Dotasara Reaction : बजट पर डोटासरा का हमला, बोले- तीन साल चुनाव नहीं इसलिए राजस्थान को कुछ नहीं मिला
Dotasara Reaction : केंद्र सरकार के बजट पर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के 60 बार दिल्ली जाने के बावजूद राजस्थान को कोई विशेष पैकेज नहीं मिला। बजट में ERCP, पर्यटन, रोजगार और किसानों को लेकर निराशा है।
Dotasara Reaction : बजट पर डोटासरा का तीखा हमला
केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट को लेकर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस बजट को राजस्थान के लिए पूरी तरह निराशाजनक बताते हुए कहा कि राज्य को इसमें “फूटी कौड़ी” भी नहीं मिली। डोटासरा ने आरोप लगाया कि आगामी तीन वर्षों तक राजस्थान में कोई चुनाव नहीं है, इसी वजह से केंद्र सरकार ने राज्य की अनदेखी की है।
सीकर में बोले डोटासरा, बजट को बताया शून्य

रविवार को सीकर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए डोटासरा ने कहा कि केंद्र सरकार का यह बजट गरीब, दलित, पिछड़े वर्ग, किसानों और ग्रामीण भारत की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरता। उन्होंने कहा कि बजट में राजस्थान के लिए कोई विशेष योजना, कोई बड़ा प्रोजेक्ट और कोई ठोस राहत नहीं दी गई।
डोटासरा ने कहा कि अगर विधानसभा चुनावों के समय की तरह इस बजट में भी “पर्ची” मिल जाती, तो शायद राजस्थान को कुछ तो मिलता, लेकिन इस बार तो स्थिति पूरी तरह शून्य रही।
मुख्यमंत्री के 60 दिल्ली दौरे, फिर भी खाली हाथ
पीसीसी चीफ ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पिछले दो वर्षों में कम से कम 60 बार दिल्ली गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की, लेकिन इसके बावजूद राजस्थान के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं ला पाए।
डोटासरा ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री हाल ही में भी केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर लौटे हैं, लेकिन राज्य को आखिर मिला क्या? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने दिल्ली में जितनी बार दौरे किए, उतनी बार राजस्थान के लोगों को उम्मीदें बंधीं, लेकिन हर बार निराशा हाथ लगी।
पर्यटन, जल जीवन मिशन और ERCP पूरी तरह गायब
डोटासरा ने कहा कि राजस्थान में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, इसके बावजूद बजट में पर्यटन को लेकर कोई विशेष पैकेज नहीं दिया गया। जल जीवन मिशन को लेकर कांग्रेस लगातार विशेष सहायता की मांग कर रही थी, लेकिन बजट में उसका भी कोई जिक्र नहीं है।
उन्होंने कहा कि ERCP (पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना), मानगढ़ धाम, NCRP राष्ट्रीय परियोजना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी बजट पूरी तरह मौन रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद राजस्थान में आकर कई परियोजनाओं की घोषणाएं की थीं, लेकिन बजट में उनका कोई प्रतिबिंब नहीं दिखा।
इनकम टैक्स स्लैब में भी राहत नहीं
पीसीसी चीफ ने कहा कि कर्मचारी वर्ग को इनकम टैक्स स्लैब में राहत की उम्मीद थी, लेकिन इस बजट में उसमें भी कोई बदलाव नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी पहले से ही महंगाई से जूझ रहे हैं और उनका वेतन 15 दिन में ही खत्म हो जाता है, ऐसे में बजट से राहत की उम्मीद थी।
डोटासरा ने कहा कि बजट ने मध्यम वर्ग को भी पूरी तरह निराश किया है।
शेयर बाजार गिरा, बजट पर भरोसा टूटा
डोटासरा ने शेयर बाजार में आई गिरावट का जिक्र करते हुए कहा कि बजट के बाद बाजार का धड़ाम से गिरना यह साबित करता है कि बजट लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। उन्होंने कहा कि अगर कोई बजट अच्छा होता है, तो उसका सकारात्मक असर बाजार में दिखता है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने 1 साल में 2 करोड़ लोगों को रोजगार देने का दावा किया था, लेकिन बजट में रोजगार को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई।
बांसवाड़ा रेल परियोजना पर भी चुप्पी
डोटासरा ने कहा कि बांसवाड़ा रेल परियोजना को लेकर राजस्थान के लोग लंबे समय से उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन इस बजट में उसके लिए भी कोई घोषणा नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यह बजट राजस्थान की जरूरतों से पूरी तरह कटा हुआ है।
मुख्यमंत्री से सीधे सवाल

पीसीसी चीफ ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सीधे सवाल पूछते हुए कहा कि आपने दो साल में 60 बार दिल्ली जाकर क्या हासिल किया? किसान की आय दोगुनी करने की बात की गई थी, लेकिन किसानों पर तो दोहरी मार पड़ गई है।
उन्होंने कहा कि जब किसी देश के बजट के बाद शेयर बाजार गिरता है, तो साफ है कि जनता की अपेक्षाएं पूरी नहीं हुईं।
चुनावी राज्यों को प्राथमिकता का आरोप
डोटासरा ने आरोप लगाया कि बजट में केवल तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केरल जैसे राज्यों पर फोकस किया गया है, जहां आगामी समय में चुनाव होने हैं। राजस्थान में अभी तीन साल तक चुनाव नहीं हैं, इसलिए राज्य को नजरअंदाज कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि राजस्थान के लोग जीएसटी के जरिए जो टैक्स देते हैं, उस पर उनका हक है, लेकिन उसके अनुपात में राज्य को कुछ भी नहीं मिला।
2047 के वादों पर भी तंज
भाजपा नेताओं द्वारा बजट को बेहतरीन बताए जाने पर डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को अपनी राजनीति बचाने के लिए ऐसा कहना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता और मुख्यमंत्री बस यही कहेंगे कि 2047 में भारत विकसित हो जाएगा, लेकिन आज की समस्याओं का कोई समाधान नहीं है।
“राजस्थान को जानबूझकर किया गया नजरअंदाज”
डोटासरा ने अंत में कहा कि राजस्थान को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया है। बजट में न किसान को राहत, न रोजगार, न पर्यटन और न ही जल संकट से जूझ रहे राजस्थान के लिए कोई ठोस घोषणा है। उन्होंने कहा कि यह बजट राजस्थान की जनता के साथ अन्याय है।

