Iran Threat : ईरान ने धमकी दी, ग्लोबल सप्लाई ठप कर देगा, अमेरिका-इजराइल हमलों पर प्रतिक्रिया
Iran Threat : ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका और इजराइल के हमले बढ़े तो वह होर्मुज समेत अन्य समुद्री मार्गों को भी निशाना बनाएगा। अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर, मिसाइल हमले और क्रैश साइट घटनाओं के बीच चीन और रूस मध्यस्थता प्रयास कर रहे हैं।
Iran Threat : ईरान ने ग्लोबल सप्लाई ठप करने की धमकी दी, अमेरिका-इजराइल हमलों पर प्रतिक्रिया तेज
तेहरान / वाशिंगटन: अमेरिका और इजराइल के बढ़ते हमलों के बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर हमला जारी रहा तो वह वैश्विक सप्लाई चेन को भी निशाना बनाएगा। ईरानी सुप्रीम लीडर के वरिष्ठ सलाहकार अली अकबर वेलायती ने कहा कि किसी भी बड़ी कार्रवाई का जवाब सिर्फ सैन्य स्तर पर नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा और व्यापार को प्रभावित करके दिया जाएगा।
वेलायती ने बताया कि केवल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ही नहीं, बल्कि बाब-अल-मंदेब और अन्य महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को भी खतरा हो सकता है। उनका कहना था कि अगर अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज की तो समुद्री मार्गों को ब्लॉक करने और वैश्विक व्यापार प्रभावित करने में देरी नहीं की जाएगी।
ट्रम्प का अल्टीमेटम और धमकी
इस बयान के कुछ ही समय बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलेगा तो उसे “नरक जैसी स्थिति” में पहुंचाया जाएगा। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मंगलवार को ईरान में पावर प्लांट डे और ब्रिज डे होगा, यानी संभावित हमला।
ट्रम्प ने सीधे तौर पर पावर प्लांट और पुलों पर हमलों की बात कही और ईरान को बास्टर्ड कहकर धमकी दी। उनका यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बन गया है।
इजराइल में मिसाइल हमले की तबाही

इजराइल के हाइफा शहर में ईरानी मिसाइल हमले के बाद मलबे से 2 शव बरामद हुए, जबकि 2 लोग लापता हैं। रेस्क्यू टीमें लगातार मलबे में तलाश कर रही हैं। हमला विशेष रूप से उस अपार्टमेंट पर हुआ, जो सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त हुआ।
हमले में इमारत के निचले हिस्से में मिसाइल लगी, जिससे ऊपर के फ्लैट्स ढह गए। मलबे में मिसाइल के अनफटे हिस्सों की मौजूदगी से रेस्क्यू ऑपरेशन और कठिन हो गया।
अमेरिकी F-15E क्रैश साइट का खुलासा
सेंट्रल ईरान में अमेरिकी F-15E फाइटर जेट के क्रैश साइट की सैटेलाइट तस्वीर सामने आई। तस्वीर में लगभग 40 फीट चौड़ा गोलाकार गड्ढा दिखाई दे रहा है। एयरबस ने यह तस्वीर 5 अप्रैल को जारी की।
विशेषज्ञों का कहना है कि सैन्य मामलों में कई बार क्रैश साइट को बम से नष्ट किया जाता है ताकि संवेदनशील उपकरण दुश्मन के हाथ न लगें। यह क्रैश साइट उस जगह से करीब 30 किलोमीटर दूर है, जहां अमेरिकी सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कुछ विमान खुद नष्ट किए थे।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: चीन और रूस की मध्यस्थता
ईरान युद्ध के बढ़ते तनाव को लेकर चीन और रूस के विदेश मंत्रियों ने फोन पर चर्चा की। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में तनाव का समाधान केवल युद्ध रोकने और जल्द से जल्द सीजफायर लागू करने से ही संभव है।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी चिंता जताई और कहा कि सैन्य कार्रवाई तुरंत बंद होनी चाहिए। दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य होने के नाते निष्पक्ष और संतुलित रुख अपनाने की अपील की।
अमेरिका और ईरान के बीच 45 दिन के सीजफायर पर चर्चा
अमेरिका और ईरान के बीच 45 दिन के प्रस्तावित सीजफायर पर आखिरी दौर की बातचीत चल रही है। मध्यस्थ देशों पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की ने इस डील के लिए मध्यस्थता की भूमिका निभाई है।
पहले चरण में 45 दिन का सीजफायर लागू होगा, जिसके दौरान स्थायी शांति समझौते पर बातचीत होगी। यदि इस अवधि में समझौता नहीं हुआ तो बड़े पैमाने पर हमले की संभावना है।
अमेरिका और इजराइल ने ईरान के 12 शहरों पर हमले किए
अमेरिका और इजराइल ने हाल ही में ईरान के 12 शहरों को निशाना बनाया, जिनमें तेहरान, बंदर अब्बास, अहवाज, महशहर, शिराज, इस्फहान, कराज और कोम शामिल हैं।
- तेहरान में मेहराबाद एयरपोर्ट के पास धमाके के बाद धुआं उठता देखा गया।
- शरीफ यूनिवर्सिटी के पास स्ट्राइक हुई।
- अहवाज एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया।
- कोम में 5 और कोंग सिटी में 6 लोगों की मौत हुई। 17 लोग घायल।
इन हमलों में आम नागरिक भी प्रभावित हुए।
ऊर्जा और वैश्विक व्यापार पर असर
ईरानी धमकी का सबसे बड़ा असर वैश्विक ऊर्जा और व्यापार पर हो सकता है। यदि होर्मुज स्ट्रेट और बाब-अल-मंदेब मार्ग बंद होते हैं, तो तेल और गैस सप्लाई में भारी बाधा आएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता की संभावना बढ़ सकती है।
अगले 48 घंटे निर्णायक होंगे
हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए, अगले 48 घंटे मिडिल ईस्ट में तनाव की दिशा तय करेंगे। ईरान फिलहाल किसी बड़ी रियायत देने के मूड में नहीं है, जबकि अमेरिका-इजराइल बड़े हमलों की तैयारी में हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मध्यस्थ देशों की कोशिशों से समाधान नहीं निकला, तो वैश्विक सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ेगा।
निष्कर्ष: ईरान- अमेरिका-इजराइल तनाव चरम पर है। समुद्री मार्गों पर खतरा, मिसाइल हमले, F-15 क्रैश और वैश्विक सप्लाई ठप होने की चेतावनी ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को चुनौती दी है। अगले 48 घंटे निर्णायक होंगे कि मिडिल ईस्ट में युद्ध या शांति होगी।


