नई दिल्ली :
Anil Ambani आज दिल्ली स्थित Enforcement Directorate (ED) के दफ्तर में पेश हुए। सुबह करीब 11 बजे वे जांच एजेंसी के कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन और फंड डायवर्जन को लेकर पूछताछ की जा रही है।
यह मामला सरकारी बैंकों से उनकी कंपनियों को मिले लोन में कथित गड़बड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। जांच Central Bureau of Investigation (CBI) की 2019 की FIR के आधार पर आगे बढ़ रही है।
1. ED दफ्तर क्यों पहुंचे अनिल अंबानी?
अनिल अंबानी Reliance Communications (RCOM) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के दूसरे दौर के लिए पहुंचे हैं। आरोप है कि उनकी कंपनियों ने बैंकों से लिए गए लोन का डायवर्जन किया और विदेशी मुद्रा प्रबंधन नियमों का उल्लंघन किया।
अगस्त 2025 में भी उनसे इसी मामले में पूछताछ की गई थी।
2. कंपनियों पर कितना है कुल कर्ज?
ED के अनुसार, रिलायंस कम्युनिकेशंस और उसकी ग्रुप कंपनियों पर देशी और विदेशी बैंकों का कुल बकाया ₹40,185 करोड़ है।
इसी बड़े कर्ज और उसके उपयोग में कथित अनियमितताओं को लेकर जांच चल रही है।
3. ₹3,716 करोड़ का ‘अबोड’ बंगला क्यों कुर्क?
मुंबई के पाली हिल इलाके में स्थित 17 मंजिला आलीशान घर ‘अबोड’ को ED ने प्रोविजनल अटैच किया है। इसकी अनुमानित कीमत ₹3,716 करोड़ बताई गई है।
इस घर में हेलीपैड, जिम, स्विमिंग पूल और बड़ा लाउंज जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। यह भारत के महंगे निजी आवासों में शामिल माना जाता है।
नवंबर 2025 में इसी प्रॉपर्टी के एक हिस्से (₹473.17 करोड़) को भी कुर्क किया गया था। अब पूरी इमारत को कार्रवाई के दायरे में ले लिया गया है।
4. ‘प्रोविजनल अटैचमेंट’ का मतलब क्या?
प्रोविजनल अटैचमेंट का अर्थ है कि संबंधित संपत्ति को अस्थायी रूप से कानूनी रूप से ‘फ्रीज’ कर दिया गया है।
जांच पूरी होने तक मालिक उस संपत्ति को बेच या ट्रांसफर नहीं कर सकता। यदि कोर्ट में आरोप साबित होते हैं, तो संपत्ति स्थायी रूप से जब्त की जा सकती है।
यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत की गई है।
5. अब तक कितनी संपत्ति कुर्क?
इस केस में अब तक करीब ₹15,700 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। ED ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक धोखाधड़ी के आरोपों के तहत की है।
6. जांच में तेजी क्यों आई?
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) से जुड़े मामलों की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की गई है। बैंक धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में अब जांच तेज हो गई है।
7. क्या मुकेश अंबानी का संबंध है?
Mukesh Ambani का इस केस से कोई संबंध नहीं है। दोनों भाइयों का कारोबारी बंटवारा लगभग 20 वर्ष पहले हो चुका है। यह मामला पूरी तरह अनिल अंबानी समूह और उसकी कंपनियों से जुड़ा है।
8. आगे क्या हो सकता है?
ED अब अनिल अंबानी के बयानों और दस्तावेजों का मिलान करेगी। यदि वित्तीय गड़बड़ी के पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो आगे गिरफ्तारी या नई चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।
फिलहाल जांच जारी है और आने वाले समय में इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे संभव हैं।