रावजी बाजार क्षेत्र में देर रात फैली गैस
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में गुरुवार रात अमोनिया गैस के रिसाव से हड़कंप मच गया। मामला Raoji Bazar थाना क्षेत्र का है, जहां गैस फैलने से आसपास के लोगों को सांस लेने में परेशानी और घबराहट महसूस हुई। एहतियात के तौर पर दो महिलाओं सहित पांच लोगों को अस्पताल भेजा गया।
प्रशासन के अनुसार सभी की हालत स्थिर है और कोई भी व्यक्ति गंभीर रूप से प्रभावित नहीं हुआ है।

सिलेंडर काटते समय हुआ गैस रिसाव
पुलिस के मुताबिक ककतपुरा पुल के नीचे शहजाद नाम के एक कबाड़ी द्वारा गैस से भरा सिलेंडर काटा जा रहा था। इसी दौरान सिलेंडर में भरी अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते गैस आसपास के क्षेत्र में फैल गई।
गैस के संपर्क में आने से कुछ लोगों को उल्टियां और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत हुई। घबराहट के कारण लोग घरों से बाहर निकल आए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। Anand Kaladgi ने बताया कि स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया गया है। गैस रिसाव वाले सिलेंडर को जब्त कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
दमकल विभाग ने इलाके में पानी का छिड़काव किया, जिससे गैस का प्रभाव कम हुआ और हालात सामान्य होने लगे।
स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी Dr. Madhav Hasni ने बताया कि अस्पताल भेजे गए सभी पांचों लोगों की हालत अब स्थिर है। किसी को भी गंभीर नुकसान नहीं हुआ है। एहतियातन उनका चिकित्सकीय परीक्षण किया गया और आवश्यक उपचार दिया गया।
डॉक्टरों के अनुसार अमोनिया गैस के संपर्क में आने से आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी और उल्टी जैसी शिकायतें हो सकती हैं, लेकिन समय पर उपचार मिलने से स्थिति नियंत्रित की जा सकती है।
कबाड़ी हिरासत में, जांच जारी
पुलिस ने सिलेंडर काट रहे कबाड़ी शहजाद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। यह जांच की जा रही है कि गैस से भरा सिलेंडर कबाड़ी की दुकान तक कैसे पहुंचा और सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्र में सामान्य हुए हालात

गैस रिसाव की घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया था, लेकिन प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते हालात जल्द काबू में आ गए। पानी के छिड़काव और सिलेंडर हटाए जाने के बाद स्थिति सामान्य हो गई।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें और अफवाहों से बचें।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक और रासायनिक पदार्थों के सुरक्षित निपटान को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गैस सिलेंडर या रासायनिक पदार्थों को काटने या नष्ट करने से पहले उचित सुरक्षा उपाय अपनाना अनिवार्य है।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए सख्त निगरानी और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
निष्कर्ष
इंदौर के रावजी बाजार क्षेत्र में अमोनिया गैस रिसाव की घटना से कुछ समय के लिए दहशत जरूर फैली, लेकिन समय रहते की गई कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। पांच लोगों की तबीयत बिगड़ने के बावजूद सभी की हालत स्थिर बताई गई है। पुलिस और प्रशासन मामले की गहन जांच में जुटे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।