Gold Silver Price Hike : सोना-चांदी के दाम में तेजी जारी, निवेशकों के लिए 2026 में नई संभावनाएं और दिशा
Gold Silver Price : इस हफ्ते सोना ₹1,37,122 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,42,808 प्रति किलो पर पहुंची। डॉलर कमजोरी, वैश्विक तनाव और इंडस्ट्रियल डिमांड से कीमतें बढ़ीं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 में सोना ₹1.50 लाख और चांदी ₹2.75 लाख तक जा सकती है, निवेशकों के लिए अवसर बढ़े।
Gold Silver Price : सोना-चांदी में इस हफ्ते रिकॉर्ड तेजी
इस हफ्ते सोने और चांदी के दाम में बढ़त जारी रही। 10 ग्राम सोने की कीमत ₹2,340 की वृद्धि के बाद ₹1,37,122 पर पहुंच गई। इससे पहले शुक्रवार, 2 जनवरी को सोने का भाव ₹1,34,782 था।
चांदी की कीमत भी तेज़ी से बढ़ी। 1 किलो चांदी का दाम ₹2,34,550 से बढ़कर ₹2,42,808 हो गया, यानी इसमें ₹8,258 की वृद्धि हुई।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोना और चांदी में यह वृद्धि केवल अल्पकालिक नहीं है, बल्कि इसमें लंबी अवधि तक स्थिर मांग और वैश्विक कारकों का प्रभाव शामिल है।

2025 में सोना और चांदी की कीमतों में भारी उछाल
पिछले साल 2025 में सोने की कीमतों में 75% की वृद्धि दर्ज की गई। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹76,162 में था, जबकि 31 दिसंबर 2025 को इसकी कीमत बढ़कर ₹1,33,195 तक पहुंच गई।
चांदी का भाव इस दौरान और भी अधिक बढ़ा। 31 दिसंबर 2024 को 1 किलो चांदी ₹86,017 में थी, जो 31 दिसंबर 2025 तक बढ़कर ₹2,30,420 हो गई। इसका मतलब है कि चांदी की कीमत में सालाना 167% का उछाल हुआ।
इस तेजी के पीछे कई कारण हैं, जिनमें वैश्विक आर्थिक हालात, निवेशकों की सुरक्षा की भावना और इंडस्ट्रियल मांग शामिल हैं।
सोने की कीमत बढ़ने के प्रमुख कारण

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डॉलर कमजोरी: अमेरिका द्वारा ब्याज दरों में कटौती से डॉलर कमजोर हुआ। डॉलर कमजोर होने से सोने की होल्डिंग लागत कम हो गई, जिससे निवेशकों ने सोने की खरीद बढ़ाई।
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वैश्विक तनाव और जियोपॉलिटिकल कारण: रूस-यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व और अन्य देशों में तनाव ने निवेशकों को सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। सोना हमेशा आर्थिक अस्थिरता में सुरक्षित निवेश का विकल्प माना जाता है।
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रिजर्व बैंक और केंद्रीय खरीदारी: चीन और अन्य देशों के केंद्रीय बैंक ने अपने सोने के रिजर्व को बढ़ाया। वर्षभर में 900 टन से अधिक सोने की खरीदारी हुई, जिससे ग्लोबल मार्केट में मांग बढ़ी और दाम ऊँचे रहे।
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घरेलू मांग: भारत में सोने की मांग पारंपरिक और निवेश दोनों रूपों में बढ़ी है। शादी, त्योहार और निवेश के लिए सोने की खरीदारी ने भी बाजार को स्थिर किया।
चांदी में तेजी के प्रमुख कारण

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इंडस्ट्रियल डिमांड: चांदी का उपयोग अब सिर्फ ज्वेलरी तक सीमित नहीं है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) में इसका इस्तेमाल बढ़ गया है। यह चांदी की कीमतों को बढ़ाने वाला मुख्य कारण है।
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टैरिफ और अमेरिकी स्टॉक: अमेरिका में टैरिफ से बचने के लिए कंपनियां चांदी का स्टॉक जमा कर रही हैं। ग्लोबल सप्लाई में कमी और स्टॉक बढ़ने से चांदी के भाव में तेजी आई है।
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निर्माताओं की खरीदारी: उत्पादन रुकने के डर से निर्माता और व्यापारी पहले से चांदी खरीद रहे हैं। इस प्री-स्टॉकिंग से आने वाले महीनों में भी कीमतों में वृद्धि बनी रहेगी।
आने वाले महीनों में सोना-चांदी की संभावित कीमतें
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि सोना और चांदी की मांग अभी भी तेज़ है। उनके अनुसार:
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चांदी इस साल ₹2.75 लाख प्रति किलो तक जा सकती है।
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सोना इस साल के अंत तक ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, इंडस्ट्रियल डिमांड और निवेशकों की सुरक्षा की भावना सोना-चांदी की कीमतों को स्थिर और बढ़ने वाला बनाएगी।
सोना और चांदी में निवेश करने की सलाह
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सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा BIS हॉलमार्क वाला गोल्ड ही खरीदें। हॉलमार्क नंबर अल्फान्यूमेरिक होता है, जैसे AZ4524। यह दर्शाता है कि सोना कितना कैरेट है और शुद्धता प्रमाणित है।
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कीमत क्रॉस-चेक करें: सोने और चांदी का सही वजन और भाव कई स्रोतों से जांचें। जैसे India Bullion and Jewellers Association (IBJA) वेबसाइट, ताकि आपको बाजार का सही रेट पता चले।
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निवेश का उद्देश्य तय करें: यदि आप निवेश के लिए सोना खरीद रहे हैं तो लंबी अवधि के लिए रखें। अगर जेवरात या उपहार के लिए, तो मांग के अनुसार खरीदारी करें।
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बाजार ट्रेंड देखें: सोने-चांदी के भाव में उछाल का कारण वैश्विक और घरेलू आर्थिक हालात हो सकते हैं। इसलिए निवेश से पहले मार्केट ट्रेंड और विशेषज्ञ राय देखें।
सोना-चांदी का वैश्विक महत्व
सोना और चांदी हमेशा से निवेशकों और केंद्रीय बैंकों के लिए महत्वपूर्ण रहे हैं।
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सोना: आर्थिक अस्थिरता, मुद्रास्फीति और जियोपॉलिटिकल तनाव में सुरक्षित निवेश का विकल्प।
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चांदी: सिर्फ ज्वेलरी ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल उपयोग में बढ़ोतरी के कारण आर्थिक गतिविधियों का संकेत।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में सोना और चांदी निवेशकों के लिए स्थिर और लाभकारी विकल्प बने रहेंगे।
निष्कर्ष

इस हफ्ते सोना ₹1,37,122 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,42,808 प्रति किलो पर पहुंच गई है। 2025 में सोना और चांदी की कीमतों में भारी वृद्धि रही। डॉलर कमजोरी, वैश्विक तनाव, केंद्रीय बैंक की खरीदारी और इंडस्ट्रियल मांग इसके प्रमुख कारण रहे।
विशेषज्ञों के अनुसार 2026 में सोना ₹1.50 लाख और चांदी ₹2.75 लाख तक पहुंच सकती है। निवेशकों को सर्टिफाइड गोल्ड खरीदने, कीमतें क्रॉस-चेक करने और मार्केट ट्रेंड देखने की सलाह दी जा रही है।

