Bilaspur News : प्रार्थना सभा में धर्मांतरण, पास्टर गिरफ्तार, पुलिस ने किया केस दर्ज और रिमांड
बिलासपुर (Bilaspur) में प्रार्थना सभा के बहाने धर्मांतरण कराने वाले पास्टर रामकुमार केंवट को पुलिस ने गिरफ्तार किया। स्वास्थ्य और भोजन का लालच देकर महिलाओं को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने के आरोप में उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। पुलिस ने मामले में धारा 299 के तहत केस दर्ज किया।
बिलासपुर (Bilaspur ) में प्रार्थना सभा के बहाने धर्मांतरण का मामला
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रविवार को एक बड़ा मामला सामने आया। पुलिस ने प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण कराने वाले पास्टर को गिरफ्तार किया। यह घटना मस्तूरी थाना क्षेत्र के मल्हार चौकी इलाके में हुई। जानकारी मिली कि पास्टर रामकुमार केंवट अपने घर पर बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों को बुलाकर धार्मिक सभा आयोजित कर रहा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सभा में बुलाए गए लोगों को स्वास्थ्य लाभ और भोजन का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा रहा था। इस सूचना पर मल्हार पुलिस की टीम ने तुरंत कार्रवाई की और मौके पर दबिश दी।
स्वास्थ्य और भोजन का लालच देकर धर्मांतरण का प्रयास
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि पास्टर रामकुमार केंवट लोगों को यह विश्वास दिला रहा था कि विशेष प्रार्थना से उनकी पुरानी बीमारियां ठीक हो जाएंगी। साथ ही उन्हें मुफ्त भोजन और अन्य भौतिक लाभ भी दिए जा रहे थे।
मौके पर उपस्थित महिलाओं और युवतियों ने बताया कि उन्हें धार्मिक सभा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया था। इस प्रकार की गतिविधियों से यह स्पष्ट होता है कि पास्टर धर्मांतरण को प्रलोभन और मानसिक दबाव के जरिए अंजाम दे रहा था।
पुलिस ने किया तत्काल गिरफ्तार

मल्हार पुलिस (Bilaspur)ने तुरंत प्रार्थना सभा को बंद कराया और पास्टर रामकुमार केंवट को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ पूणेन्द्र शर्मा की रिपोर्ट पर बीएनएस की धारा 299 के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहाँ उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों पर वे सख्ती से नजर रखेंगे और किसी भी तरह के जबरन धर्मांतरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
मल्हार थाना प्रभारी और डीएसपी लालचंद मोहिले ने बताया कि धार्मिक सभा की आड़ में समाज के कमजोर वर्ग को बहकाने का प्रयास गंभीर मामला है। प्रशासन ने स्थानीय समुदाय को आश्वासन दिया कि इस तरह की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी गतिविधियों की सूचना मिलते ही तत्काल जांच की जाएगी और दोषियों को कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा।
धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण

धर्मांतरण के इस प्रयास ने स्थानीय समुदाय में चिंता और आक्रोश पैदा किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य और भोजन जैसे भौतिक प्रलोभनों के जरिए धर्मांतरण करना गैरकानूनी और असामाजिक है। पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ की, तब पता चला कि सभा में आसपास के हिंदू लोगों को बड़ी संख्या में बुलाया गया था। रामकुमार केवट लोगों को यह विश्वास दिला रहा था कि विशेष प्रार्थना से उनकी पुरानी बीमारियां ठीक हो जाएंगी। साथ ही उन्हें भोजन और अन्य भौतिक लाभ का प्रलोभन भी दिया जा रहा था।
वहीं, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे इस प्रकार के धार्मिक प्रलोभनों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना प्रशासन को दें।
निष्कर्ष
बिलासपुर में प्रार्थना सभा के बहाने धर्मांतरण का यह मामला स्पष्ट करता है कि कुछ लोग सामाजिक और धार्मिक विश्वासों का गलत फायदा उठाकर लोगों को बहका रहे हैं। पुलिस की तत्परता और कार्रवाई ने इसे रोका, लेकिन भविष्य में सावधानी बरतना और जागरूकता फैलाना आवश्यक है।
इस घटना से यह संदेश जाता है कि कानून और प्रशासन हर नागरिक की सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए सतर्क हैं।

