Bareilly News Updates : दंगा प्रकरण में पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश, आरोपी फरार; गिरफ्तारी के लिए तेज हुई कार्रवाई
Bareilly News Updates : बरेली दंगा प्रकरण में पुलिस ने नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया है। थाना इज्जतनगर क्षेत्र में ताबड़तोड़ दबिश के बावजूद आरोपी फरार मिले। पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर छापेमारी जारी रखी है और जल्द कुर्की की कार्रवाई की तैयारी भी शुरू कर दी है।
Bareilly News Updates : दंगा प्रकरण में पुलिस का सख्त रुख, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज
बरेली में दंगा प्रकरण को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने के उद्देश्य से पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
थाना इज्जतनगर क्षेत्र की पुलिस ने इंस्पेक्टर संजय धीर के नेतृत्व में देर शाम शहर के विभिन्न इलाकों में ताबड़तोड़ दबिश दी। विशेष रूप से फरीदापुर चौधरी क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई सबसे अधिक केंद्रित रही। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही सभी आरोपी अपने घरों से फरार हो चुके थे, जिससे उनकी गिरफ्तारी फिलहाल नहीं हो सकी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की तलाश में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा, मामले की बढ़ी संवेदनशीलता
पुलिस के अनुसार इस मामले में मुकदमा अपराध संख्या 489/2025 व 1146/2025 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है, जो इस मामले की गंभीरता को दर्शाती हैं।
इन धाराओं में 147 (दंगा), 148 (घातक हथियार के साथ दंगा), 149 (सामूहिक अपराध), 188 (सरकारी आदेश की अवहेलना), 353 (सरकारी कर्मचारी पर हमला), 332 (सरकारी कार्य में बाधा), 307 (हत्या का प्रयास), 427 (नुकसान पहुंचाना) और 34 (समान उद्देश्य) शामिल हैं।
इसके साथ ही सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धाराएं भी आरोपियों पर लगाई गई हैं। इन धाराओं के तहत दोष सिद्ध होने पर कठोर सजा का प्रावधान है, जिससे स्पष्ट है कि पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है।
दबिश के दौरान घरों की तलाशी, परिजनों से पूछताछ
पुलिस टीम ने दबिश के दौरान आरोपियों के घरों की गहन तलाशी ली, लेकिन कोई भी आरोपी मौके पर नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। उनकी लोकेशन का पता लगाने के लिए तकनीकी साधनों का भी सहारा लिया जा रहा है। मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल माध्यमों से आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
इस अभियान के तहत पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जिन्हें विभिन्न स्थानों पर भेजा गया है।
आसपास के जिलों में अलर्ट, भागने के रास्तों पर नजर
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए आसपास के जिलों में भी अलर्ट जारी कर दिया है। इसका उद्देश्य यह है कि आरोपी किसी अन्य जिले या राज्य में भाग न सकें।
पुलिस चौकियों और चेक पोस्ट पर निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच की जा रही है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे प्रमुख स्थानों पर भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान पूरी तरह से कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
आरोपियों को शरण देने वालों पर भी होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस ने फरार आरोपियों से जुड़े लोगों को कड़ी चेतावनी दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति ने आरोपियों को शरण दी या किसी भी प्रकार से उनकी मदद की, तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे लोगों के खिलाफ भी संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। पुलिस ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी को आरोपियों के ठिकाने के बारे में जानकारी हो, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
जल्द हो सकती है कुर्की की कार्रवाई, प्रशासन ने शुरू की तैयारी
पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि यदि आरोपी जल्द ही स्वयं हाजिर नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों के मुताबिक अगले दो दिनों के भीतर और अधिक सख्त कदम उठाए जा सकते हैं, जिसमें संपत्ति कुर्क करने जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है। यह कदम आरोपियों पर दबाव बनाने और उन्हें जल्द आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से उठाया जा सकता है।
क्षेत्र में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था, लगातार हो रही गश्त
दंगा प्रकरण के बाद से ही क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई थी, जिसे देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और लगातार गश्त की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी है। किसी भी प्रकार की अफवाह या गलत सूचना फैलने से रोकने के लिए सोशल मीडिया की भी निगरानी की जा रही है।
पुलिस की अपील: अफवाहों से बचें, संदिग्ध गतिविधि की तुरंत दें जानकारी
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से साफ संकेत मिल रहा है कि दंगा प्रकरण में शामिल आरोपियों पर जल्द ही शिकंजा कस सकता है और कानून के तहत उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।

