Bangladesh में नई सरकार की तैयारी, हिंदू नेता को मिल सकता है मंत्री पद
बहुमत के बाद BNP का कैबिनेट गठन

बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव में भारी बहुमत के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) नई सरकार बनाने की तैयारी में है। निर्वाचित सांसदों की आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी कर दी गई है।
मंगलवार को नवनिर्वाचित सांसद शपथ लेंगे और उसी दिन नई कैबिनेट भी शपथ ग्रहण कर सकती है।
गोयेश्वर चंद्र रॉय को मिल सकता है मंत्री पद

ढाका-3 सीट से जीत दर्ज करने वाले गोयेश्वर चंद्र रॉय को नई कैबिनेट में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। वे BNP के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं और जिया परिवार के करीबी माने जाते हैं।
रॉय 1991-1996 के दौरान खालिदा जिया की सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने पर्यावरण, वन, मत्स्य एवं पशुपालन मंत्रालयों का कार्यभार संभाला था।
हाल ही में 12 फरवरी 2026 को हुए चुनाव में उन्होंने जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार मोहम्मद शाहिनुर इस्लाम को करीब 17,000 वोटों से हराया।
अल्पसंख्यक समुदाय से 4 सांसद
इस चुनाव में चार अल्पसंख्यक सांसद संसद पहुंचे हैं—दो हिंदू और दो बौद्ध।
हिंदू नेताओं में गोयेश्वर चंद्र रॉय के अलावा निताई रॉय चौधरी भी BNP के टिकट पर विजयी हुए हैं।
बौद्ध समुदाय से साचिंग प्रू (बंदरबन) और दिपेन दीवान (रंगामाटी) चुने गए हैं। इसे अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तारिक रहमान के पास रह सकते हैं अहम मंत्रालय
सूत्रों के अनुसार, तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद के साथ रक्षा मंत्रालय और कुछ अन्य अहम मंत्रालय अपने पास रख सकते हैं।
BNP 30 से 40 सदस्यों की कैबिनेट गठित कर सकती है। इसमें पुराने अनुभवी नेता और कुछ नए चेहरे शामिल होंगे।
किन नामों पर चर्चा?
कैबिनेट गठन को लेकर कई नाम चर्चा में हैं:
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हुमायूं कबीर – संभावित विदेश मंत्री
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डॉ. रेजा किब्रिया – वित्त मंत्रालय
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आमिर खुसरो महमूद चौधरी – वाणिज्य मंत्रालय
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सलाहुद्दीन अहमद – गृह मंत्रालय
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मिर्जा अब्बास – सड़क परिवहन
मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर का नाम भी महत्वपूर्ण पद के लिए लिया जा रहा है। उन्हें भविष्य में राष्ट्रपति बनाए जाने की भी अटकलें हैं।
जिया परिवार से गहरे संबंध
गोयेश्वर चंद्र रॉय 1978 से BNP से जुड़े हैं और वर्तमान में पार्टी की स्थायी समिति के सदस्य हैं। वे खुद को ‘धरती का बेटा’ बताते हैं और कहते हैं कि बांग्लादेश में सभी नागरिक समान अधिकारों वाले हैं।
जिया परिवार के साथ उनके लंबे राजनीतिक संबंधों के चलते नई सरकार में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है।
मंत्रियों के चयन की प्रक्रिया
मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाएंगे। इसके बाद बहुमत दल का नेता राष्ट्रपति मोहम्मद शाहाबुद्दीन से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेगा।
प्रधानमंत्री मंत्रियों की सूची राष्ट्रपति को सौंपेंगे, जिसके बाद कैबिनेट डिवीजन शपथ समारोह की तैयारी पूरी करेगा।
क्या संकेत देता है यह फैसला?
यदि गोयेश्वर चंद्र रॉय को मंत्री बनाया जाता है, तो यह BNP सरकार की ओर से अल्पसंख्यक समुदाय को प्रतिनिधित्व देने का बड़ा संकेत होगा।
विश्लेषकों का मानना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सकारात्मक संदेश जाएगा और देश में समावेशी राजनीति को बढ़ावा मिलेगा।
नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद ही स्पष्ट होगा कि किसे कौन सा मंत्रालय मिलता है। फिलहाल बांग्लादेश की राजनीति में कैबिनेट गठन को लेकर चर्चाएं चरम पर हैं।