India के लिए खुशखबरी: ईरान ने खोला होर्मुज, तेल संकट में राहत
![]()
Straight of Hormuz Opens: दुनियाभर में तेल और गैस की किल्लत के बीच ईरान का बड़ा बयान सामने आया है. ईरान ने अपने 5 दोस्त देशों के जहाजों को होर्मुज पार करने की इजाजत दी है, जिसमें भारत भी शामिल है.
ईरान-इजरायल-अमेरिका जंग के 27वें दिन ईरान ने राहत भरी खबर दी है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने घोषणा की कि भारत समेत अपने मित्र देशों के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी गई है.
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत है. मुंबई स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने भी सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि की. पोस्ट में लिखा, ‘हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान सहित अपने मित्र देशों के लिए होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के सुरक्षित मार्ग की अनुमति दे दी है.’
UN महासचिव की अपील के बाद फैसला
यह फैसला संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की अपील के बाद आया है. गुटेरेस ने कहा था कि होर्मुज लंबे समय तक बंद रहने से तेल, गैस और उर्वरकों की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है. खासकर इस मौसम में जब दुनिया भर में खेती-बुवाई चल रही है, इससे आम लोगों को नुकसान हो रहा है. उन्होंने युद्ध तुरंत खत्म करने की अपील की थी.
ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने स्टेट टीवी को दिए इंटरव्यू में बताया कि कई देशों के जहाज मालिकों ने उनसे संपर्क किया और सुरक्षित मार्ग की मांग की. उन्होंने कहा, ‘कुछ देश जो हमारे मित्र हैं या जिनके साथ हमने फैसला किया, उनके जहाजों को हमारे सशस्त्र बलों ने सुरक्षित गुजरने दिया. आपने देखा होगा चीन, रूस, पाकिस्तान, इराक और भारत. भारत के दो जहाज कुछ रात पहले गुजरे. यह आगे भी जारी रहेगा, यहां तक कि युद्ध के बाद भी.’
किन देशों के जहाज नहीं गुजर सकेंगे?
अराघची ने साफ कहा कि अमेरिका, इजरायल और उन खाड़ी देशों के जहाजों को अनुमति नहीं दी जाएगी जो इस जंग में शामिल हैं. उन्होंने कहा, ‘हम युद्ध की स्थिति में हैं. इस क्षेत्र को युद्ध क्षेत्र माना जा रहा है. दुश्मन और उनके सहयोगी जहाजों को गुजरने देने का कोई कारण नहीं है. लेकिन दूसरे देशों के लिए रास्ता खुला रहेगा.’
भारत को मिली बड़ी राहत
यह फैसला भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी ज्यादा तेल जरूरतें खाड़ी से पूरी करता है. रिलायंस जैसी कंपनियां पहले ही ईरान से तेल खरीद चुकी हैं. होर्मुज खुलने से तेल, गैस और उर्वरक की सप्लाई पर असर कम होगा, जिससे पेट्रोल-डीजल और खाद की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा.
ईरान ने कहा कि गैर-दुश्मन जहाजों को गुजरने से पहले ईरानी अधिकारियों से समन्वय करना जरूरी होगा और वे ईरान के खिलाफ कोई गतिविधि नहीं कर सकते.
ट्रंप के 15 सूत्रीय प्लान का क्या होगा?
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले टाल दिए हैं और 15 सूत्रीय शांति प्लान भेजा है, लेकिन ईरान अभी भी सख्त रुख पर है और पाकिस्तान की मध्यस्थता को खारिज कर चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप से बात की थी और हॉर्मुज को सुरक्षित रखने की अपील की थी. ईरान का यह कदम भारत की कूटनीति और दोस्ताना रिश्तों का नतीजा माना जा रहा है.
होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल निर्यात होता है. इसका आंशिक खुलना वैश्विक तेल बाजार के लिए राहत की खबर है, हालांकि पूरी स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है.

