Indore Updates : इंदौर रंगपंचमी गेर 2026, मिसाइलों से बरसेगा रंग, टेसू के गुलाल से बनेगा तिरंगा
Indore Updates : इंदौर में रंगपंचमी की ऐतिहासिक गेर रविवार को निकलेगी, जहां मिसाइलों से 200 फीट तक रंग और पानी बरसाया जाएगा। राजवाड़ा पर 8 हजार किलो टेसू के फूलों के गुलाल से तिरंगा बनाया जाएगा। लाखों लोगों की मौजूदगी में यह आयोजन देश के सबसे बड़े रंगोत्सवों में शामिल है।
Indore Updates : इंदौर की ऐतिहासिक गेर में मिसाइलों से बरसेगा रंग
रंगपंचमी पर निकलेगी पारंपरिक गेर
मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में रंगपंचमी के मौके पर निकलने वाली ऐतिहासिक गेर इस बार भी भव्य रूप में आयोजित होगी। रविवार को राजवाड़ा क्षेत्र से शुरू होने वाला यह आयोजन लाखों लोगों को रंगों से सराबोर कर देगा।
पिछले तीन वर्षों से इस आयोजन में 5 लाख से अधिक लोग शामिल हो रहे हैं, जिससे यह देश के सबसे बड़े रंगोत्सवों में गिना जाने लगा है। इस बार भी हजारों किलो गुलाल और लाखों लीटर पानी की बौछारों की तैयारी की गई है।
Indore Updates :200 फीट तक उड़ेंगे रंग और पानी
गेर में इस बार आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार विशेष मिसाइल मशीनों के जरिए करीब 200 फीट ऊंचाई तक रंग और पानी उड़ाया जाएगा।
राजवाड़ा और आसपास के लगभग 5 से 6 किलोमीटर क्षेत्र में रंग, गुलाल और पानी की बौछारें होती रहेंगी।
Indore Updates :टेसू के फूलों से बनेगा तिरंगा
इस बार आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण टेसू के फूलों से बने प्राकृतिक गुलाल से बनाया जाने वाला तिरंगा होगा।
करीब 8 हजार किलो टेसू के फूलों से तैयार गुलाल को राजवाड़ा क्षेत्र में उड़ाकर तिरंगा बनाया जाएगा। यह दृश्य देखने के लिए हर साल हजारों लोग यहां पहुंचते हैं।
Indore Updates :बैलगाड़ी से मिसाइल तक का सफर

इंदौर की गेर का इतिहास काफी पुराना है। 1947 से पहले रंगपंचमी के दिन राजवाड़ा क्षेत्र में पुराने फायर ब्रिगेड की मदद से लोगों पर पानी डाला जाता था।
1950 और 1960 के दशक में लोगों को कड़ाव में साबुन का पानी भरकर भिगोया जाता था। बाद में बैलगाड़ी पर कड़ाव रखकर गेर निकाली जाने लगी।
1970 और 1980 के दशक में भीड़ बढ़ने लगी तो छोटे लोडिंग वाहनों में रंग और पानी के ड्रम रखे जाने लगे।
1990 के दशक में टैंकर और म्यूजिक सिस्टम शामिल हुए और 2000 के दशक में रंग उड़ाने वाली मिसाइलों का उपयोग शुरू हो गया।
गेर में दिखेगी लोक संस्कृति की झलक
इस रंगोत्सव में कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी।
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बरसाना की लट्ठमार होली का मंचन
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राधा-कृष्ण की रासलीला
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ढोल-ताशे और फाग गीत
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झांकियां और डीजे पर नाचते युवा
संगम कॉर्नर की 76वीं सामाजिक समरसता गेर और रसिया कॉर्नर की 53वीं गेर इस आयोजन की प्रमुख आकर्षण होंगी।
Indore Updates : धार्मिक फागयात्रा भी निकलेगी

नृसिंह बाजार स्थित बद्रीनारायण मंदिर से प्रदेश की सबसे बड़ी धार्मिक-सांस्कृतिक फागयात्रा भी निकलेगी।
इस यात्रा का यह 28वां वर्ष है। इसमें विशाल नंदी पर विराजमान भगवान शिव की झांकी, महाकाल मंदिर की प्रतिकृति और भजन मंडलियां शामिल होंगी।
यात्रा में हजारों महिलाओं की भागीदारी भी होगी और प्राकृतिक रंगों का ही उपयोग किया जाएगा।
अलग-अलग गेरों में खास आकर्षण
शहर के कई इलाकों से अलग-अलग गेर निकाली जाएंगी।
संगम कॉर्नर गेर
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8 हजार किलो टेसू गुलाल
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लट्ठमार होली का मंचन
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पानी की मिसाइल से रंग वर्षा
रसिया कॉर्नर गेर
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करीब 40 वाहन
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पांच पानी टैंकर
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आदियोगी की झांकी
मॉरल क्लब गेर
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6 डीजे गाड़ियां
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51 ढोल
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15 ब्लोअर मशीनें
टोरी कॉर्नर गेर
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तीन पानी टैंकर
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गुलाल उड़ाने की मशीन
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दो बैंड और डीजे
सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था
गेर के दौरान राजवाड़ा और आसपास के कई क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा।
बड़ा गणपति से कृष्णपुरा छत्री, नंदलालपुरा से राजमोहल्ला और सराफा बाजार समेत कई इलाकों में वाहन प्रवेश और पार्किंग पूरी तरह बंद रहेगी।
यातायात पुलिस ने शहर में कई डायवर्जन लागू किए हैं ताकि लोगों को असुविधा न हो।
परंपरा, आस्था और उत्साह का संगम
इंदौर की रंगपंचमी गेर सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि शहर की पहचान बन चुकी है। परंपरा, आस्था और आधुनिक तकनीक का अनोखा संगम इस आयोजन को खास बनाता है।
हर साल की तरह इस बार भी पूरा इंदौर रंगों, संगीत और उत्साह के साथ रंगपंचमी का जश्न मनाने के लिए तैयार है।

