बरेली | Cyber Fraud का बड़ा खुलासा, 1.88 करोड़ की ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाला गिरोह बेनकाब
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में Cyber Fraud के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना भुता पुलिस ने इंश्योरेंस के नाम पर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार Cyber अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद नवी, फरमान, मोहम्मद अकरम और आरिफ के रूप में हुई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों को अपना शिकार बना चुका था।
![]()
Cyber Fraud: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी मोबाइल फोन के माध्यम से आम नागरिकों से संपर्क करते थे और खुद को नामी बीमा कंपनियों का अधिकृत एजेंट बताते थे। बातचीत के दौरान वे बीमा पॉलिसी से जुड़े बोनस, रिफंड या अतिरिक्त लाभ मिलने का झांसा देते थे। भरोसा जीतने के बाद पीड़ितों से कहा जाता था कि लाभ पाने के लिए कुछ शुल्क या प्रोसेसिंग अमाउंट ऑनलाइन जमा करना होगा। जैसे ही पीड़ित रकम ट्रांसफर करता, आरोपी संपर्क तोड़ लेते और पैसा हड़प लिया जाता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी से प्राप्त धनराशि को सीधे अपने निजी खातों में न रखकर, आरोपियों ने फर्जी तरीके से खुलवाए गए कई बैंक खातों में ट्रांसफर किया। इसके बाद अपनी कथित फर्जी कंपनियों के नाम से बिल, रसीदें और दस्तावेज तैयार किए जाते थे, ताकि पैसों को वैध लेन-देन के रूप में दिखाया जा सके। इस तरीके से वे जांच एजेंसियों की नजरों से बचने की कोशिश करते थे और ठगी की रकम को अलग-अलग माध्यमों से आगे ट्रांसफर कर देते थे।
Cyber Fraud: थाना भुता पुलिस द्वारा की गई अब तक की जांच में करीब 1 करोड़ 88 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक ऐसे बैंक खाते को भी फ्रीज किया है, जिसमें करीब 10 लाख रुपये की संदिग्ध राशि जमा पाई गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक खाता है, जबकि गिरोह द्वारा इस्तेमाल किए गए अन्य खातों और डिजिटल लेन-देन की भी गहन जांच की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि ठगी की कुल रकम इससे भी अधिक हो सकती है।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह केवल चार लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार अन्य जिलों और राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या ई-मेल के जरिए अगर बीमा बोनस, रिफंड या अतिरिक्त लाभ का लालच दिया जाए तो सावधान रहें। बिना पूरी जानकारी और आधिकारिक पुष्टि के किसी भी खाते में पैसा ट्रांसफर न करें। साथ ही, इस तरह की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या Cyber Fraud सेल को दें।

फिलहाल, थाना भुता पुलिस की इस कार्रवाई को Cyber Fraud के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने फर्जी सिम कार्ड और दस्तावेज किन माध्यमों से हासिल किए और इसमें किसी एजेंट या बैंक कर्मी की भूमिका तो नहीं रही। साइबर टीम कॉल डिटेल रिकॉर्ड, आईपी एड्रेस और डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ सकती है, इसलिए अन्य राज्यों की पुलिस और साइबर सेल से भी समन्वय किया जा रहा है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

