Iran Allows Indian Ships : ईरान ने भारत समेत 5 देशों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी
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Iran Allows Indian Ships : ईरान ने भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है। अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के 27वें दिन यह फैसला वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल कीमतों के लिए अहम माना जा रहा है। अमेरिका ने युद्ध खत्म करने के लिए 15 शर्तों वाला प्रस्ताव भी भेजा।
Iran Allows Indian Ships : ईरान ने भारत को होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी: कुल 5 देशों के जहाज गुजर सकेंगे।
मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के 27वें दिन एक बड़ा कूटनीतिक और आर्थिक संकेत सामने आया है। ईरान ने भारत सहित पांच देशों—चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान—को रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार, तेल आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ी हुई है। इस कदम को क्षेत्रीय तनाव के बीच संतुलन बनाने और मित्र देशों के साथ संबंध मजबूत रखने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
ईरान का बयान: सिर्फ विरोधी देशों के लिए बंद है रास्ता
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, मुंबई स्थित ईरानी कॉन्सुलेट ने जानकारी दी कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह रास्ता केवल उन देशों के लिए प्रतिबंधित है जो ईरान के खिलाफ हैं या उसके हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। मित्र देशों को कुछ शर्तों के साथ सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दी जा रही है।
ईरान का यह बयान वैश्विक समुदाय को यह संकेत देता है कि वह पूरी तरह से समुद्री मार्ग बंद करने के पक्ष में नहीं है, लेकिन अपनी सुरक्षा और राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दे रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना महत्वपूर्ण
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह फारस की खाड़ी को अरब सागर और हिंद महासागर से जोड़ता है।
दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। इसलिए इस रास्ते में किसी भी प्रकार की बाधा का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह मार्ग लंबे समय तक बंद हो जाता है, तो तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं और कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
भारत को होर्मुज स्ट्रेट खुलने से मिलेंगे 5 बड़े फायदे

1. तेल आपूर्ति बनी रहेगी स्थिर
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत तेल आयात करता है, जिसमें से 55 से 60 प्रतिशत खाड़ी देशों से आता है। होर्मुज स्ट्रेट खुला रहने से यह आपूर्ति बिना रुकावट जारी रहेगी।
2. तेल की कीमतों में स्थिरता
युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई थीं। रास्ता खुलने से कीमतों में स्थिरता आने की संभावना बढ़ गई है।
3. परिवहन लागत में कमी
तनाव के दौरान जहाजों का बीमा और सुरक्षा खर्च 2 से 3 गुना तक बढ़ गया था। अब जोखिम कम होने से परिवहन लागत में भी कमी आ सकती है।
4. समय पर डिलीवरी
मिडिल ईस्ट से भारत आने वाले जहाज सामान्य परिस्थितियों में 5 से 10 दिनों के भीतर पहुंच सकते हैं। रास्ता खुला रहने से यह समय सीमा बरकरार रहेगी।
5. ऊर्जा सुरक्षा मजबूत
ऊर्जा आपूर्ति में स्थिरता आने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और उद्योगों पर पड़ने वाला दबाव कम होगा।
ईरान का दावा: अमेरिकी फाइटर जेट को मार गिराया
इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने एक अमेरिकी F/A-18 फाइटर जेट को मार गिराया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, यह घटना देश के दक्षिणी तटीय इलाके के पास हुई और विमान हिंद महासागर में क्रैश हो गया।
हालांकि, अमेरिका ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि ईरान ने किसी भी अमेरिकी फाइटर जेट को नहीं गिराया और यह दावा गलत है।
अमेरिका ने ईरान को भेजा 15 पॉइंट्स का शांति प्रस्ताव
युद्ध समाप्त करने के प्रयास में अमेरिका ने ईरान को 15 शर्तों वाला एक विस्तृत प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से तेहरान तक पहुंचाया गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान के सेना प्रमुख इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल क्षमता और समुद्री सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल किया गया है।
अमेरिका की प्रमुख शर्तें क्या हैं
अमेरिका ने ईरान के सामने कई महत्वपूर्ण शर्तें रखी हैं, जिनका उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इनमें प्रमुख शर्तें शामिल हैं:
- परमाणु हथियार विकसित न करने की गारंटी देना
- यूरेनियम संवर्धन को सीमित या पूरी तरह बंद करना
- अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी (IAEA) को सभी परमाणु साइट्स तक पहुंच देना
- बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल प्रोग्राम पर सख्त नियंत्रण
- होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह सुरक्षित और खुला रखना
- क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और हमलों को कम करना
- हिजबुल्लाह और अन्य सहयोगी मिलिशिया को समर्थन कम करना
- दीर्घकालिक शांति और स्थिरता के लिए रोडमैप लागू करना
इसके बदले में अमेरिका ने ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने और ऊर्जा क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग देने का प्रस्ताव भी रखा है।
अमेरिका का दावा: 9 हजार से ज्यादा ठिकानों पर हमले
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने अब तक ईरान के 9,000 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं।
उन्होंने कहा कि इन हमलों के बाद ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले लगभग 90 प्रतिशत तक कम हो गए हैं।
इसके अलावा, अमेरिकी सेना ने ईरान के 140 से ज्यादा नौसैनिक जहाज भी नष्ट किए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में माइन बिछाने वाले पोत शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह दावा सही है, तो यह दूसरे विश्व युद्ध के बाद इतने कम समय में किसी देश की नौसेना को हुआ सबसे बड़ा नुकसान हो सकता है।
अमेरिका का बयान: USS अब्राहम लिंकन पूरी तरह सुरक्षित
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि उसका एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन अभी भी पूरी तरह सक्रिय है और क्षेत्र में ऑपरेशन जारी रखे हुए है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह युद्धपोत लगातार हवाई अभियान चला रहा है और ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है।
इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने इस एयरक्राफ्ट कैरियर पर क्रूज मिसाइलें दागी थीं, जिसके कारण उसे अपनी पोजिशन बदलनी पड़ी थी।
वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर क्या होगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट खुला रहने से वैश्विक तेल आपूर्ति में स्थिरता बनी रह सकती है। इससे तेल की कीमतों में अचानक उछाल आने की संभावना कम हो जाएगी।
हालांकि, क्षेत्र में जारी युद्ध और सैन्य गतिविधियों के कारण जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। किसी भी बड़े हमले या रणनीतिक फैसले से बाजार में फिर से अस्थिरता आ सकती है।
दुनिया भर की सरकारें और ऊर्जा कंपनियां इस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा सीधे वैश्विक आर्थिक स्थिरता से जुड़ी हुई है।

