Bihar Jeevika Diidis Go Digital: सरकार का मास्टर प्लान महिलाओं को डिजिटल उद्यमी बनाएगा
Bihar Jeevika Diidis Go Digital: बिहार सरकार का नया मास्टर प्लान जीविका दीदियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ेगा। व्हाट्सएप, सोशल मीडिया और तकनीक के माध्यम से उत्पादों की बिक्री बढ़ेगी। ग्रामीण स्तर पर पैकेजिंग और मार्केटिंग सुविधा विकसित कर दीदियों को सीधे रोजगार और मुनाफा मिलेगा।
Bihar Jeevika Diidis Go Digital: बिहार में जीविका दीदियों के लिए नया डिजिटल मास्टर प्लान
बिहार सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। नए साल में राज्य सरकार Jeevika Diidis को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने का महत्वाकांक्षी मास्टर प्लान लेकर आ रही है। इस योजना के तहत जीविका दीदियों के उत्पादों को गांव से शहर और शहर से देश-विदेश तक पहुंचाने की सुविधा विकसित की जाएगी।
डिजिटल प्लेटफॉर्म और सूचना तंत्र

योजना के अंतर्गत व्हाट्सएप ग्रुप, सोशल मीडिया और अन्य सूचना तकनीक का इस्तेमाल कर एक मजबूत सूचना तंत्र विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से उत्पादन, बिक्री और बाजार से जुड़ी हर जानकारी समय पर जीविका दीदियों तक पहुंच सकेगी।
ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जीविका दीदी को डिजिटल माध्यम से जोड़ा जाए। इससे उनके उत्पादों को सही मूल्य और व्यापक बाजार मिलेगा।
उत्पादों का देश-विदेश तक पहुंचाना
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि योजना के माध्यम से बिहार में बने उत्पादों की पहुंच न केवल राज्य और देश में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार तक भी संभव होगी।
जीविका के CEO हिमांशु शर्मा ने बताया कि सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अब तक 1.56 करोड़ जीविका दीदियों को रोजगार शुरू करने के लिए सहयोग राशि दी जा चुकी है। भविष्य में उन्हें दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता देने की योजना है, ताकि उनका व्यवसाय और विस्तारित हो सके।
पैकेजिंग और स्थानीय मार्केटिंग
प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बैठक में जोर दिया कि जीविका दीदियों और किसानों द्वारा तैयार उत्पादों की पैकेजिंग और बिक्री सुविधा ग्रामीण स्तर पर उपलब्ध कराई जाए। इससे उत्पादों की गुणवत्ता बनी रहेगी और बाजार में उनकी पहचान मजबूत होगी। Bihar Jeevika, Bihar Government Scheme
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ब्लॉक स्तर पर कम से कम एक पैकेजिंग हाउस स्थापित करने की योजना तैयार की जाए।
अन्य सरकारी योजनाओं की समीक्षा
![]()
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मुख्यमंत्री आवास योजना, लोहिया स्वच्छ बिहार मिशन, मनरेगा और जल जीवन हरियाली मिशन सहित अन्य योजनाओं की प्रगति भी देखी गई।
अधिकारियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी विस्तार से दी और सुझाव दिए कि तकनीक का अधिकतम इस्तेमाल कर प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
महिला रोजगार और आत्मनिर्भरता
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि महिलाओं को डेयरी उद्योग, पशुपालन और अन्य कृषि संबंधी व्यवसायों से जोड़ा जाए। रोजगार के इच्छुक महिलाओं को बैंकों से ऋण उपलब्ध कराने और मनरेगा के तहत मानव दिवस सृजन बढ़ाने के उपायों पर भी विचार किया गया।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत कुआं, पोखर और तालाबों के संरक्षण-संवर्धन, पौधरोपण और स्वच्छता कर्मियों के मानदेय बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
तकनीक के माध्यम से डिजिटल उद्यमिता
प्रधान सचिव ने बैठक के अंत में स्पष्ट किया कि स्थानीय स्तर पर बाजार और पैकेजिंग सुविधा विकसित कर जीविका दीदियों को सीधे रोजगार और मुनाफे से जोड़ा जाए।
इस योजना से महिलाएं सच मायने में डिजिटल उद्यमी बन सकेंगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पादों की बिक्री और विपणन आसान होगा, जिससे ग्रामीण महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित होगा।
बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी पहल
इस योजना के साथ बिहार सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक नई राह खोली है। डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल कर वे न केवल अपने उत्पाद बेच पाएंगी, बल्कि व्यवसाय के आधुनिक तरीके सीखेंगी और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाएंगी।

