Global Tention : ईरान-इजराइल युद्ध का 24वां दिन: संघर्ष और तेज
मध्य पूर्व में जारी ईरान और इजराइल के बीच युद्ध अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। 24वें दिन दोनों देशों ने एक-दूसरे पर बड़े हमले किए, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक तनाव बढ़ गया है।
ईरान का क्लस्टर बम हमला, तेल अवीव में तबाही
हमले के बाद कई इमारतों, सड़कों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। इजराइल में आपातकालीन सेवाओं को तुरंत सक्रिय किया गया।
इजराइल का तेहरान पर जवाबी हमला
ईरान के हमले के बाद इजराइल ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए सोमवार को तेहरान पर मिसाइल हमले किए।
अमेरिका में इजराइल के राजदूत येचिएल लीटर ने कहा कि इजराइल तब तक नहीं रुकेगा, जब तक ईरान को पूरी तरह झुका नहीं दिया जाता।
ईरान की चेतावनी: होर्मुज स्ट्रेट बंद कर सकते हैं
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने साफ कहा है कि हर हमले का जवाब दिया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया, तो वह होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर सकता है।
यह कदम वैश्विक तेल सप्लाई और अर्थव्यवस्था पर भारी असर डाल सकता है।
सीजफायर की कोशिश में अमेरिका
डोनाल्ड ट्रम्प की टीम ईरान के साथ सीजफायर वार्ता की कोशिश कर रही है। इस पहल में जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ शामिल हैं।
हालांकि ईरान ने बातचीत के लिए शर्त रखी है:
- पहले युद्ध रोका जाए
- हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए
- भविष्य में हमले की गारंटी न हो
अमेरिका इन शर्तों, खासकर मुआवजे पर सहमत नहीं है।
मध्यस्थ के रूप में मिस्र, कतर और ब्रिटेन भूमिका निभा रहे हैं।
ग्लोबल इकोनॉमी पर खतरा
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के प्रमुख फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि यह युद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
तेल और गैस से जुड़े कई ठिकानों पर हमले होने से सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है।
23 दिन की जंग: नुकसान और हालात
28 फरवरी 2026 को शुरू हुई इस जंग में शुरुआती दिनों में भारी तबाही हुई। अमेरिका और इजराइल ने बड़े पैमाने पर हमले किए, जबकि ईरान लगातार पलटवार कर रहा है।
22 मार्च को ईरान ने डिमोना और अराद शहरों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसमें 300 से ज्यादा लोग घायल हुए।
यह साफ है कि 3 हफ्ते बाद भी ईरान कमजोर नहीं पड़ा है।
ईरान बॉर्डर पर फंसे भारतीय छात्र
छात्रों का कहना है कि:
- खाने-पीने की दिक्कत हो रही है
- मानसिक तनाव बढ़ रहा है
- एंबेसी से पर्याप्त मदद नहीं मिल रही
निष्कर्ष
ईरान-इजराइल युद्ध अब केवल क्षेत्रीय संघर्ष नहीं रहा, बल्कि वैश्विक संकट का रूप लेता जा रहा है। जहां एक ओर सैन्य हमले तेज हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं।
आने वाले दिनों में यह तय होगा कि यह संघर्ष थमेगा या दुनिया को एक बड़े संकट की ओर धकेल देगा।
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