Israel Defence Failure : डिमोना पर हमला, इजराइल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें करीब 1500 किमी की दूरी तय कर डिमोना और अराद के रिहायशी इलाकों तक पहुंच गईं।
कैसे फेल हुए आयरन डोम, एरो और THAAD
- Iron Dome (छोटे रॉकेट के लिए)
- David’s Sling (मध्यम दूरी)
- Arrow-3 (लंबी दूरी)
- THAAD (एडवांस बैलिस्टिक डिफेंस)
इसके बावजूद दो मिसाइलें सिस्टम को चकमा देकर अंदर तक पहुंच गईं।
इजराइल ने भी मानी नाकामी

इजराइली सेना ने स्वीकार किया कि उसने मिसाइलों को रोकने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सकी।
Shimon Peres Negev Nuclear Research Center (डिमोना रिएक्टर) के पास हमला होने से सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
400 मिसाइलें रोकीं, लेकिन 100% सुरक्षा नहीं
इजराइल का दावा है कि उसने अब तक ईरान की करीब 400 मिसाइलों में से 92% को हवा में ही रोक लिया है।
लेकिन यह घटना दिखाती है कि कोई भी डिफेंस सिस्टम पूरी तरह फुल-प्रूफ नहीं होता।
एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार संभावित कारण हो सकते हैं:
- ऑपरेशन में मानवीय चूक
- मिसाइलों की नई तकनीक या मैन्युवरिंग
- इंटरसेप्टर मिसाइलों की सीमित संख्या
- मल्टीपल अटैक से सिस्टम ओवरलोड
कुछ का मानना है कि सिस्टम सही था, लेकिन उसे सही समय पर प्रभावी तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया।
इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी का खतरा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले संघर्षों में बड़ी संख्या में इंटरसेप्टर मिसाइलों का इस्तेमाल हो चुका है।
इस कारण आशंका है कि इजराइल अपने महंगे इंटरसेप्टर सीमित मात्रा में इस्तेमाल कर रहा हो।
हालांकि सेना ने इन दावों से इनकार करते हुए कहा है कि उसके पास पर्याप्त स्टॉक है।
हमले में कई लोग घायल
इस हमले में करीब 175 से 180 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
कई लोगों की जान इसलिए बच गई क्योंकि वे समय रहते बंकर में पहुंच गए।
नेतन्याहू का बयान
बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना को “चमत्कार” बताया कि इतने बड़े हमले के बावजूद कोई मौत नहीं हुई।
उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और अलर्ट मिलते ही तुरंत बंकर में जाने की अपील की।
क्यों मुश्किल है बैलिस्टिक मिसाइल को रोकना

बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट करना बेहद जटिल होता है:
- यह बहुत तेज गति से चलती हैं
- हवा में दिशा बदल सकती हैं
- कुछ मिसाइलें कई हिस्सों में टूट जाती हैं
ऐसे में उन्हें रोकना ऐसा है जैसे हवा में दो गोलियों को टकराना।
निष्कर्ष
डिमोना पर हुआ यह हमला दिखाता है कि आधुनिक और मल्टी-लेयर डिफेंस सिस्टम भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं।
यह घटना न सिर्फ इजराइल के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक संकेत है कि युद्ध के हालात में सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं होती।