Indore Updates : टर्मिनल विस्तार से बढ़ेगी क्षमता, एटीआर उड़ानें शिफ्ट होंगी
पीक ऑवर्स के दौरान यात्रियों को बैठने में हो रही परेशानी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि वेटिंग एरिया अधिक सुव्यवस्थित और आरामदायक बन सके।
यात्रियों को मिलेगी बेहतर वेटिंग सुविधा
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार नई सीटिंग व्यवस्था से यात्रियों को फ्लाइट के इंतजार के दौरान बेहतर सुविधा मिलेगी। मौजूदा व्यवस्था में बढ़ती फ्लाइट्स और यात्रियों की संख्या के कारण कई बार बैठने की कमी महसूस की जा रही थी।
200 नई सीटें जुड़ने से टर्मिनल के अंदर यात्री प्रवाह अधिक व्यवस्थित होगा और भीड़भाड़ की स्थिति में राहत मिलेगी।
41 करोड़ से पुराने टर्मिनल का रिनोवेशन
एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल का 41 करोड़ रुपए की लागत से नवीनीकरण किया जा रहा है। यह कार्य करीब 6,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में हो रहा है और अब अंतिम चरण में है।
रिनोवेशन पूरा होने के बाद टर्मिनल की उपयोग क्षमता बढ़ेगी और यात्रियों को अतिरिक्त सुविधाएं मिलेंगी। इसमें आंतरिक ढांचे का आधुनिकीकरण, बैठने की व्यवस्था और यात्री सुविधाओं का विस्तार शामिल है।
टर्मिनल-2 से संचालित होंगे एटीआर विमान

टर्मिनल-2 शुरू होने के बाद रोजाना संचालित होने वाले 72-सीटर एटीआर विमानों को नए टर्मिनल से ऑपरेट किया जाएगा। वर्तमान में इंदौर एयरपोर्ट से रोजाना करीब 100 उड़ानों का संचालन होता है, जिनमें 36 एटीआर विमान शामिल हैं।
एटीआर विमानों के शिफ्ट होने से मुख्य टर्मिनल पर दबाव कम होगा और बड़े विमानों के संचालन में भी सुविधा मिलेगी।
टर्मिनल-2 में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
टर्मिनल-2 में यात्रियों के लिए 14 चेक-इन काउंटर, 3 बोर्डिंग गेट, 3 लाउंज और 2 कन्वेयर बेल्ट की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा फूड जोन और पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
इन सुविधाओं से घरेलू और क्षेत्रीय उड़ानों के यात्रियों को अधिक सुव्यवस्थित और तेज सेवाएं मिलेंगी।
वार्षिक यात्री क्षमता बढ़कर 50 लाख
अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल एयरपोर्ट से हर साल लगभग 40 लाख यात्री यात्रा करते हैं। टर्मिनल-2 के शुरू होने के बाद यह क्षमता बढ़कर 50 लाख यात्रियों प्रतिवर्ष हो जाएगी।
इस विस्तार से एयरपोर्ट पर भीड़ का दबाव कम होगा और यात्रियों को चेक-इन, सुरक्षा जांच और बोर्डिंग प्रक्रिया में कम समय लगेगा।
492 करोड़ से नए टर्मिनल का निर्माण प्रस्तावित

एयरपोर्ट पर 492 करोड़ रुपए की लागत से एक नए बड़े टर्मिनल के निर्माण की प्रक्रिया भी जारी है। प्रस्तावित टर्मिनल का क्षेत्रफल लगभग 82,000 वर्ग मीटर होगा।
इसके निर्माण के बाद एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता बढ़कर 1 करोड़ तक पहुंच जाएगी। इससे इंदौर एयरपोर्ट देश के प्रमुख क्षेत्रीय हवाई अड्डों में और मजबूत स्थिति हासिल करेगा।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
इंदौर मध्य भारत का प्रमुख वाणिज्यिक और औद्योगिक केंद्र है। एयरपोर्ट के विस्तार से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
आने वाले वर्षों में एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का यह विस्तार शहर के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
निष्कर्ष
इंदौर एयरपोर्ट पर 200 नई सीटें लगाने और टर्मिनल विस्तार की योजना यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। एटीआर उड़ानों को टर्मिनल-2 में शिफ्ट करने और नए टर्मिनल निर्माण से एयरपोर्ट की क्षमता और सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा। बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए यह कदम समयानुकूल और आवश्यक माना जा रहा है।