Inauguration Airport Terminal : इंदौर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन, सीएम मोहन यादव ने विकास परियोजनाओं की दी सौगात
Airport Terminal Inauguration : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल का शुभारंभ किया और नर्मदा पेयजल परियोजना के चौथे चरण का भूमिपूजन किया। अमृत 2.0 योजना के तहत शहर में जल आपूर्ति, टैंक निर्माण और पाइपलाइन विस्तार जैसे बड़े विकास कार्य शुरू किए गए।
Airport Terminal Inauguration : इंदौर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल का शुभारंभ
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर दौरे पर रहे, जहां उन्होंने शहर के नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के विमानन क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है और अब हवाई यात्रा आम नागरिकों के लिए भी सुलभ हो गई है।
मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया, जिनमें ‘मन की बात’ कार्यक्रम में सहभागिता, ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत हितलाभ वितरण और नर्मदा पेयजल परियोजना के चौथे चरण का भूमिपूजन शामिल है। इन परियोजनाओं से इंदौर शहर के बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
नए एयरपोर्ट टर्मिनल से बढ़ेगी हवाई सेवाओं की क्षमता

मुख्यमंत्री के अनुसार, नए एयरपोर्ट टर्मिनल के निर्माण से इंदौर में हवाई सेवाओं की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विमानन क्षेत्र का व्यापक विस्तार हुआ है और अब छोटे शहरों को भी बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिल रही है।
सीएम ने कहा कि पहले हवाई यात्रा केवल सीमित लोगों तक ही सीमित थी, लेकिन अब सरकार की नीतियों और निवेश के कारण यह सुविधा हर वर्ग तक पहुंच रही है। नए टर्मिनल के शुरू होने से यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और पर्यटन एवं व्यापार गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
‘मन की बात’ कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ हुए शामिल
इंदौर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी भाग लिया, जहां कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा देश के विकास, सामाजिक पहल और जनभागीदारी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और लोगों को प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।
‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत हितलाभ वितरण
मुख्यमंत्री ने दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को हितलाभ वितरित किए। इस अभियान का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ सीधे पात्र नागरिकों तक पहुंचाना है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के तहत अब तक 1 लाख 44 हजार से अधिक हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल चुका है।
अभियान की प्रमुख विशेषताएं
- 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक अभियान का संचालन
- चार चरणों में कार्यक्रम का आयोजन
- 106 सरकारी सेवाओं को शामिल किया गया
- ग्राम पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम क्षेत्रों में 539 कैंप आयोजित
- ब्लॉक और क्लस्टर स्तर पर 106 शिविर लगाकर आवेदनों का निराकरण
इस अभियान के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान और सरकारी सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
नर्मदा पेयजल परियोजना के चौथे चरण का भूमिपूजन
मुख्यमंत्री ने अमृत 2.0 योजना के तहत नर्मदा पेयजल परियोजना के चौथे चरण का भूमिपूजन भी किया। इस परियोजना का उद्देश्य शहर की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाना है।
वर्तमान में इंदौर शहर की जल आपूर्ति मुख्य रूप से नर्मदा नदी पर आधारित है, जहां से लगभग 70 किलोमीटर दूर से पानी पंप कर शहर तक पहुंचाया जाता है।
जल आपूर्ति क्षमता में होगा बड़ा विस्तार
- वर्तमान जल आपूर्ति क्षमता – लगभग 580 एमएलडी
- परियोजना पूरी होने के बाद क्षमता – लगभग 885 एमएलडी
- वर्ष 2040 तक अनुमानित जरूरत – 1209 एमएलडी
इस परियोजना के पूरा होने से शहर की भविष्य की जल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और जल संकट की समस्या में कमी आएगी।
पाइपलाइन और टैंक निर्माण के बड़े प्रोजेक्ट शुरू
नर्मदा परियोजना के तहत कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य शुरू किए जाएंगे, जिनमें नई पाइपलाइन बिछाना, ओवरहेड टैंक बनाना और जल वितरण प्रणाली को मजबूत करना शामिल है।
पैकेज-2 के प्रमुख कार्य
- 39 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी
- तीन स्थानों पर आधुनिक टनल का निर्माण
- राऊ सर्कल पर क्लोरिनेशन सिस्टम की स्थापना
- परियोजना लागत – लगभग 448 करोड़ रुपए
- कार्य पूरा होने की अवधि – 30 महीने
पैकेज-3 और पैकेज-4 के कार्य
- 40 नए ओवरहेड टैंक का निर्माण
- 75 से अधिक मौजूदा टैंकों का सुदृढ़ीकरण
- 1500 किलोमीटर से अधिक पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार
- लाखों घरों को नए जल कनेक्शन
- परियोजना लागत – लगभग 907 करोड़ रुपए
- कार्य अवधि – 36 महीने
इन परियोजनाओं से शहर के नए और पुराने क्षेत्रों में जल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
नए गांवों को भी मिलेगा पेयजल कनेक्शन
परियोजना के पूरा होने के बाद इंदौर शहर में शामिल नए गांवों को भी नियमित जल आपूर्ति उपलब्ध कराई जाएगी। इनमें रेवती, बरदरी, भौरांसला, कुमेडी, शक्करखेड़ी, अरंडिया, मायाखेड़ी, बिचौली हप्सी, पत्थर मूंडला, पालदा और अन्य गांव शामिल हैं।
सरकार के अनुसार, लगभग 1,356 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इन परियोजनाओं का लाभ सीधे तौर पर 2 लाख 47 हजार से अधिक परिवारों को मिलेगा।
सिरपुर तालाब संरक्षण के लिए आधुनिक एसटीपी का लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने सिरपुर तालाब के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए 20 एमएलडी क्षमता वाले आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का लोकार्पण भी किया।
इस परियोजना के तहत लगभग 8.5 किलोमीटर सीवर लाइन और 5 किलोमीटर ट्रीटेड वाटर रीयूज लाइन का निर्माण किया गया है। इसके माध्यम से अब तालाब में गंदे पानी के प्रवेश को रोका जा सकेगा और उपचारित जल का उपयोग शहर के पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर किया जाएगा।
महावीर जयंती समारोह में भी शामिल हुए मुख्यमंत्री
इंदौर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने महावीर जयंती के अवसर पर आयोजित महावीर अलंकरण समारोह में भी भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान महावीर के सिद्धांत केवल एक दिन के लिए नहीं, बल्कि जीवन भर अपनाने योग्य हैं।
उन्होंने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण का संदेश जैन धर्म के मूल सिद्धांतों में शामिल है और हर व्यक्ति को इन सिद्धांतों का पालन करना चाहिए।
शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री के इस दौरे को इंदौर शहर के लिए विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन, जल आपूर्ति परियोजनाओं का भूमिपूजन और विभिन्न योजनाओं के लाभ वितरण जैसे कार्यक्रमों से यह स्पष्ट होता है कि सरकार शहर के बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
आने वाले समय में इन परियोजनाओं के पूरा होने से इंदौर में परिवहन, जल आपूर्ति और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।

