Iran Threat : फारस की खाड़ी में तनाव बढ़ा, ईरान की बड़ी चेतावनी
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध अपने 24वें दिन में पहुंच चुका है।
होर्मुज स्ट्रेट पर सबसे बड़ा खतरा
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे अहम शिपिंग रूट्स में से एक है, जहां से करीब 20% वैश्विक तेल सप्लाई गुजरती है।
ईरान की नेशनल डिफेंस काउंसिल ने कहा है कि अगर हालात बिगड़ते हैं, तो इस पूरे समुद्री रास्ते को माइन कर दिया जाएगा और यहां से गुजरने वाले देशों को ईरान से अनुमति लेनी होगी।
ट्रम्प की चेतावनी और डेडलाइन
डोनाल्ड ट्रम्प ने दो दिन पहले ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था कि वह होर्मुज रूट खोले, वरना ईरान के पावर प्लांट्स पर बड़ा हमला किया जाएगा।
यह डेडलाइन अब खत्म होने वाली है, जिससे स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई है।
सीजफायर के लिए ईरान की नई शर्तें
ईरान ने युद्ध विराम (सीजफायर) के लिए तीन नई शर्तें रखी हैं:
- क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बंद किया जाए
- होर्मुज स्ट्रेट के लिए नए नियम बनाए जाएं
- ईरान विरोधी मीडिया से जुड़े लोगों पर कार्रवाई और प्रत्यर्पण
इससे पहले भी ईरान मुआवजा और भविष्य में हमले न होने की गारंटी जैसी शर्तें रख चुका है।
खार्ग द्वीप का महत्व
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका इस रणनीतिक द्वीप को लेकर भी विकल्पों पर विचार कर रहा है।
भारत के लिए राहत: LPG टैंकर रवाना
तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर है।
दो भारतीय झंडे वाले LPG टैंकर खाड़ी क्षेत्र से निकल चुके हैं और Strait of Hormuz पार कर भारत पहुंचेंगे।
यह भारत की ऊर्जा सप्लाई के लिए अहम माना जा रहा है।
वैश्विक असर: बाजारों में गिरावट
ईरान युद्ध का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है:
- चीन और हॉन्गकॉन्ग के शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट
- आर्थिक मंदी की आशंका
- ऊर्जा सप्लाई पर दबाव
कीर स्टार्मर ने इस स्थिति को देखते हुए आपात बैठक बुलाने का फैसला किया है।
चीन की अपील: युद्ध रोका जाए
लिन जियान ने कहा कि अगर हालात और बिगड़े, तो पूरा क्षेत्र संकट में आ जाएगा।
चीन ने सभी पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट
NetBlocks के अनुसार ईरान में इंटरनेट बंदी 24वें दिन में पहुंच गई है।
- 552 घंटे से ज्यादा समय से इंटरनेट बंद
- अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी लगभग पूरी तरह ठप
- केवल सीमित सरकारी सेवाओं को अनुमति
यह दुनिया के सबसे बड़े इंटरनेट ब्लैकआउट में से एक माना जा रहा है।
निष्कर्ष
फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ता तनाव अब केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक संकट का रूप ले चुका है।
अगर ईरान अपनी धमकी पर अमल करता है, तो इसका सीधा असर तेल सप्लाई, वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ेगा।
आने वाले दिनों में यह तय करेगा कि यह संघर्ष कूटनीति से सुलझेगा या और गंभीर रूप लेगा।