Bhopal Updates : नाबालिग छात्रा दुष्कर्म-ब्लैकमेलिंग केस, FIR के बाद तबीयत बिगड़ी, SIT जांच जारी
Bhopal Updates : 11वीं की नाबालिग छात्रा द्वारा दर्ज दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग मामले में एफआईआर के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और चार दिन अस्पताल में भर्ती रही। SIT जांच कर रही है, आरोपियों से पूछताछ जारी है। कई वाहन जब्त किए गए, मोबाइल बरामदगी और फोरेंसिक जांच की प्रक्रिया जारी।
Bhopal Updates : नाबालिग छात्रा दुष्कर्म-ब्लैकमेलिंग केस
FIR दर्ज कराने के बाद बिगड़ी तबीयत
भोपाल में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा द्वारा दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग की शिकायत दर्ज कराने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार, एफआईआर के बाद से वह मानसिक रूप से अत्यधिक तनाव में थी। डॉक्टरों की सलाह पर उसे चार दिन तक अस्पताल में भर्ती रखना पड़ा।
रविवार को हालत में सुधार के बाद छात्रा को डिस्चार्ज कर दिया गया। फिलहाल वह घर पर आराम कर रही है और पुलिस उसके बयान दर्ज करने की प्रतीक्षा कर रही है।
SIT कर रही है मामले की जांच
मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को सौंपी गई है। SIT प्रमुख अंकिता खातरकर ने बताया कि एक आरोपी को न्यायालय से रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ के दौरान आरोपी मोबाइल फोन के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहा है।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने मोबाइल को अलग-अलग स्थानों पर खोने या नष्ट करने की बातें कही हैं। मोबाइल की बरामदगी के प्रयास लगातार जारी हैं। मोबाइल मिलने के बाद उसका फोरेंसिक परीक्षण कराया जाएगा।
चार वाहन जब्त, थार से धारदार हथियार बरामद
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चार वाहन जब्त किए हैं, जिनमें मारूति सियाज, स्विफ्ट, होंडा सिटी और एक काले कांच वाली थार शामिल है। पुलिस के अनुसार थार वाहन से एक धारदार हथियार बरामद हुआ है। इसके आधार पर आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इन वाहनों का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में और कितनी बार किया गया।
पीड़िता के आरोप: कार में दुष्कर्म, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल
एफआईआर में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने अलग-अलग समय पर कार में उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि घटना का वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी दी गई और पैसों की मांग की गई।
पुलिस का कहना है कि एफआईआर में लगाए गए सभी आरोपों की पुष्टि साक्ष्यों और जांच के बाद ही की जाएगी। फिलहाल तकनीकी साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच पर जोर दिया जा रहा है।
होटल की बजाय कार का इस्तेमाल क्यों?
SIT यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने होटल की बजाय वाहनों का इस्तेमाल क्यों किया। पुलिस के मुताबिक, होटल से सूचना लीक होने और हिंदू संगठनों तक जानकारी पहुंचने के डर से आरोपी कार में ही वारदात को अंजाम देते थे।
इस संबंध में आरोपी के बयानों और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।
धर्म परिवर्तन के आरोप भी जांच के दायरे में

एफआईआर में पीड़िता ने धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया है। इस पहलू की भी अलग से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
2 फरवरी को कोहेफिजा पुलिस थाना में मामला दर्ज किया गया था। 3 फरवरी को आरोपी ओसाफ अली खान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। 8 फरवरी को दूसरे आरोपी माज खान को भी गिरफ्तार किया गया।
अन्य पीड़िताओं की कोई पुष्टि नहीं

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी अन्य पीड़िता की शिकायत सामने नहीं आई है। आरोपी से पूछताछ में उसने अन्य वारदातों में शामिल होने से इनकार किया है। हालांकि, पुलिस ने कहा है कि यदि कोई नई शिकायत आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मोबाइल बरामदगी पर जोर
SIT प्रमुख अंकिता खातरकर ने बताया कि माज खान का मोबाइल फोन अभी तक जब्त नहीं हो सका है। आरोपी लगातार गुमराह कर रहा है। मोबाइल बरामद होने के बाद डिजिटल फोरेंसिक जांच से महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की संभावना है।
पृष्ठभूमि और अन्य कड़ियां
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी माज का बड़ा भाई मोनिस मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में जमानत पर है। उसके संबंध कथित आपराधिक गिरोहों से भी जुड़े होने की बात जांच में सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान मामले की जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही की जाएगी।
आगे की कार्रवाई
SIT का कहना है कि पीड़िता की सेहत सामान्य होते ही उसका विस्तृत बयान दर्ज किया जाएगा। मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस सतर्कता के साथ जांच कर रही है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

