International Updates : बांग्लादेश ने भारत से छीना स्पेशल इकोनॉमिक जोन, चीन को ड्रोन फैक्ट्री और फाइटर जेट डील
International Updates : बांग्लादेश ने चटगांव में भारत को आवंटित स्पेशल इकोनॉमिक जोन रद्द कर चीन को ड्रोन फैक्ट्री के लिए जमीन दी। इसके साथ 20 चीनी J-10CE फाइटर जेट की बड़ी डील भी हुई। जानिए पूरी रणनीति, कारण और भारत पर असर।
International Updates : बांग्लादेश ने भारत से छीना स्पेशल इकोनॉमिक जोन
भारत-बांग्लादेश संबंधों में बड़ा रणनीतिक मोड़
बांग्लादेश ने भारत को चटगांव (चटग्राम) क्षेत्र में दिया गया स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) रद्द कर दिया है। यह जमीन अब चीन को ड्रोन फैक्ट्री स्थापित करने के लिए सौंप दी गई है। यह फैसला केवल आर्थिक नहीं, बल्कि रणनीतिक और सैन्य दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है। खास बात यह है कि यह इलाका भारतीय सीमा से महज 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
लगभग 850 एकड़ में फैले इस क्षेत्र में साल 2026 के अंत तक ड्रोन प्रोडक्शन शुरू होने की तैयारी है। चीन ने न केवल निवेश बल्कि ड्रोन टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर भी सहमति दी है।
International Updates : चीन बनाएगा मीडियम रेंज और वर्टिकल लिफ्ट ड्रोन
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ड्रोन फैक्ट्री में मीडियम रेंज ड्रोन और वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (VTOL) ड्रोन तैयार किए जाएंगे। इससे बांग्लादेश दक्षिण एशिया में भारत और पाकिस्तान के बाद तीसरा ड्रोन-निर्माता देश बन जाएगा।
इस परियोजना का निर्माण चीन की सरकारी डिफेंस कंपनी CETC (China Electronics Technology Group Corporation) कर रही है, जो पहले अफ्रीकी देशों—सोमालिया, लीबिया और मोरक्को—में भी सैन्य उत्पादन इकाइयाँ स्थापित कर चुकी है।
International Updates : 10 साल पहले भारत को मिला था यह इकोनॉमिक जोन
भारत और बांग्लादेश के बीच 2015 में समझौता हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ढाका यात्रा के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ संयुक्त घोषणा में भारत के लिए इंडियन इकोनॉमिक जोन (IEZ) स्थापित करने का फैसला लिया गया।
यह परियोजना Government-to-Government (G2G) फ्रेमवर्क के तहत थी और इसमें भारत की Line of Credit (LoC) से फंडिंग होनी थी।
2019 में BEZA और Adani Ports & SEZ के बीच MoU भी साइन हुआ था और भारत ने 115 मिलियन डॉलर की क्रेडिट लाइन दी थी।
International Updates : भारत को SEZ से मिलने वाले बड़े फायदे
1. भारतीय कंपनियों को विशेष सुविधाएं
SEZ में भारतीय कंपनियों को टैक्स छूट, ड्यूटी-फ्री आयात, सस्ती यूटिलिटीज और आसान नियम मिलते। इससे ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग जैसे सेक्टर को फायदा होता।
2. भारतीय निर्यात को बढ़ावा
LoC शर्तों के तहत 85% सामग्री भारत से खरीदी जानी थी, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा बाजार मिलता।
3. सप्लाई चेन और क्षेत्रीय व्यापार
चटगांव पोर्ट के पास होने से भारत को बंगाल की खाड़ी और दक्षिण-पूर्व एशिया तक लॉजिस्टिक बढ़त मिलती।
4. रोजगार और स्किल डेवलपमेंट
हजारों स्थानीय नौकरियां और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर से द्विपक्षीय रिश्ते मजबूत होते।
5. रणनीतिक संतुलन
बांग्लादेश में भारत की मौजूदगी से चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने में मदद मिलती।
परियोजना रद्द क्यों हुई?
इस SEZ के लिए मिले फंड का केवल 1% ही उपयोग हो सका। भारतीय ठेकेदारों की रुचि कम रही।
2024 में शेख हसीना सरकार के हटने और मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार आने के बाद अक्टूबर 2025 तक इस परियोजना को आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया गया।
जनवरी 2026 में BEZA के कार्यकारी चेयरमैन चौधरी अशिक महमूद बिन हारुन ने घोषणा की कि इस जमीन को अब डिफेंस या मिलिट्री इकोनॉमिक जोन बनाया जाएगा।
20 हजार करोड़ की चीन-बांग्लादेश फाइटर जेट डील
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बांग्लादेश ने चीन से 20 J-10CE मल्टीरोल फाइटर जेट खरीदने का सौदा किया है।
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कुल लागत: 2.2 अरब डॉलर (करीब 20,000 करोड़ रुपये)
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डिलीवरी: 2027 तक
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भुगतान अवधि: 10 साल
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तकनीक: 4.5 जनरेशन, AESA रडार, PL-15E मिसाइल
यह बांग्लादेश का अब तक का सबसे बड़ा फाइटर जेट सौदा है।
बांग्लादेशी पायलट्स को चीन में ट्रेनिंग
चीन की एयरफोर्स बांग्लादेशी पायलट्स को ट्रेनिंग दे रही है।
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20 पायलट पहले ही ग्वांगझू में ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं
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कुर्मीटोला और कॉक्स बाजार एयरबेस चुने गए
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मेंटेनेंस और टेक्निकल ट्रेनिंग भी शामिल
Force Goal-2030 और बदली सैन्य रणनीति

बांग्लादेश Force Goal-2030 के तहत अपनी वायुसेना को आधुनिक बना रहा है। वर्तमान में उसके पास 212 विमान, जिनमें 44 फाइटर जेट शामिल हैं—चीनी F-7, रूसी MiG-29 और Yak-130।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह नीति बांग्लादेश को क्षेत्रीय सैन्य शक्ति के रूप में उभारने की दिशा में है।
भारत के लिए रणनीतिक संकेत
भारत के लिहाज से यह घटनाक्रम केवल एक आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि रणनीतिक चेतावनी भी है। भारतीय सीमा के पास चीनी ड्रोन फैक्ट्री और आधुनिक फाइटर जेट की तैनाती क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण को प्रभावित कर सकती है।
निष्कर्ष
भारत से SEZ छीनकर चीन को देना और साथ ही उन्नत हथियार सौदे करना यह दिखाता है कि बांग्लादेश अब आर्थिक से आगे बढ़कर सैन्य-रणनीतिक प्राथमिकताओं पर काम कर रहा है। यह फैसला दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में नया अध्याय जोड़ता है।

