Haryana News : पानीपत जिला कोर्ट में जियो नेटवर्क फेल, लोक अदालत में आकाश-ईशा अंबानी बनाए गए पक्षकार
Haryana News : पानीपत जिला कोर्ट परिसर में जियो नेटवर्क फेल होने से वकीलों को खुले मैदान में कॉल करनी पड़ रही है। परेशान होकर वकीलों ने लोक अदालत में याचिका दायर की, जिसमें आकाश अंबानी और ईशा अंबानी को पार्टी बनाया गया। अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी।
Haryana News : पानीपत जिला कोर्ट में जियो नेटवर्क फेल
Haryana News : वकीलों की परेशानी बनी कानूनी लड़ाई
हरियाणा के पानीपत जिला कोर्ट परिसर में मोबाइल नेटवर्क की समस्या अब महज तकनीकी दिक्कत नहीं रही, बल्कि यह एक कानूनी विवाद बन गई है। कोर्ट परिसर में जियो नेटवर्क के लगातार फेल रहने से परेशान वकीलों ने लोक अदालत में याचिका दायर कर दी है। हैरानी की बात यह है कि इस याचिका में रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी और मैनेजिंग डायरेक्टर ईशा अंबानी को भी पार्टी बनाया गया है।
Haryana News : कोर्ट परिसर में नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त

याचिकाकर्ता वकीलों का कहना है कि पानीपत जिला कोर्ट के भीतर—
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वकीलों के चेंबर
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दो मुख्य कोर्ट बिल्डिंग
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टाइपिस्ट कॉम्प्लेक्स
इन सभी जगहों पर जियो का नेटवर्क या तो बेहद कमजोर है या पूरी तरह गायब रहता है। स्थिति यह है कि वकीलों को मुवक्किल से बात करने के लिए खुले मैदान में जाना पड़ता है।
Haryana News : लोक अदालत ने लिया संज्ञान, समन जारी
इस मामले में याचिकाकर्ता एडवोकेट अमित राठी (43) ने बताया कि लोक अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी प्रतिवादियों को समन जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को तय की गई है।
Haryana News : किस कानून के तहत दायर हुई याचिका

एडवोकेट अमित राठी ने यह याचिका
लीगल सर्विसेज अथॉरिटीज एक्ट, 1987
की धारा 22-C के तहत दायर की है। यह धारा सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं—जैसे टेलीकॉम—से जुड़े विवादों के समाधान से संबंधित है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि टेलीकॉम सेवाएं आज के समय में अदालतों के लिए भी एक आवश्यक सेवा बन चुकी हैं।
फेसबुक से शुरू हुआ मामला, अदालत तक पहुंचा
एडवोकेट अमित राठी ने बताया कि एक बार एक केस के दौरान उनके मुवक्किल को फेसबुक से कुछ अहम सबूत दिखाने थे, लेकिन नेटवर्क न होने के कारण वे उस समय वह सामग्री नहीं देख सके। उसी दिन उन्होंने तय कर लिया था कि इस समस्या को लेकर कानूनी रास्ता अपनाया जाएगा।
नेटवर्क खराबी से हो रही 4 बड़ी परेशानियां
कॉल ड्रॉप और सिग्नल गायब
कोर्ट बिल्डिंग के भीतर मोबाइल सिग्नल इतने कमजोर हैं कि कॉल करना या रिसीव करना लगभग नामुमकिन है। एक कॉल के लिए वकीलों को बाहर निकलना पड़ता है।
ऑनलाइन कोर्ट सेवाएं ठप
आजकल कोर्ट ऑर्डर, अगली तारीख, केस स्टेटस जैसी जानकारी ऑनलाइन मिलती है, लेकिन इंटरनेट न चलने से वकील जरूरी अपडेट नहीं देख पा रहे हैं।
ऑनलाइन भुगतान में बाधा
नेटवर्क खराब होने से बैंक के OTP समय पर नहीं आते। इससे स्टांप ड्यूटी, कोर्ट फीस और अन्य ऑनलाइन भुगतान अटक जाते हैं, जिससे न्यायिक कार्यवाही में देरी हो रही है।
कानूनी डेटाबेस तक पहुंच बंद
वकीलों का कहना है कि धीमे या बंद इंटरनेट के कारण वे अपने लीगल डेटाबेस, ई-फाइल्स और केस लॉ तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जो उनकी प्रैक्टिस के लिए अनिवार्य हैं।
अंबानी परिवार को क्यों बनाया गया पक्षकार
याचिका में रिलायंस जियो के हेड ऑफिस (नवी मुंबई) के साथ-साथ—
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चेयरमैन आकाश अंबानी
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मैनेजिंग डायरेक्टर ईशा अंबानी
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पानीपत जीटी रोड स्थित जियो ब्रांच मैनेजर
को प्रतिवादी बनाया गया है।
याचिकाकर्ता का तर्क है कि कंपनी के शीर्ष अधिकारी सेवा गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार होते हैं और TRAI के नियमों के तहत उपभोक्ताओं को बेहतर नेटवर्क देना कंपनी की कानूनी जिम्मेदारी है।
कोर्ट परिसर में वकीलों में रोष
इस पहल को पानीपत कोर्ट के कई अन्य वकीलों का भी समर्थन मिला है।
एडवोकेट जगविंद्र मलिक, सुनील वधवा, अशोक, विनय, दीपक मलिक, आजम खान, अजय और गौरव ने बताया कि—
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कस्टमर केयर में कई बार शिकायत की गई
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स्थानीय अधिकारियों को अवगत कराया गया
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लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ
मिसाल बन सकता है यह मामला
वकीलों का कहना है कि एक जिला मुख्यालय के न्यायालय परिसर में नेटवर्क फेल होना बेहद गंभीर विषय है। यह मामला न सिर्फ पानीपत बल्कि पूरे देश में उन उपभोक्ताओं के लिए नजीर बन सकता है, जो टेलीकॉम कंपनियों की खराब सेवाओं से परेशान हैं, लेकिन कानूनी कदम उठाने से हिचकिचाते हैं।
अब निगाहें 20 फरवरी की सुनवाई पर टिकी हैं, जब रिलायंस जियो को लोक अदालत में अपना पक्ष रखना होगा।

