Bareilly | Firing Case : पुलिस पर कार्रवाई, लापरवाही पर दरोगा, सिपाही और SHO सस्पेंड

Bareilly | Firing Case : बरेली के बिथरी चैनपुर में फायरिंग मामले के बाद पुलिस की लापरवाही सामने आई। SSP अनुराग आर्य ने दरोगा, सिपाही और थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया। जानिए पूरा मामला, विवाद की वजह और पुलिस कार्रवाई की पूरी जानकारी इस खबर में।
Bareilly | Firing Case : बिथरी चैनपुर फायरिंग केस: पुलिस लापरवाही पर दरोगा
उत्तर प्रदेश के Bareilly जिले के Bithri Chainpur थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना ने पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में लापरवाही सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Anurag Arya ने सख्त कार्रवाई करते हुए दरोगा, सिपाही और थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया है।
पुराना विवाद बना हिंसा की वजह
जानकारी के अनुसार, बिथरी चैनपुर क्षेत्र के पुरनापुर गांव में दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से आपसी रंजिश चल रही थी। यह विवाद एक युवती को भगाने की पुरानी घटना से जुड़ा हुआ था, जिसने समय के साथ गंभीर रूप ले लिया।
गांव में पहले से तनाव का माहौल था, लेकिन समय रहते इसे नियंत्रित नहीं किया जा सका।
4 अप्रैल को हुई मारपीट, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
4 अप्रैल को दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और मारपीट की घटना सामने आई थी। इसके बाद दोनों पक्षों ने थाना Bithri Chainpur में एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए।
हालांकि, पुलिस की ओर से इस मामले में कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके चलते विवाद और बढ़ गया।
अगले ही दिन फायरिंग, महिला घायल
5 अप्रैल को विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए और इस बार मामला फायरिंग तक पहुंच गया।
इस घटना में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल महिला को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
जांच में सामने आई पुलिस की लापरवाही
प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पुलिस ने समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए।
- उपनिरीक्षक अमरेश कुमार ने मामले की गंभीरता को नजरअंदाज किया
- बीट सिपाही आकाश ने भी समय पर रिपोर्ट नहीं दी
- उच्च अधिकारियों को सही स्थिति की जानकारी नहीं पहुंचाई गई
अगर समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई की जाती, तो इस घटना को रोका जा सकता था।
क्रॉस FIR पर भी उठे सवाल
मामले में क्रॉस FIR दर्ज करने की प्रक्रिया भी विवादों में आ गई है।
आरोप है कि:
- संदिग्ध परिस्थितियों में क्रॉस मुकदमे दर्ज किए गए
- पीड़ित पक्ष के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया
- विपक्ष से पैसे लेने के आरोप भी सामने आए हैं (हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है)
इन आरोपों ने पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
थाना प्रभारी की भूमिका भी संदिग्ध
तत्कालीन थाना प्रभारी Chandra Prakash Shukla की कार्यशैली भी जांच के घेरे में है।
उन पर आरोप है कि:
- विवाद को समय रहते नियंत्रित नहीं किया
- अधीनस्थों की कार्यवाही की निगरानी नहीं की
- संवेदनशील मामले में लापरवाही बरती
SSP अनुराग आर्य का सख्त एक्शन
पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए Anurag Arya ने कड़ा रुख अपनाया।
उन्होंने:
- दरोगा अमरेश कुमार को सस्पेंड किया
- सिपाही आकाश को सस्पेंड किया
- थाना प्रभारी चंद्र प्रकाश शुक्ला को भी तत्काल प्रभाव से हटाया
साथ ही तीनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
गांव में तनाव, पुलिस सतर्क
घटना के बाद पुरनापुर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रशासन की ओर से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
निष्कर्ष
बिथरी चैनपुर की यह घटना साफ दर्शाती है कि समय पर की गई पुलिस कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण होती है। छोटी घटनाओं को नजरअंदाज करने का परिणाम बड़े अपराध के रूप में सामने आ सकता है।
Bareilly में हुई यह घटना पुलिस व्यवस्था के लिए एक चेतावनी है कि संवेदनशील मामलों में लापरवाही की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
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