Gold Silver Price Updates : सोना ₹3,263 और चांदी ₹13,000 गिरी, 34 दिन में बड़ी गिरावट
![]()
Gold Silver Price Updates : अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 10 ग्राम सोना 1.46 लाख और चांदी 2.25 लाख रुपए प्रति किलो तक आ गई है। जानिए गिरावट की वजह, भविष्य का अनुमान और निवेश से जुड़े जरूरी टिप्स।
Gold Silver Price Updates : सोने में ₹3,263 और चांदी में ₹13 हजार की गिरावट: जंग के बीच निवेशकों की रणनीति बदली
अमेरिका-इजराइल और Iran के बीच जारी तनाव का असर अब सीधे कीमती धातुओं के बाजार पर दिखने लगा है। सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिसने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों का ध्यान खींचा है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 5,346 रुपए गिरकर 1.46 लाख रुपए पर आ गया। वहीं चांदी की कीमत में भी बड़ी गिरावट दर्ज हुई और यह 2.25 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई।
34 दिन में सोना ₹16 हजार और चांदी ₹42 हजार तक सस्ती

पिछले एक महीने में कीमती धातुओं की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
गिरावट का सारांश:
- 34 दिन में सोना: लगभग ₹13,500–₹16,000 सस्ता
- चांदी: लगभग ₹42,000 तक सस्ती
- हालिया एक दिन की गिरावट:
- सोना: ₹3,263
- चांदी: ₹13,000
यह गिरावट उस समय आई है जब आमतौर पर युद्ध या वैश्विक संकट के दौरान सोने-चांदी की कीमतें बढ़ती हैं।
ऑल टाइम हाई से ₹31 हजार नीचे आया सोना
साल 2026 की शुरुआत में सोने ने रिकॉर्ड स्तर बनाया था, लेकिन अब वह अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे आ चुका है।
सोने की कीमत का ट्रेंड:
- 31 दिसंबर 2025: ₹1.33 लाख
- 29 जनवरी 2026 (ऑल टाइम हाई): ₹1.76 लाख
- वर्तमान स्तर: लगभग ₹1.46 लाख
- कुल गिरावट: करीब ₹31,000
इससे साफ है कि बाजार में तेजी के बाद अब सुधार (correction) का दौर चल रहा है।
चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव, 63 दिन में ₹1.61 लाख की गिरावट
चांदी का बाजार सोने की तुलना में ज्यादा अस्थिर रहा है।
चांदी की कीमत का ट्रेंड:
- 31 दिसंबर 2025: ₹2.30 लाख प्रति किलो
- 29 जनवरी 2026 (ऑल टाइम हाई): ₹3.86 लाख
- वर्तमान स्तर: ₹2.25 लाख
- कुल गिरावट: ₹1.61 लाख
यह गिरावट दर्शाती है कि निवेशकों ने बड़ी मात्रा में चांदी की बिक्री की है।
गिरावट के पीछे ये 3 मुख्य कारण

1. निवेशकों का कैश की ओर झुकाव
जंग और अनिश्चितता के समय निवेशक जोखिम कम करने के लिए नकदी (cash) रखना पसंद करते हैं।
इस कारण उन्होंने सोना-चांदी बेचकर कैश इकट्ठा करना शुरू किया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ी और कीमतें नीचे आईं।
2. प्रॉफिट बुकिंग
जनवरी 2026 में रिकॉर्ड कीमतों पर कई बड़े निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए अपनी होल्डिंग बेच दी।
जब बड़े पैमाने पर बिक्री होती है, तो कीमतें गिरना स्वाभाविक है।
3. ब्याज दरों का दबाव
अमेरिका के केंद्रीय बैंक की सख्त मौद्रिक नीति (high interest rates) के कारण निवेशकों का झुकाव सोने-चांदी से हटकर अन्य निवेश विकल्पों की ओर बढ़ गया है।
अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग क्यों होते हैं?
भारत में सोने की कीमत हर शहर में थोड़ी अलग हो सकती है। इसके पीछे चार मुख्य कारण होते हैं:
- ट्रांसपोर्ट और सिक्योरिटी खर्च – दूरी बढ़ने पर लागत बढ़ती है
- खपत (Demand) – दक्षिण भारत में ज्यादा मांग होने से कीमतें प्रभावित होती हैं
- लोकल ज्वेलर्स एसोसिएशन – स्थानीय स्तर पर रेट तय होते हैं
- पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य – ज्वेलर्स के खरीद रेट का असर
क्या आगे भी गिरेंगे सोने-चांदी के दाम?
कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में कीमतों में और उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
अगर वैश्विक तनाव लंबे समय तक बना रहता है और निवेशक नकदी को प्राथमिकता देते हैं, तो सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।
हालांकि, लंबे समय के निवेश के लिए सोना अभी भी सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का जरूर रखें ध्यान
1. BIS हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें
हमेशा प्रमाणित (certified) सोना खरीदें, जिस पर हॉलमार्क नंबर लिखा हो। इससे सोने की शुद्धता की पुष्टि होती है।
2. कीमत जरूर क्रॉस-चेक करें
खरीदने से पहले अलग-अलग स्रोतों से सोने का भाव जांच लें।
ध्यान रखें कि:
- 24 कैरेट
- 22 कैरेट
- 18 कैरेट
तीनों की कीमत अलग-अलग होती है।
असली चांदी की पहचान के 4 आसान तरीके
- मैग्नेट टेस्ट: असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती
- आइस टेस्ट: असली चांदी पर बर्फ जल्दी पिघलती है
- स्मेल टेस्ट: असली चांदी में कोई गंध नहीं होती
- क्लॉथ टेस्ट: सफेद कपड़े पर काला निशान आए तो चांदी असली
निष्कर्ष
अमेरिका-इजराइल और Iran के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट एक असामान्य स्थिति है।
यह गिरावट निवेशकों की बदलती रणनीति और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का परिणाम है। आने वाले समय में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक हालात और ब्याज दरों पर निर्भर करेगी।
Read MORE : Sabarmati Train Delay : तीन दिन देरी से चलेगी जोधपुर-साबरमती ट्रेन

