Hormuz Not Closed : होर्मुज फिलहाल बंद नहीं, फिर भी पेट्रोल-डीजल ₹4-5 महंगे हो सकते; सोना ₹30 हजार बढ़ने की उम्मीद
Hormuz Not Closed : ईरान ने होर्मुज जलमार्ग बंद न करने का संकेत दिया है, लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चा तेल महंगा हो सकता है। भारत में पेट्रोल-डीजल ₹4-5 तक बढ़ सकते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक सोना ₹1.90 लाख और चांदी ₹3.50 लाख तक पहुंच सकती है।
Hormuz Not Closed : होर्मुज पर ईरान का बयान, लेकिन खतरा बरकरार
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ किया है कि फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का कोई इरादा नहीं है।
अमेरिकी हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद आशंका जताई जा रही थी कि ईरान इस अहम समुद्री मार्ग को बंद कर सकता है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि जोखिम अभी भी पूरी तरह टला नहीं है।
तेल महंगा क्यों हो सकता है? तीन बड़े कारण
1. ऑयल टैंकर पर हमलों का खतरा
भले ही रास्ता आधिकारिक तौर पर बंद न हो, लेकिन टैंकरों पर हमले सप्लाई बाधित कर सकते हैं। हाल ही में पर्शियन गल्फ के मुहाने पर तीन जहाजों पर हमले की खबरें आईं। इससे शिपिंग कंपनियां जोखिम लेने से बच सकती हैं।
2. इंश्योरेंस और शिपिंग लागत बढ़ना
युद्ध जैसे हालात में ‘वॉर रिस्क इंश्योरेंस’ और शिपिंग चार्ज बढ़ जाते हैं। यह अतिरिक्त लागत अंततः कच्चे तेल की कीमतों में जुड़ती है।
3. मार्केट में पैनिक
ग्लोबल मार्केट भविष्य की आशंकाओं पर चलता है। जब तक मिडिल ईस्ट में तनाव जारी रहेगा, तब तक कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव और तेजी बनी रह सकती है।
भारत पर क्या होगा असर?
1. पेट्रोल-डीजल ₹4-5 तक महंगे हो सकते हैं
दिल्ली में पेट्रोल ₹95 से बढ़कर ₹100 प्रति लीटर तक जा सकता है। डीजल ₹88 से बढ़कर ₹92 तक पहुंच सकता है।
भारत अपनी जरूरत का करीब 90% कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें लगभग 50% सप्लाई होर्मुज मार्ग से आती है। ऐसे में थोड़ी भी रुकावट कीमतों पर असर डाल सकती है।
भारत में तेल की कीमतें सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय औसत कीमत और डॉलर-रुपया दर के आधार पर तय करती हैं। हालांकि अंतिम कीमत पर केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स का बड़ा असर होता है। सरकार चाहें तो टैक्स घटाकर राहत दे सकती है।
2. सोना-चांदी में तेज उछाल संभव
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक, सोना ₹1.60 लाख से बढ़कर ₹1.90 लाख प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। चांदी ₹2.67 लाख से बढ़कर ₹3.50 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
युद्ध जैसे हालात में निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख करते हैं।
3. शेयर बाजार में गिरावट की आशंका
इन्फोमेरिक्स रेटिंग्स के चीफ इकोनॉमिस्ट मनोरंजन शर्मा के अनुसार, बढ़ते तनाव से बाजार में 1–1.5% की गिरावट संभव है। ऑटो, बैंकिंग-फाइनेंस और FMCG सेक्टर पर दबाव रह सकता है।
निवेशक जोखिम वाले एसेट से पैसा निकालकर गोल्ड या सुरक्षित बॉन्ड में निवेश बढ़ा सकते हैं।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना अहम?
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लंबाई: करीब 167 किमी
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सबसे संकरा हिस्सा: 33 किमी
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दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% इसी रास्ते से गुजरता है
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रोजाना 1.78 से 2.08 करोड़ बैरल तेल की आवाजाही
ईरान, सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश इसी पर निर्भर हैं। भारत के नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट का 10% से ज्यादा हिस्सा भी इसी रूट से जाता है।
होर्मुज बंद हुआ तो ईरान को भी नुकसान
अगर ईरान इस जलमार्ग को बंद करता है, तो वह खुद भी अपना तेल निर्यात नहीं कर पाएगा। चीन, जो ईरान का बड़ा खरीदार है, सप्लाई बाधित होने से नाराज हो सकता है।
सऊदी अरब के पास 746 मील लंबी ‘ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन’ है, जिससे रोजाना 50 लाख बैरल तेल रेड सी तक भेजा जा सकता है।
भारत की तैयारी
भारत जरूरत पड़ने पर अपने ‘स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व’ (SPR) से तेल निकाल सकता है। साथ ही खाड़ी देशों के बाहर के सप्लायर्स से आयात बढ़ाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
निष्कर्ष
होर्मुज स्ट्रेट फिलहाल खुला है, लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव का असर वैश्विक बाजार पर साफ दिख रहा है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं, सोना-चांदी में तेजी जारी रह सकती है और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
आने वाले दिनों में कूटनीतिक समाधान ही ऊर्जा बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिरता दे सकता है।

