Illegal De Addiction : अवैध नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों को बंधक बनाकर दी यातनाएं, संचालक समेत तीन पर FIR
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Illegal De Addiction : जोधपुर में बिना लाइसेंस संचालित अवैध नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों को बंधक बनाकर अमानवीय यातनाएं देने का मामला सामने आया है। प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने केंद्र संचालक सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
Illegal De Addiction : अवैध नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों को बंधक बनाकर दी यातनाएं
बिना लाइसेंस चल रहे केंद्र में इलाज के नाम पर अमानवीय व्यवहार
जोधपुर के बोरानाडा थाना क्षेत्र में एक अवैध नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों को बंधक बनाकर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। यह केंद्र बिना किसी वैध लाइसेंस के संचालित किया जा रहा था और प्रशासन द्वारा बंद करवाने के बावजूद कुछ दिनों बाद फिर से चालू पाया गया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने केंद्र संचालक और उसके सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नौ मरीजों ने सुनाई दर्दनाक आपबीती
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संयुक्त निदेशक अनिल व्यास द्वारा बोरानाडा थाने में दी गई लिखित रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला स्वरूप नगर में जैन मंदिर के पीछे स्थित मकान नंबर 29 का है, जहां ‘नवभोर संस्था’ के नाम से नशा मुक्ति केंद्र संचालित किया जा रहा था।
इस केंद्र से मुक्त कराए गए नौ मरीजों को जब पुनर्वास के लिए अन्य स्थान पर रखा गया, तब उन्होंने अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर अपने साथ हुई यातनाओं की भयावह कहानी सुनाई।
मरीजों का आरोप है कि केंद्र संचालक अनिल पंचारिया और उसके सहयोगी बजरंग सिंह तथा पूजा बोहरा ने उन्हें अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा था। आरोपियों द्वारा लगातार पशुवत व्यवहार किया जाता था और मरीजों को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था, जो मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद भी दोबारा शुरू किया केंद्र
रिपोर्ट के अनुसार, इस नशा मुक्ति केंद्र का संचालन पूरी तरह अवैध था। लूणी उपखंड अधिकारी ने 28 जनवरी 2026 को इस संबंध में नोटिस जारी किया था।
इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 7 फरवरी को पुलिस जाप्ते के साथ इस केंद्र पर छापा मारा और वहां मौजूद मरीजों को मुक्त कराकर केंद्र को बंद करवा दिया था।
हालांकि, कुछ समय बाद संचालक ने फिर से केंद्र का संचालन शुरू कर दिया, जो प्रशासनिक आदेशों की खुली अवहेलना मानी जा रही है।
पुलिस जांच में खुली संचालक की पोल
बोरानाडा पुलिस ने 25 मार्च को संयुक्त निदेशक को पत्र लिखकर जानकारी दी कि नवभोर संस्था द्वारा नशा मुक्ति केंद्र का संचालन दोबारा किया जा रहा है।
जब विभागीय रिकॉर्ड की जांच की गई, तो यह स्पष्ट हो गया कि इस संस्था के पास नशा मुक्ति केंद्र चलाने के लिए कोई वैध लाइसेंस नहीं है।
इस खुलासे के बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस को मामला दर्ज करने के निर्देश दिए।
नियम 2020 का किया गया खुला उल्लंघन
रिपोर्ट में बताया गया है कि ‘राजस्थान निराव्यसन केंद्र संचालन नियम 2020’ के तहत स्पष्ट प्रावधान है कि बिना विधि मान्य अनुज्ञप्ति के किसी भी नशा मुक्ति केंद्र का संचालन नहीं किया जा सकता।
इसके बावजूद संबंधित संस्था द्वारा यह केंद्र अवैध रूप से चलाया जा रहा था। यह न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन है, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों के जीवन के साथ गंभीर खिलवाड़ भी है।
बंधक बनाने और आदेशों की अवहेलना का मामला दर्ज
शिकायत के आधार पर बोरानाडा थानाधिकारी देवेन्द्र सिंह के निर्देशन में 26 मार्च को एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस ने अनिल पंचारिया, बजरंग सिंह और पूजा बोहरा को नामजद आरोपी बनाया है। मामले की जांच एएसआई मनोहरलाल को सौंपी गई है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सभी तथ्यों की गहराई से पड़ताल की जाएगी और दोषी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

