Basti Updatates : घूसखोर बाबू गिरफ्तार, वायरल वीडियो से खुला एरियर भुगतान में कमीशनखोरी का मामला
एरियर भुगतान के नाम पर रिश्वत मांगने का मामला आया सामने
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। विक्रमजोत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तैनात प्रधान लिपिक पर एरियर भुगतान के बदले कमीशन मांगने का आरोप लगा है।
बताया जा रहा है कि एक महिला स्वास्थ्यकर्मी से बकाया एरियर जारी कराने के बदले 10 प्रतिशत कमीशन मांगा गया। मामला उस समय सुर्खियों में आ गया जब रिश्वत लेते हुए प्रधान लिपिक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने की गिरफ्तारी

मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। रविवार को आरोपी प्रधान लिपिक प्रदीप श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार महिला स्वास्थ्यकर्मी की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद जांच करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया गया।
इस मामले में पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस तरह की वसूली पहले भी की जाती रही है या नहीं।
महिला स्वास्थ्यकर्मी से मांगा गया था 10 प्रतिशत कमीशन
जानकारी के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग की कर्मचारी सुनीता वर्मा का एरियर लंबे समय से लंबित था। इस संबंध में अदालत से भी भुगतान का आदेश जारी हो चुका था।
इसके बावजूद भुगतान प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही थी। आरोप है कि विक्रमजोत सीएचसी में तैनात प्रधान लिपिक प्रदीप श्रीवास्तव ने एरियर जारी कराने के लिए 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी।
पीड़िता के अनुसार बिना कमीशन दिए भुगतान जारी करने से साफ इनकार कर दिया गया था।
दो किस्तों में लिए गए 45 हजार रुपये

सुनीता वर्मा ने बताया कि आरोपी प्रधान लिपिक ने उन पर लगातार दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि जब तक कमीशन नहीं दिया जाएगा तब तक एरियर भुगतान संभव नहीं होगा।
पीड़िता के मुताबिक उन्होंने मजबूरी में आरोपी को दो किस्तों में कुल 45 हजार रुपये दिए। पहली बार 25 हजार रुपये और दूसरी बार 20 हजार रुपये दिए गए।
इसके बावजूद आरोपी शेष रकम की मांग करता रहा। उसका कहना था कि जब तक पूरी 10 प्रतिशत कमीशन राशि नहीं दी जाएगी तब तक भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी।
वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप
मामला उस समय गंभीर हो गया जब कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए प्रधान लिपिक का वीडियो सामने आ गया।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
इसके बाद पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई और तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई।
सीएमओ ने भेजी निलंबन की संस्तुति
मामले की जानकारी मिलने के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव निगम ने आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की।
उन्होंने शासन को आरोपी के निलंबन की संस्तुति भेज दी। बताया जा रहा है कि उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश के बाद इस मामले में त्वरित कार्रवाई की गई।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से आरोपी बाबू को निलंबित कर दिया गया।
पुलिस कर रही मामले की गहन जांच
क्षेत्राधिकारी हरैया स्वर्णिमा सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। यदि जांच में किसी और की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं और विभाग की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा तेज हो गई है।
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