Bareilly News : महिलाओं पर आपत्तिजनक बयान से सियासी घमासान, सपा नेता कमल साहू ने भाजपा पर बोला हमला
Bareilly News : उत्तराखंड मंत्री के पति गिरधारी लाल साहू के महिलाओं पर आपत्तिजनक बयान से देशभर में आक्रोश। सपा नेता कमल साहू ने भाजपा से निष्कासन और मंत्री रेखा आर्या की बर्खास्तगी की मांग की। आपराधिक इतिहास, राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आगे की कार्रवाई पर पूरी रिपोर्ट।
Bareilly News : एक बयान और देशभर में उबाल
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी द्वारा महिलाओं को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान ने राष्ट्रीय स्तर पर तीखी बहस और आक्रोश को जन्म दिया है। “20 से 25 हजार में बिहार में लड़कियां मिल जाती हैं” जैसे शब्दों को न सिर्फ अशोभनीय बल्कि महिलाओं की गरिमा, सम्मान और मानवाधिकारों पर सीधा हमला बताया जा रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राजनीतिक दलों, महिला संगठनों और आम नागरिकों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
Bareilly News वीडियो वायरल होते ही बढ़ा राजनीतिक दबाव
जैसे ही बयान का वीडियो वायरल हुआ, बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड तक विरोध की आवाजें तेज हो गईं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हजारों यूजर्स ने कड़ी कार्रवाई की मांग की। महिला संगठनों ने इसे मानसिक विकृति करार देते हुए आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की अपील की। कई जगहों पर प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपे जाने की भी खबरें सामने आईं।
सपा नेता कमल साहू का तीखा हमला
समाजवादी पार्टी के नेता कमल साहू ने इस पूरे मामले में भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बयान केवल एक व्यक्ति की सोच नहीं, बल्कि सत्ता के संरक्षण में पनप रही महिला विरोधी मानसिकता का प्रतीक है। कमल साहू ने मांग की कि भाजपा को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए गिरधारी लाल साहू को तत्काल पार्टी से निष्कासित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर भाजपा और प्रधानमंत्री वास्तव में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” और महिला सशक्तीकरण के नारों में विश्वास करते हैं, तो ऐसे व्यक्ति को पार्टी में बनाए रखना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
Bareilly News मंत्री रेखा आर्या की बर्खास्तगी की मांग
कमल साहू ने आगे कहा कि केवल गिरधारी लाल साहू ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या को भी नैतिक आधार पर तुरंत पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, एक मंत्री के परिवार से जुड़े व्यक्ति का ऐसा बयान सरकार की संवेदनशीलता और महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरकार महिलाओं के सम्मान को लेकर गंभीर है, तो उसे एक उदाहरण प्रस्तुत करना होगा, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह का बयान देने से पहले सौ बार सोचे।
संपत्ति जांच और बुलडोजर कार्रवाई की मांग
सपा नेता कमल साहू ने मामले को और गंभीर बताते हुए कहा कि इस तरह की मानसिकता रखने वाले लोगों द्वारा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अर्जित की गई संपत्तियों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में संपत्तियां अवैध पाई जाती हैं, तो उन पर सख्त कार्रवाई करते हुए बुलडोज़र चलाया जाना चाहिए।
कमल साहू ने इसे कानून के राज और सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए कहा कि महिलाओं का अपमान करने वालों के साथ किसी भी तरह की नरमी नहीं होनी चाहिए।
साहू–राठौर समाज को लेकर स्पष्ट संदेश
विवाद के बीच कमल साहू ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि इस पूरे मामले का साहू–राठौर समाज से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि साहू–राठौर समाज हमेशा से नारी सम्मान, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक समानता की विचारधारा का समर्थक रहा है।
उन्होंने देशवासियों से अपील की कि किसी एक व्यक्ति के बयान के आधार पर पूरे समाज को बदनाम न किया जाए और समाज व व्यक्ति के बीच स्पष्ट अंतर किया जाए।
भाजपा पर महिला सुरक्षा के दावों पर सवाल
कमल साहू ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि उसके शासन में महिलाओं के प्रति असंवेदनशील और आपराधिक सोच रखने वाले लोगों को संरक्षण मिलता रहा है। उन्होंने कुलदीप सिंह सेंगर जैसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण भाजपा के महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोलते हैं।
उनका कहना था कि जब तक सत्ता में बैठे लोग कड़े और निष्पक्ष निर्णय नहीं लेंगे, तब तक महिलाओं के खिलाफ अपराध और अपमान की घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं।
Bareilly News गिरधारी लाल साहू का आपराधिक इतिहास
इस विवाद के बीच गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, वे उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के निवासी हैं। बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र में उनके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज रहे हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उनके विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है और बारादरी थाने में उनकी हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। वे थाने के पंजीकृत हिस्ट्रीशीटर बताए जाते हैं। इसके अलावा, उनके खिलाफ हत्या का एक मामला भी दर्ज है, जो वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
पुलिस का आधिकारिक बयान
बारादरी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर धनंजय पांडे ने बताया कि पप्पू गिरधारी के खिलाफ पूर्व में कई गंभीर मुकदमे दर्ज रहे हैं। हालांकि वर्तमान समय में उनके खिलाफ कोई नया मामला दर्ज नहीं है, लेकिन उनका आपराधिक रिकॉर्ड थाने के अभिलेखों में सुरक्षित है।
पुलिस के अनुसार, पुराने मामलों की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
माफी और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
विवाद बढ़ने के बाद गिरधारी लाल साहू ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि वे देश की सभी बहन-बेटियों का सम्मान करते हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर लोगों ने इस माफी को औपचारिक और दबाव में दी गई बताते हुए खारिज कर दिया।
कई यूजर्स ने कहा कि केवल माफी से मामला खत्म नहीं होना चाहिए, बल्कि कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई भी होनी चाहिए।
भाजपा की प्रतिक्रिया
मामले पर भाजपा प्रवक्ता ने भी प्रतिक्रिया दी और बयान को “एक व्यक्ति के मानसिक दिवालियापन” का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं का अपमान करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि पार्टी स्तर पर अब तक किसी ठोस निर्णय की घोषणा नहीं की गई है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बढ़ते दबाव के बीच भाजपा को जल्द कोई फैसला लेना पड़ सकता है।
आगे क्या?
यह मामला अब केवल एक बयान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि महिला सम्मान, राजनीतिक नैतिकता और कानून के राज से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। देशभर की निगाहें इस पर टिकी हैं कि भाजपा और उत्तराखंड सरकार इस विवाद में क्या ठोस कदम उठाती हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या राजनीतिक दबाव के चलते पार्टी स्तर पर कार्रवाई होती है या मामला केवल बयानबाजी और माफी तक सीमित रह जाता है।


