी कि उसने अपने क्षेत्र में पांच ड्रोन को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है।
सेना ने नागरिकों से अपील की है कि वे सरकार द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और अफवाहों से बचें।
Kuwait Airport Drone Attack : इराकी उग्रवादी समूह का दावा: अमेरिका के 23 ठिकानों पर हमले
इस बीच इराक के उग्रवादी संगठन “इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक” ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटे के दौरान अमेरिका से जुड़े 23 ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। हालांकि इन हमलों से कितना नुकसान हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के लगातार हमले क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकते हैं और संघर्ष को लंबा खींच सकते हैं।
ईरान में भारी तबाही: अब तक 1,500 से ज्यादा लोगों की मौत
ईरान में जारी हमलों का असर बेहद गंभीर दिखाई दे रहा है। अब तक करीब 1,500 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 18,551 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मरने वालों में आठ महीने के बच्चे से लेकर 88 साल तक के बुजुर्ग शामिल हैं।
इस युद्ध में करीब 200 महिलाओं की भी मौत हुई है। 28 फरवरी को एक स्कूल पर हुए हमले में 168 बच्चों की जान चली गई थी। इसके अलावा 55 स्वास्थ्यकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें से 11 की मौत हो चुकी है। यह आंकड़े युद्ध की भयावहता को दर्शाते हैं।
दक्षिणी लेबनान में इजराइल की एयरस्ट्राइक, 9 लोगों की मौत
लेबनान के दक्षिणी हिस्से में इजराइल द्वारा किए गए हवाई हमलों में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिदोन इलाके के पास कई स्थानों पर एयरस्ट्राइक की गई।
अदलौन क्षेत्र में हुए एक हमले में चार लोगों की मौत हुई, जबकि मियेह मियेह शरणार्थी कैंप में एक इमारत पर हमले के कारण दो लोगों की जान चली गई और चार लोग घायल हो गए। इसके अलावा हब्बूश इलाके में हुए एक अन्य हमले में तीन लोगों की मौत और 18 लोग घायल हुए।
हिजबुल्लाह ने इजराइल पर 30 रॉकेट दागे
लेबनान के उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल पर करीब 30 रॉकेट दागे। इन हमलों के बाद उत्तरी इजराइल के कई इलाकों में सायरन बजने लगे और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए।
हालांकि इन हमलों से हुए नुकसान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
प्रधानमंत्री मोदी की चेतावनी: युद्ध जारी रहा तो गंभीर परिणाम होंगे

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध जारी रहा, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है और इसके लिए सभी राज्यों को मिलकर काम करना होगा।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय जहाज और क्रू फंसे हुए हैं, जो चिंता का विषय है। इस क्षेत्र से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस की आपूर्ति करता है, इसलिए वहां किसी भी तरह का व्यवधान वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
अमेरिकी संसद में युद्ध रोकने का प्रस्ताव गिरा
अमेरिका की संसद के ऊपरी सदन सीनेट में ईरान के खिलाफ युद्ध रोकने के लिए लाया गया प्रस्ताव गिर गया। विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव के पक्ष में 47 और विरोध में 53 वोट पड़े।
यह तीसरी बार था जब डेमोक्रेट्स ने ऐसा प्रस्ताव पेश किया। उनका कहना है कि युद्ध शुरू करने का अधिकार कांग्रेस के पास होता है, इसलिए राष्ट्रपति बिना पूरी मंजूरी के यह कदम नहीं उठा सकते।
ऊर्जा संकट गहराया, फिलीपींस ने घोषित की एनर्जी इमरजेंसी
मध्य पूर्व में जारी युद्ध का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। फिलीपींस ने देश में ऊर्जा आपूर्ति पर खतरे को देखते हुए एनर्जी इमरजेंसी लागू कर दी है। सरकार का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के कारण तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है और कीमतों में तेजी आ रही है।
सरकार ने लोगों से बिजली और ईंधन बचाने की अपील की है और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
विशेषज्ञों की चेतावनी: युद्ध बढ़ा तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर

अमेरिकी डिफेंस विशेषज्ञों का कहना है कि यह संघर्ष धीरे-धीरे और बड़ा रूप ले सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर युद्ध बढ़ा, तो होर्मुज स्ट्रेट पर असर पड़ सकता है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल गुजरता है। इससे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हो सकती है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, जब तक क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां कम नहीं होतीं और सैनिकों की वापसी नहीं होती, तब तक तनाव कम होने की संभावना कम है।

