IET रैगिंग मामले में चार छात्र निष्कासित, तोड़फोड़ और चोरी में भी थे शामिल
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के IET में रैगिंग के आरोप में चार छात्रों को सीधे निष्कासित किया गया। ये छात्र पहले हॉस्टल में सीसीटीवी तोड़फोड़ और चोरी में भी शामिल थे। आठ अन्य छात्रों पर जुर्माना लगाया गया। संस्थान ने रैगिंग रोकने के लिए सात नए सख्त नियम लागू करने की घोषणा की।
IET में रैगिंग पर बड़ी कार्रवाई, चार छात्र सीधे निष्कासित
संस्थान का अब तक का सबसे सख्त फैसला
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) में रैगिंग मामले में अभूतपूर्व कार्रवाई की गई है। बीटेक प्रथम वर्ष के चार छात्रों को सीधे संस्थान से निष्कासित कर दिया गया है।
यह छात्र अब न केवल IET में पढ़ाई जारी रख सकेंगे, बल्कि भविष्य में दोबारा प्रवेश के लिए भी पात्र नहीं होंगे। सभी को स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (TC) जारी किया जाएगा। यह पहली बार है जब रैगिंग के मामले में इतनी कठोर कार्रवाई की गई है।
पहले भी कर चुके हैं तोड़फोड़ और चोरी

जांच में सामने आया कि निष्कासित छात्र तीन महीने पहले हॉस्टल में 14 सीसीटीवी कैमरों की तोड़फोड़ और चोरी की घटना में भी शामिल थे।
1 अक्टूबर को हुई इस घटना में हॉस्टल परिसर में भारी नुकसान हुआ था। छात्रों ने गार्ड को धमकाया और निगरानी प्रणाली को नुकसान पहुंचाया। इससे पहले भी 25 अगस्त और 30 सितंबर को मारपीट और साजिश रचने जैसे गंभीर मामले सामने आए थे।
इन घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इस बार कड़ा संदेश देने का निर्णय लिया।
जबरन सिगरेट पिलाना और मानसिक उत्पीड़न
शिकायत के अनुसार, IET के डी-हॉस्टल में सीनियर छात्र जूनियर्स को जबरन सिगरेट पीने के लिए मजबूर करते थे। मना करने पर उन्हें “बैच आउट” घोषित कर अलग-थलग कर दिया जाता था।
जूनियर छात्रों को सिर झुकाकर बात करने, हाथ जोड़कर खड़े रहने और सीनियर्स के आदेश मानने के लिए बाध्य किया जाता था। उन्हें सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों से भी दूर रखा जाता था। यह व्यवहार मानसिक उत्पीड़न की श्रेणी में पाया गया।
आठ अन्य छात्रों पर जुर्माना और हॉस्टल से निष्कासन
बीटेक द्वितीय वर्ष के आठ छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है। प्रत्येक छात्र पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
यदि कोई छात्र जुर्माना नहीं भरता है तो प्रतिदिन 100 रुपए अतिरिक्त पेनल्टी लगेगी। साथ ही एक सेमेस्टर की परीक्षा से वंचित किए जाने का भी प्रावधान रखा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
IET के डायरेक्टर डॉ. प्रदोष बंसल ने बताया कि सभी शिकायतों की गहन जांच की गई। तथ्यों की पुष्टि के बाद ही निष्कासन का निर्णय लिया गया है।
मामले की फाइल अंतिम अनुमोदन के लिए कुलपति प्रो. राकेश सिंघई को भेजी गई है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई संस्थान में अनुशासन और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।
आगे और सख्ती: लागू होंगे 7 नए नियम
रैगिंग की घटनाओं को रोकने के लिए IET प्रशासन ने सात नए सख्त नियम लागू करने की घोषणा की है:
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दोषी पाए जाने पर सीधे निष्कासन।
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हर मामले में भारी आर्थिक जुर्माना।
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रैगिंग में सहयोग करने वालों पर भी कार्रवाई।
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सभी दोषियों को हॉस्टल से तत्काल बाहर।
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हर माह रात में अचानक हॉस्टल निरीक्षण।
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हर तीन माह में जूनियर्स के साथ प्रशासन की बैठक।
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निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
इन नियमों का उद्देश्य रैगिंग की किसी भी संभावना को खत्म करना और छात्रों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना है।
लगातार सामने आ रहे थे गंभीर मामले
पिछले कुछ महीनों में IET में अनुशासन से जुड़े कई मामले सामने आए थे:
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25 अगस्त: एक जूनियर की पिटाई, पांच छात्र निलंबित।
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30 सितंबर: छात्रों द्वारा साजिश रचने का मामला, पुलिस केस दर्ज।
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1 अक्टूबर: हॉस्टल से भागने, गार्ड को धमकाने और 16 कैमरे तोड़ने की घटना।
इन घटनाओं ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर किया।
संस्थान का स्पष्ट संदेश
IET प्रशासन ने साफ कर दिया है कि रैगिंग जैसी अमानवीय प्रथा को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई अन्य छात्रों के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि अनुशासनहीनता और उत्पीड़न के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।
शिक्षा संस्थान केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण का प्रतीक होना चाहिए। IET में की गई यह कार्रवाई उसी दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।

