Vacuum Bomb Allegations : गाजा में वैक्यूम बम के आरोप, 3,500°C तापमान से हजारों लापता, इजराइल पर सवाल
Vacuum Bomb Allegations : गाजा में इजराइल पर कथित ‘वैक्यूम’ या थर्मोबैरिक बम इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं। रिपोर्ट्स में 3,500°C तापमान और बड़े पैमाने पर तबाही का दावा है। इजराइल ने इन आरोपों पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सीजफायर के बावजूद तनाव जारी है और मानवीय संकट गहराया है।
Vacuum Bomb Allegations : गाजा में वैक्यूम बम के आरोप, 3,500°C तापमान से हजारों लापता
गाजा में जारी युद्ध के बीच इजराइल पर ‘वैक्यूम बम’ या थर्मोबैरिक हथियारों के इस्तेमाल के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इन हमलों से तापमान 3,500 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा और कई लोगों के शव तक नहीं मिले।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इजराइल की ओर से इन आरोपों पर कोई स्पष्ट आधिकारिक स्वीकारोक्ति सामने नहीं आई है।
क्या होते हैं वैक्यूम या थर्मोबैरिक बम?

मिलिट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार थर्मोबैरिक हथियार पहले हवा में ईंधन जैसा एयरोसोल क्लाउड फैलाते हैं, फिर उसे विस्फोटित किया जाता है। इससे:
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अत्यधिक तापमान
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तीव्र दाब तरंग
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आसपास की हवा का तेज खिंचाव
जैसी स्थिति बनती है।
इन हथियारों को ‘एयरोसोल बम’ या ‘वैक्यूम बम’ भी कहा जाता है। आम तौर पर ये बंद या घनी आबादी वाले इलाकों में ज्यादा विनाशकारी माने जाते हैं।
रिपोर्ट्स में क्या दावा?
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि गाजा सिविल डिफेंस ने 2,842 ऐसे लोगों का रिकॉर्ड दर्ज किया, जिनके बारे में दावा है कि दफनाने के लिए कोई अवशेष तक नहीं मिले। वहीं हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
Al Jazeera सहित कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने पीड़ित परिवारों की कहानियां प्रकाशित की हैं।
एक मां, यासमीन महानी, ने बताया कि हमले के बाद उन्हें अपने पति तो मिल गए, लेकिन बेटे का कोई निशान नहीं मिला।
इन दावों की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग भी उठी है।
सीजफायर के बावजूद तनाव
रिपोर्ट्स के अनुसार गाजा में औपचारिक सीजफायर लागू है, लेकिन झड़पों और हमलों की खबरें आती रही हैं। अक्टूबर 2025 से अब तक सैकड़ों लोगों के मारे जाने की खबरें हैं।
मानवाधिकार संगठनों ने घनी आबादी वाले इलाकों में भारी हथियारों के इस्तेमाल पर चिंता जताई है।
अमेरिकी-इजराइली वार्ता

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump और इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की व्हाइट हाउस में मुलाकात भी चर्चा में रही।
बैठक में गाजा की स्थिति, ईरान और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर बातचीत हुई। ट्रम्प ने ईरान के साथ संभावित परमाणु समझौते पर भी बयान दिया।
अमेरिका की सैन्य सहायता
रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका इजराइल को हर साल लगभग 3.8 अरब डॉलर की सैन्य सहायता देता है। यह सहायता 10 साल के समझौते के तहत दी जा रही है, जिसे ओबामा प्रशासन के दौरान मंजूरी मिली थी।
अक्टूबर 2023 के बाद अतिरिक्त आपातकालीन सहायता पैकेज भी दिए गए हैं।
इजराइल की सैन्य रैंकिंग
ग्लोबल फायर पावर इंडेक्स के अनुसार, जनवरी 2026 तक इजराइल 145 देशों में 15वें स्थान पर है। उसकी सैन्य ताकत टेक्नोलॉजी, प्रशिक्षण और रणनीतिक क्षमता के कारण मजबूत मानी जाती है।
मानवीय संकट गहराया
गाजा में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक:
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बड़ी संख्या में इमारतें तबाह
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लाखों लोग विस्थापित
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खेती की जमीन का बड़ा हिस्सा बंजर
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भारी मलबा और पुनर्निर्माण की लंबी चुनौती
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट्स में पुनर्निर्माण में वर्षों और भारी आर्थिक लागत का अनुमान जताया गया है।
निष्कर्ष
गाजा संघर्ष को लेकर वैक्यूम बम के आरोप बेहद गंभीर हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। युद्ध, सीजफायर और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के बीच सबसे बड़ी चिंता आम नागरिकों की सुरक्षा और मानवीय संकट है।
आगे की स्थिति अंतरराष्ट्रीय जांच, कूटनीतिक प्रयासों और क्षेत्रीय स्थिरता पर निर्भर करेगी।

