CGPSC Prelims 2026 : मॉडरेट से टफ पेपर, 25% अभ्यर्थी अनुपस्थित, कटऑफ 5–10 अंक घटने के संकेत
CGPSC Prelims 2026 : CGPSC राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 22 फरवरी को दो शिफ्ट में आयोजित हुई। पेपर मॉडरेट से टफ रहा और लगभग 25% अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। एक्सपर्ट्स के अनुसार कटऑफ 5–10 अंक तक गिर सकती है। जानें उपस्थिति आंकड़े, पेपर एनालिसिस, ड्रेस कोड और भर्ती के 238 पदों का विवरण।
CGPSC Prelims 2026 : दो शिफ्ट में हुई परीक्षा, 25% अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित
Chhattisgarh Public Service Commission (CGPSC) की राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 22 फरवरी को प्रदेशभर के 48 केंद्रों पर आयोजित की गई। परीक्षा दो शिफ्ट में हुई—
-
पहली शिफ्ट: सुबह 10 बजे से 12 बजे तक
-
दूसरी शिफ्ट: दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक
पहली शिफ्ट में 19,247 में से 14,658 अभ्यर्थी उपस्थित रहे (लगभग 76.16%)।
दूसरी शिफ्ट में 14,363 अभ्यर्थी शामिल हुए (लगभग 74.64%)।
कुल मिलाकर औसत उपस्थिति करीब 75% रही, जबकि लगभग 25% परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। रायपुर में 4500 से अधिक अभ्यर्थियों के अनुपस्थित रहने की जानकारी सामने आई है।
पेपर का स्तर: मॉडरेट से टफ

एग्जाम एक्सपर्ट सुमित तिवारी के अनुसार इस वर्ष सामान्य अध्ययन (GS) का पेपर पिछले सालों की तुलना में कठिन रहा।
इंडिया जीएस में क्या रहा खास?
-
अर्थव्यवस्था और सामान्य विज्ञान से सीधे तथ्यात्मक प्रश्न
-
आंकड़ों पर आधारित सवाल
-
“कौन-सा सही/गलत”, “केवल 1-2”, “1-2-3” जैसे बहुविकल्पीय पैटर्न
छत्तीसगढ़ जीएस
-
योजनाएं और कार्यक्रम
-
बजट और आर्थिक सर्वेक्षण
-
करेंट अफेयर्स
इन विषयों से अपेक्षाकृत कठिन प्रश्न पूछे गए।
सी-सैट रहा सामान्य स्तर का
CSAT पेपर को सामान्य स्तर का बताया गया।
-
हिंदी और छत्तीसगढ़ी भाषा से 20 प्रश्न
-
गणित और रीजनिंग आसान से मध्यम स्तर के
-
नियमित अभ्यास करने वाले अभ्यर्थियों के लिए क्वालिफाई करना मुश्किल नहीं
एक्सपर्ट्स का मानना है कि CSAT में अधिकतर उम्मीदवार सफल रहेंगे।
कटऑफ में गिरावट के संकेत
एग्जाम एनालिस्ट दीपांशु झा के सर्वे के अनुसार:
-
कुल 56 प्रश्न आसान
-
18 प्रश्न मॉडरेट
-
26 प्रश्न कठिन
पेपर के ओवरऑल स्तर को देखते हुए इस वर्ष कटऑफ 5 से 10 अंक तक गिर सकती है।
अनुमान है कि जनरल कैटेगरी की कटऑफ 105 से 110 के बीच रह सकती है।
आंकड़ों ने बढ़ाई उलझन
इस वर्ष पेपर में सूक्ष्म अंतर वाले आंकड़ों ने अभ्यर्थियों को भ्रमित किया। उदाहरण के लिए:
-
सिंचाई क्षमता 21.76 लाख हेक्टेयर या 21.75?
-
भूजल उपयोग 49.5% या 50%?
थोड़ी सी गलती पूरा विकल्प गलत करा सकती है।
कथनों का मिश्रण भी बना चुनौती
एक ही प्रश्न में 3–4 स्टेटमेंट, जिनमें कुछ सही और कुछ आंशिक सही। हर कथन को अलग परखना पड़ा, जिससे समय और दबाव दोनों बढ़े।
नकारात्मक प्रश्नों ने किया भ्रमित
“कौन-सा कथन सही नहीं है” जैसे प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को उलझाया। पहले सही ढूंढना, फिर उसे गलत में बदलकर सोचना—यह प्रक्रिया तनावपूर्ण रही।
238 पदों पर होगी भर्ती
इस राज्य सेवा भर्ती के जरिए कुल 238 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। प्रमुख पदों में शामिल हैं:
-
51 पद – नायब तहसीलदार
-
29 पद – मुख्य नगर पालिका अधिकारी (कक्षा ‘ग’)
-
28 पद – राज्य पुलिस सेवा (उप पुलिस अधीक्षक)
-
18 पद – मुख्य नगर पालिका अधिकारी (कक्षा ‘ख’)
-
15 पद – अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी
-
14 पद – उप जिलाधिकारी
-
16 पद – राज्य कर निरीक्षक
-
12 पद – उप पंजीयक
-
11 पद – आबकारी उप-निरीक्षक
-
10 पद – राज्य कर सहायक आयुक्त
सख्त ड्रेस कोड लागू
आयोग ने परीक्षा के लिए सख्त ड्रेस कोड निर्धारित किया:
-
केवल हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े
-
काले, गहरे नीले, हरे, मैरून आदि रंग प्रतिबंधित
-
जूते और हाई हील प्रतिबंधित
-
पतले सोल वाली चप्पल/स्लीपर मान्य
महिला अभ्यर्थियों के लिए
-
सलवार-कुर्ती (आधी बांह) और दुपट्टा
-
साड़ी के साथ आधी बांह ब्लाउज
-
केवल नोज पिन और मंगलसूत्र की अनुमति
-
कान में आभूषण प्रतिबंधित (धार्मिक प्रतीक छोड़कर)
बिना वैध आईडी नहीं मिली एंट्री
अनिवार्य दस्तावेज:
-
वोटर आईडी
-
पासपोर्ट
-
ड्राइविंग लाइसेंस
-
पैन कार्ड
-
आधार कार्ड
नाम में अंतर होने पर शपथ पत्र आवश्यक था।
पूरी तरह प्रतिबंधित सामान
-
मोबाइल, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर
-
किसी भी प्रकार की घड़ी
-
गॉगल्स या डिजिटल ग्लास
-
कोई भी संचार उपकरण
ON अवस्था में पाए जाने पर अनुचित साधन का मामला दर्ज करने की चेतावनी दी गई थी।
पिछले दशक में पदों का उतार-चढ़ाव
-
2015 में सर्वाधिक 352 पद
-
कोविड काल (2020–21) में घटकर 171–175
-
2024 में 246 पद
-
2026 में 238 पद
पिछले कुछ वर्षों से पदों की संख्या 200–250 के बीच बनी हुई है, जो प्रशासनिक सेवाओं की निरंतर मांग को दर्शाती है।
निष्कर्ष
CGPSC प्रीलिम्स 2026 का पेपर कठिन से अधिक भ्रमित करने वाला रहा। आंकड़ों और जटिल विकल्पों ने अभ्यर्थियों की परीक्षा ली।
हालांकि CSAT ने संतुलन बनाए रखा, लेकिन GS के स्तर के कारण कटऑफ में गिरावट की संभावना है। अब उम्मीदवारों को परिणाम का इंतजार करने के बजाय मुख्य परीक्षा की तैयारी में जुट जाना चाहिए।

